राजधानी में राष्ट्रीय हिन्दी विज्ञान लेखक सम्मेलन 11 अक्टूबर से

इसमें देश भर के एक हजार से भी अधिक विज्ञान में विज्ञान लेखन कार्य करने वाले उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधानसभा अध्यक्ष हदयनारायण दीक्षित होंगेें। इनके अलावा केन्द्रीय मंत्री डा महेन्द्र नाथ पाण्डेय भी कार्यक्रम में उपस्थिति रहेंगे।

Published by Aditya Mishra Published: October 10, 2019 | 8:57 pm
Modified: October 10, 2019 | 9:03 pm

लखनऊ: उत्तर प्रदेश भाषा संस्थान द्वारा नेटकेयर, नई दिल्ली एवं इस्कास एवं शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय लखनऊ के संयुक्त तत्वावधान में राष्ट्रीय विज्ञान लेखक सम्मेलन-2019, हिन्दी विज्ञान लेखन के विविध आयाम कार्यक्रम का दो दिवसीय अयोजन 11 अक्टूबर से शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय लखनऊ में किया जा रहा है।

इसमें देश भर के एक हजार से भी अधिक विज्ञान में विज्ञान लेखन कार्य करने वाले उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधानसभा अध्यक्ष हदयनारायण दीक्षित होंगेें। इनके अलावा केन्द्रीय मंत्री डॉ. महेन्द्र नाथ पाण्डेय भी कार्यक्रम में उपस्थिति रहेंगे।

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विज्ञान लेखन का कार्य हिन्दी एवं भारतीय भाषाओं मेें

यह जानकारी अध्यक्ष उप्र. भाषा संस्थान डॉ. राजनारायण शुक्ल ने दी है। उन्होंने बताया है कि वर्तमान समय में विज्ञान लेखन का कार्य हिन्दी एवं भारतीय भाषाओं मेें हो रहा है, किन्तु इस लेखन में बिखराव एवं विरलता है।

यह भी भ्रम फैलाया जाता है कि हिन्दी भाषा विज्ञान लेखन में समर्थ नहीं है। आज दुनिया में हिन्दी भाषा बोलने वाले लोगों की संख्या तीसरे और चौथे स्थान पर है।

अब यह समय आ गया है कि इस भ्रम को तोड़ा जाए। भारतीय भाषाओं के गुणों को आत्मसात कर उनके बीच संवाद सेतु बनाने वाली लोकतांत्रिक भाषा हिन्दी राष्ट्रभाषा और राजभाषा के राजनीतिक विवाद से ऊपर उठकर हिन्दी विज्ञान की भाषा है, यह संदेश इस सम्मेलन के माध्यम से दिया जायेगा।

दो दिवसीय कार्यकम के दौरान चिकित्सा में हिन्दी प्रयोग,तकनीक सूचना प्रौद्योगिकी और हिन्दी पर समूह चर्चा होगी। इसके अलावा वैज्ञानिक अनुसंधान और हिन्दी तथा विज्ञान के विविध आयामों पर पत्र लेखन तथा विराट कवि सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है।

इस अवसर पर विज्ञान कवि सम्मेलन में डां पंकज प्रसून डॉ. मधु मिश्रा क्षितिज कुमार डा रवि कांत पाण्डये समेत जाने माने कवि अपना काव्य पाठ करेंगे।

इस सम्मेलन में भारतीय भाषाओं में विज्ञान लेखन पर पर भी चर्चा होगी। इस राष्ट्रीय हिन्दी विज्ञान लेखक सम्मेलन का पंजीकरण निःशुल्क है।

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