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गोपिया बैराज निर्माण का विरोध, सांसद सहित 38 गांव के लोग बैठे अनशन पर

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Published on 17 May 2016 3:01 PM GMT

गोपिया बैराज निर्माण का विरोध, सांसद सहित 38 गांव के लोग बैठे अनशन पर
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बहराइच: सिंचाई विभाग की ओर से बैराज की सुरक्षा के लिए बनाए जा रहे एलेक्स बांध का निर्माण नहीं रोके जाने के विरोध में मंगलवार को सांसद सावित्री बाई फुले ग्रामीणों के साथ गोपिया बैराज पहुंची। सांसद ने ग्रामीणों के साथ आमरण अनशन शुरू कर दिया है।

सांसद तटबंध का निर्माण रोकने के साथ ही ग्रामीणों पर दर्ज मुकदमा वापस लेने और थानाध्यक्ष डीपी कुशवाहा को हटाने की मांग पर अड़ी हैं। अनशन स्थल पर 38 गांवों के लोग उनके साथ जमे हैं। भीड़ के कारण बांध पर अफरा-तफरी की स्थिति रही। जबकि देर शाम तक कोई भी अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा था।

क्या है मामला ?

-नेपाल से आने वाले पानी से होने वाली तबाही को रोकने के लिए सिंचाई विभाग 11 किमी लंबे एलेक्स बांध का निर्माण कर रहा है।

-क्षेत्र के लोगों को तटबंध का निर्माण रास नहीं आ रहा है।

-इस मामले को लेकर रविवार देर रात ग्रामीणों और सहायक अभियंता के बीच विवाद हुआ था।

-अभियंता ने ग्रामीणों और सांसद सावित्री बाई फुले के समर्थकों पर हमला कर मारने-पीटने के आरोप लगाए थे।

-सहायक अभियंता ने 60 लोगों के खिलाफ मोतीपुर थाने पर केस दर्ज कराया था।

आठ हजार लोगों के साथ आई सांसद

-इस मामले में मंगलवार को सांसद सावित्री बाई फुले लगभग आठ हजार ग्रामीणों के साथ गोपिया बैराज पहुंचीं।

-भीड़ की वजह से बैराज पर अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।

-सासंद ने जिला प्रशासन पर मनमानी का आरोप लगाया।

...तो डूब जाएंगे 68 गांव

-सांसद का आरोप है कि एलेक्स तटबंध के निर्माण से 68 गांव बाढ में डूब जाएंगे।

-इन गांव में रहने वाले लोगों की सुरक्षा के लिए सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने कुछ नहीं सोचा है।

-रविवार को ग्रामीण अपनी बात कहने मौके पर पहुंचे थे लेकिन सहायक अभियंता ने फर्जी केस दर्ज करवा दिया।

-सांसद फुले का आरोप है कि मोतीपुर थानाध्यक्ष ने अब ग्रामीणों का उत्पीड़न शुरू कर दिया है।

-सहायक अभियंता की तरह ही एसओ भी निर्देशों से हटकर जिला प्रशासन के इशारे पर काम कर रहे हैं।

'निर्मित तटबंध ढहाया जाए'

सांसद सावित्री बाई फुले ने कहा, जब तक ग्रामीणों पर दर्ज केस वापस नहीं लिया जाएगा और तटबंध का निर्माण रोक कर निर्मित तटबंध को ढहाया नहीं जाएगा, तब तक अनशन खत्म नहीं होगा। सांसद ने इसके साथ ही एसओ मोतीपुर को भी तत्काल स्थानांतरित करने की आवाज उठाई।

अधिकारी सकते में

गोपिया बैराज पर इस समय लगभग आठ हजार लोग इकट्ठे हैं। दोपहर के बाद लोगों की भीड़ बढ़ने लगी है। ऐसे में पुलिस और प्रशासन के हाथ-पांव फूल रहे हैं। वहीं ग्रामीणों ने भी सांसद के साथ अनशन स्थल पर समस्या का समाधान न होने तक आंदोलन जारी रखने की हुंकार भरी है। आंदोलनकारियों में महिलाओं की संख्या सर्वाधिक है।

इकौना नगर पंचायत चेयरमैन समर्थन को पहुंचे

सांसद के आंदोलन को समर्थन देने के लिए इकौना नगर पंचायत अध्यक्ष जितेंद्र गुप्ता कार्यकर्ताओं के साथ मौके पर पहुंचे हैं। वहीं जिला मुख्यालय से भी भाजपा पदाधिकारी मौके को रवाना हुए हैं।

क्या कहना है अधिकारियों का ?

सिंचाई विभाग के अधिकारियों का कहना है कि एलेक्स बांध के निर्माण से गोपिया बैराज को नेपाल से आने वाले पानी के तेज बहाव से सुरक्षित किया जा सकेगा। इससे गांव की भी सुरक्षा होगी। वहीं ग्रामीणों का कहना है कि बांध बनने से 68 गांव पानी से डूब जाएंगे। इस मामले को लेकर छह माह से ग्रामीणों और सिंचाई विभाग के बीच कशमकश चल रही थी।

प्रशासन न झुका तो जेल भरूंगी

सांसद सावित्री बाई फुले का कहना है कि केंद्र सरकार ने तटबंध निर्माण रोकने की संस्तुति कर दी है। लेकिन प्रदेश सरकार और सिंचाई विभाग के अधिकारी जान बूझकर काम करवा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों पर जो कार्रवाई की गई है, वह गलत है। अगर जिला प्रशासन न माना तो ग्रामीणों के साथ गिरफ्तारी दे जेल भरेंगे।

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