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कठेरिया ने शिक्षा के भगवाकरण को देशहित में बताया,विपक्ष का बने निशाना

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RishiBy Rishi

Published on 18 Jun 2016 9:29 PM GMT

कठेरिया ने शिक्षा के भगवाकरण को देशहित में बताया,विपक्ष का बने निशाना
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लखनऊः मानव संसाधन मंत्रालय में राज्य मंत्री डॉ. रामशंकर कठेरिया का कहना है कि शिक्षा का भगवाकरण देशहित में है। शनिवार को एक कार्यक्रम में राजधानी पहुंचे कठेरिया ने ये भी कहा कि लोग सवाल उठाते हैं, लेकिन आप बताइए कि क्या हम महाराणा प्रताप की जगह चंगेज खां के बारे में पढ़वाएं। कठेरिया ने ये आरोप भी लगाया कि राजनीतिक दलों में महापुरुषों को बांटने की बीमारी है।

इस बीच, कठेरिया के बयान पर विपक्ष ने निशाना साधा है। बीएसपी के प्रदेश अध्यक्ष रामअचल राजभर ने कहा है कि यही संघ और वीएचपी की विचारधारा है। वहीं, सपा प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने कहा कि कुछ लोग भगवाकरण से अव्यवस्था पैदा करना चाहते हैं। ऐसे लोगों का संविधान में यकीन नहीं है। कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने कठेरिया के बयान को संविधान के खिलाफ बताया।

क्या बोले कठेरिया?

-लखनऊ यूनिवर्सिटी में छत्रपति शिवाजी संबंधी कार्यक्रम में हिस्सा लेने आए थे।

-केंद्रीय मंत्री ने आरोप लगाया कि नई शिक्षा नीति में यूपी सरकार सहयोग नहीं कर रही है और वह शिक्षा के क्षेत्र में जीरो है।

-कठेरिया के साथ कार्यक्रम में गवर्नर राम नाईक और मनकामेश्वर मंदिर की महंत देव्यागिरी भी मौजूद थे।

-सब पार्टियां महापुरुषों को बांट लेती हैं और उनके इतिहास को अलग-अलग चश्मे से देखती हैं।

और क्या बोले केंद्रीय मंत्री?

-कुछ लोग अंबेडकर को खुद की पार्टी का बताते हैं, जबकि महापुरुष तो पूरे देश का होता है।

-हम महापुरुषों की जीवनी पढ़ाने की अपील करते हैं, इनमें महात्मा गांधी और महाराणा प्रताप शामिल हैं।

-अगर इनकी जीवनी न पढ़वाऊं तो क्या चंगेज खां की जीवनी छात्रों को पढ़ाई जाए।

-आम आदमी पार्टी के पास बुद्धि न होने की भी बात कही।

गवर्नर-वीसी ने क्या कहा?

-गवर्नर नाईक ने कहा कि शिवाजी के बारे में कार्यक्रम शुरू हो तो हर साल किया जाए।

-उन्होंने संयोजक डॉ. संजय शुक्ल से कहा कि कार्यक्रम अगर शुरू हुआ तो बंद मत कीजिएगा।

-एलयू के वीसी प्रो. एसबी निम्से ने बताया कि यूनिवर्सिटी में शिवाजी की विशाल प्रतिमा लगाई जा रही है।

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आशीष शर्मा ऋषि वेब और न्यूज चैनल के मंझे हुए पत्रकार हैं। आशीष को 13 साल का अनुभव है। ऋषि ने टोटल टीवी से अपनी पत्रकारीय पारी की शुरुआत की। इसके बाद वे साधना टीवी, टीवी 100 जैसे टीवी संस्थानों में रहे। इसके बाद वे न्यूज़ पोर्टल पर्दाफाश, द न्यूज़ में स्टेट हेड के पद पर कार्यरत थे। निर्मल बाबा, राधे मां और गोपाल कांडा पर की गई इनकी स्टोरीज ने काफी चर्चा बटोरी। यूपी में बसपा सरकार के दौरान हुए पैकफेड, ओटी घोटाला को ब्रेक कर चुके हैं। अफ़्रीकी खूनी हीरों से जुडी बड़ी खबर भी आम आदमी के सामने लाए हैं। यूपी की जेलों में चलने वाले माफिया गिरोहों पर की गयी उनकी ख़बर को काफी सराहा गया। कापी एडिटिंग और रिपोर्टिंग में दक्ष ऋषि अपनी विशेष शैली के लिए जाने जाते हैं।

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