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कतर्नियाघाट में 15 घोंसलों के 975 अंडों से बाहर आए 1,050 घड़ियाल

shalini

shaliniBy shalini

Published on 14 Jun 2016 10:29 AM GMT

कतर्नियाघाट में 15 घोंसलों के 975 अंडों से बाहर आए 1,050 घड़ियाल
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crocodile

बहराइच: नन्हें घड़ियालों ने कतर्निया के गेरुआ नदी में टापुओं पर दस्तक दी। मादा घड़ियालों के द्वारा सहेजे गए 15 घोंसलों से 1,050 नन्हें मेहमान निकले। इन सबको वन विभाग ने सुरक्षित गेरुआ नदी में छोड़ दिया है। इस बार तापमान के उतार-चढ़ाव से वनाधिकारी चिंतित थे, लेकिन सही समय से दो दिन पहले घोंसलों से बच्चे निकले। जिससे वन विभाग के अधिकारी भी खुश हैं।

आगे की स्लाइड में पढ़िए ,1050 घड़ियाल के जन्म की अनोखी स्टोरी

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Alligator

कतर्निया घाट संरक्षित वन क्षेत्र से होकर बहने वाली नेपाल की गेरुआ नदी घड़ियालों के कुनबों को बढ़ाने में मददगार मानी जाती है। इस समय अनुमान के मुताबिक नदी में लगभग 300 घड़ियाल मौजूद हैं। हर साल फरवरी-मार्च महीने में घड़ियाल नदी के टापू वाले स्थानों पर अंडे देकर उन्हें बालू के घोसले में सहेज देते हैं।

आगे की स्लाइड में पढ़िए 1050 घड़ियाल के जन्म की अनोखी स्टोरी

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Alligator

विशेषज्ञों की माने तो एक घोंसले में 60 से 65 अंडे होते हैं। बालुओं में ढकने के बाद मादा घड़ियाल अंडों को लेकर बेफिक्र हो जाती है। 15 जून का समय अंडों से बच्चों के निकलने का होता है। लेकिन इस बार तराई का मौसम अधिक गर्म होने के चलते दो दिन पहले ही ब्रीडिग शुरू हो गई। जिसके चलते वन विभाग के अधिकारी गदगद हैं।

आगे की स्लाइड में पढ़िए 1050 घड़ियाल के जन्म की अनोखी तस्वीर

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Alligator

कतर्नियाघाट के प्रभागीय वनाधिकारी व वन संरक्षक आशीष तिवारी ने बताया कि जब भवनियापुर घाट पर निगरानी टीम भ्रमण कर रही थी तभी कुछ घोंसलों से उन्हे चहचहाहट की आवाज सुनाई पड़ी। इस पर टीम ने अवगत कराया। वन क्षेत्राधिकारी गयादीन नाविक रामरूप और ने मौके पर पहुंचकर घोसलों को एक एक कर खोला। डीएफओ ने बताया कि 15 घोसलों से 1050 नन्हे घड़ियाल निकले। जिन्हें वन विभाग की टीम ने गेरुआ नदी में छोड़ दिया है। डीएफओ ने बताया कि इस बार मादा घड़ियालों ने 38 स्थानों पर घोंसले बनाकर अंडे सहेजे हैं। प्रतिदिन सुबह-शाम इन सभी घोसलों की निगरानी हो रही है।

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