×

कोरोना का जख्म : फेरे के कुछ घंटे बाद चली गयी दुल्हन की जान, अब बिगड़ने लगी है दूल्हे की हालत

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर-खीरी के खमरिया- में एक नवविवाहित जोड़े की जिंदगी तबाह होने का मामला सामने आया है

Sharad Awasthi
Reporter Sharad AwasthiPublished By Suman Mishra
Published on: 13 May 2021 1:45 PM IST (Updated on: 13 May 2021 3:17 PM IST)
लखीमपुर खीरी में  कोरोना से दुल्हन की मौत
X

कांसेप्ट फोटो( सौजन्य -सोशल मीडिया) 

लखीमपुर खीरी : कोरोना ( Corona) की दूसरी लहर ने भारत में पूरी तरह से तबाही ला दी है। बढ़ते संक्रमण के खतरे ने कई घरों को बर्बाद कर दिया है।कुछ इसी तरह का कोरोना से उत्तर प्रदेश के लखीमपुर-खीरी से नवविवाहित जोड़े की जिंदगी तबाह होने का मामला सामने आया है। यहां शादी के बाद को बाद कोरोना से दुल्हन की मौत हो गई है।

जानकारी के मुताबिक पिछले 30 अप्रैल को शोभित और रूबी की शादी हुई थी। ससुराल पहुंचते ही दुल्हन रूबी को तेज बुखार और सांस की तकलीफ होने लगी तो शोभित के परिवार ने दुल्हन को अस्पताल में भर्ती कराया। 10 दिनों तक अस्पताल में बहुत गंभीर हालत में रहने के बाद रूबी ने जिंदगी को अलविदा कह दिया। अब दूल्हा शोभित भी जिंदगी और मौत के बीच झूल रहा है, उसकी हालत बहुत गंभीर बनी है।

नवविवाहित जोड़े शोभित-रूबी की तस्वीर (सौजन्य- सोशल मीडिया)

बहू की मौत,बेटा लड़ रहा जंग

परिजनों का कहना है कि हालत बिगड़ती देख शोभित और उसके परिजनों ने रूबी को जिला अस्पताल में भर्ती करा दिया, जहां 10 दिनों तक रूबी की ठीक होने की जगह हालत बिगड़ती गई। कहा जा रहा है कि रूबी को दवा और ऑक्सीजन भी ठीक से नहीं मिल पाया, और नई नवेली दुल्हन अपनी जिंदगी शुरू करने से पहले ही मौत के आगोश में समा गई। अब बेटे शोभित की भी हालत गम्भीर है। शोभित अपनी नई-नवेली दुल्हन रूबी की तीमारदारी में लगा था, इसलिए उसे भी बुखार और सांस लेने की तकलीफ होने लगी।

कोरोना की दूसरी लहर देश के अधिकांश हिस्से बुरी तरह प्रभावित है। इसमें यूपी की हालत गंभीर है। यहां संक्रमण और मौत का आंकड़ा दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है।

Suman  Mishra

Suman Mishra

एस्ट्रोलॉजी एडिटर

मैं वर्तमान में न्यूजट्रैक और अपना भारत के लिए कंटेट राइटिंग कर रही हूं। इससे पहले मैने रांची, झारखंड में प्रिंट और इलेक्ट्रानिक मीडिया में रिपोर्टिंग और फीचर राइटिंग किया है और ईटीवी में 5 वर्षों का डेस्क पर काम करने का अनुभव है। मैं पत्रकारिता और ज्योतिष विज्ञान में खास रुचि रखती हूं। मेरे नाना जी पंडित ललन त्रिपाठी एक प्रकांड विद्वान थे उनके सानिध्य में मुझे कर्मकांड और ज्योतिष हस्त रेखा का ज्ञान मिला और मैने इस क्षेत्र में विशेषज्ञता के लिए पढाई कर डिग्री भी ली है Author Experience- 2007 से अब तक( 17 साल) Author Education – 1. बनस्थली विद्यापीठ और विद्यापीठ से संस्कृत ज्योतिष विज्ञान में डिग्री 2. रांची विश्वविद्यालय से पत्राकरिता में जर्नलिज्म एंड मास कक्मयूनिकेश 3. विनोबा भावे विश्व विदयालय से राजनीतिक विज्ञान में स्नातक की डिग्री

Next Story