×

Noida News: गठित कमेटी के हरी झंडी दिखाने के बाद ही कंपनी ध्वस्त करेगी दोनों टावर

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत दोनों टावरों को गिराने का काम सुपरटेक को ही करना है। नोएडा प्राधिकरण व सीबीआरआई की देखरेख में यह कार्य किया जाना है।

Deepankar Jain

Deepankar JainReport Deepankar JainDivyanshu RaoPublished By Divyanshu Rao

Published on 14 Oct 2021 3:12 PM GMT

Noida News
X

सुपर टेक टॉवर की तस्वीर (फोटो: सोशल मीडिया)

  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • koo
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • koo
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • koo

Noida News: सुपरटेक के दोनों टावरों को गिराने का काम खुद सुपरटेक (supertech tower mamla) को ही करना है। इसके लिए सोमवार को दो कंपनियां नोएडा प्राधिकरण में कार्ययोजना प्रस्तुत करेंगी। इस कार्ययोजना का अडिट व अध्ययन प्राधिकरण की और से गठित की गई टीम करेगी। जानमाल का नुकसान नहीं होने की दशा में ही आगे की कार्यवाही की जाएगी।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत दोनों टावरों को गिराने का काम सुपरटेक को ही करना है। नोएडा प्राधिकरण व सीबीआरआई की देखरेख में यह कार्य किया जाना है। इमारत को गिराने में जो भी खर्च आएगा उसका वहन भी सुपरटेक को ही करना है। इसके लिए पहली कंपनी एडिफिस इंजीनियरिंग है। यह कंपनी जल्द ही दोनों टावरों का निरीक्षण करेगी। सुपरटेक की ओर से यह कंपनी एक विशेषज्ञ है जो कि इमारतों की तकनीकी जांच करेगी।

इसके अलावा एक अन्य कंपनी भी है जो कि सोमवार को निर्माण को ध्वस्त करने की कार्ययोजना पर अपना प्रस्तुतीकरण करेगी। प्राधिकरण ने बताया कि 3० नवंबर तक दोनों टावरों को ध्वस्त करना है। सुपरटेक की चयनित कंपनी ही इन्हे ध्वस्त करेगी। यदि प्राधिकरण इसे ध्वस्त करेगा तो एक लंबा समय टेंडरिंग प्रक्रिया में लग जाएगा।

सुपर टेक टावर की तस्वीर (फोटो:सोशल मीडिया)

सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण सुरक्षा

प्राधिकरण ने बताया कि इस मामले में सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण यदि कोई बिंदु है वह सुरक्षा है। क्योंकि इमारत की ऊचाई करीब 121 मीटर है। मानकों के हिसाब से टावरों की दूरी भी सही नहीं है। एमराल्ड में 15 टावर और बने है। इन दोनों टावरों से अन्य टावरों की दूरी मानकों पर खरी नहीं है। ऐसे में दूसरी इमारतों को कोई नुकसान न हो इसका ध्यान रखना ही महत्वपूर्ण है। इस लिए कई कंपनियां प्रस्तुतीकरण दे रही हैं।सभी कंपनियों की कार्ययोजना का अडिट, गठित टीम जिसमे सीबीआरआई, इंडियन डिमोलियशन एसोसिएशन और एमबीसीसी के अधिकारी है, करेंगे। सभी तरह के सुरक्षा मानको की जांच के बाद ही कंपनी को इमारत गिराने को कहा जाएगा।

दो बार सीबीआरआई कर चुकी है निरीक्षण

इमारतों को ध्वस्त करने के लिए दो बार सीबीआरआई की टीम प्राधिकरण अधिकारियों के साथ दोनों इमारतों का निरीक्षण कर चुकी है। निरीक्षण के दौरान कई अहम जानकारी जुटाई गई है। जिसका प्रयोग इमारत के ध्वस्तीकरण की कार्ययोजना में किया जाएगा। उधर पूरे परिसर की साफ-सफाई भ्ज्ञी कराई जाएगी।

taja khabar aaj ki uttar pradesh 2021, ताजा खबर आज की उत्तर प्रदेश 2021

Divyanshu Rao

Divyanshu Rao

Next Story