100 करोड़ की मस्जिद! यूपी के इस शहर में 1 लाख लोग पढ़ेंगे नमाज

अयोध्या राम जन्मभूमि पर सुप्रीम कोर्ट से सुप्रीम फैसला आने के बाद बाबरी मस्जिद वाली जमीन राम लला को दे दी गई, इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने मुसलमानों को मस्जिद के लिए दूसरी जगह 5 एकड़ जमीन देने को कहा है।

सहारनपुर: अयोध्या राम जन्मभूमि पर सुप्रीम कोर्ट से सुप्रीम फैसला आने के बाद बाबरी मस्जिद वाली जमीन राम लला को दे दी गई, इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने मुसलमानों को मस्जिद के लिए दूसरी जगह 5 एकड़ जमीन देने को कहा है।

दरअसल, इस फैसले के बाद मुस्लिम संगठनों ने दूसरी जगह मस्जिद बनाने से इनकार करते हुए सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल करने का फैसला लिया गया। इस बीच उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में मुसलमानों ने 100 करोड़ की लागत से मस्जिद बनाने का फैसला लिया है। हालांकि, आपको बताते चलें कि इस मस्जिद का बाबरी मस्जिद से कोई संबंध नहीं है।

खबर है कि उत्‍तर प्रदेश के सहारनपुर में 100 करोड़ रुपये में मस्जिद बनाने का ऐलान किया गया है। इसका नाम अल्‍लाह रखा जाएगा।

दि इस्लामिक फाउंडेशन ने की प्रेसवार्ता…

इसको लेकर दि इस्लामिक फाउंडेशन ने रविवार को कहा कि इसमें एक लाख लोग एक साथ बैठकर नमाज पढ़ सकेंगे। दि इस्लामिक फाउंडेशन के पदाधिकारियों ने रविवार को एक प्रेसवार्ता के दौरान यह जानकारी दी।

आम लोगों लेंगे चंदा…

फाउंडेशन के अध्यक्ष मोहम्मद अली एडवोकेट ने कहा कि 100 करोड़ की लागत से बनने वाली इस मस्जिद को बनाने में 90 फीसदी कांच का प्रयोग किया जाएगा, जबकि 10 फीसदी हिस्‍सा प्‍लाई, स्‍टील, सोने और चांदी से बनेगा।

इसके साथ ही उन्होंने बताया कि इसके लिए वह आम लोगों से चंदा लेंगे। उनका कहना है कि देश में मुस्लिम मतदाताओं की संख्‍या करीब 10 करोड़ है। मस्जिद के निर्माण के लिए हर मुस्लिम से 10 रुपये का चंदा लिया जाएगा। साथ ही में कांच की बोतल और गिलास भी लिए जाएंगे।

2020 से होगा निर्माण…

प्रेसवार्ता में उन्‍होंने कहा कि इसका निर्माण अगले साल 2020 को शुरू कर दिया जाएगा। मस्जिद के लिए सहारनपुर में जगह तलाशी जा रही है। यह 2025 तक बनकर तैयार हो जाएगी।

उन्‍होंने यह भी कहा कि अगर कोई दूसरे धर्म का शख्‍स भी चंदा देना चाहता है तो शरीयत के अनुसार उसका प्रयोग होगा। यह सबसे अलग होगी।

खास बात यह है कि इसके निर्माण के लिए बेल्जियम से इंजीनीयर और कारीगर आएंगे। साथ ही भविष्‍य में किसी भी विवाद से बचने के लिए आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया से इसकी एनओसी ली जाएगी।

मस्जिद ये होंगी खासियत…

11 हजार लेजर लाइटों से जगमगाएगी मस्जिद, इसके साथ ही 1 लाख लोग इस मस्जिद में नमाज एक साथ पढ़ सकेंगे। आपको बता दें कि मस्जिद के चारों ओर एक हजार सुंदर भवनों का निर्माण होगा।