Top

बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ के लिए एनजीओ को फंड देने पर HC ने लगाई रोक

Rishi

RishiBy Rishi

Published on 20 July 2016 7:11 PM GMT

बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ के लिए एनजीओ को फंड देने पर HC ने लगाई रोक
X
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print

लखनऊः इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने केंद्र सरकार की बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ स्कीम के लिए जारी धन को निजी एनजीओ महिला समाख्या को जारी करने पर रोक लगा दी है। जस्टिस एसएन शुक्ल और जस्टिस अनंत कुमार की बेंच ने इस मामले में एनजीओ और यूपी सरकार से 28 जुलाई तक जवाब मांगा है। इस मामले में सैयद मंसूर मिसाल जैदी ने याचिका दाखिल की थी।

याचिका में क्या कहा गया?

-याचिका में कहा गया कि केंद्र ने राज्य सरकार को सवा 4 करोड़ रुपए जारी किए।

-राज्य सरकार ने इसमें से 4 करोड़ रुपए एनजीओ महिला समाख्या को जारी कर दिए।

-आरोप है कि एनजीओ ने कोई काम नहीं किया और सभी डीएम और अफसरों ने उसे सर्टिफिकेट भी नहीं दिया।

-याचिका में आरोप लगाया गया है कि एनजीओ को गैरकानूनी तरीके से काम दिया गया और उसने रकम हड़प ली।

मुवक्किलों को बड़ी राहत

हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने सुलतानपुर और रायबरेली के हजारों वकीलों और मुवक्किलों को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने कहा है कि अमेठी के जिला बनने से पहले जो केस सुलतानपुर या रायबरेली जिलों में चल रहे थे, वे वहीं चलेंगे और इन्हें अमेठी जिला अदालत में ट्रांसफर नहीं किया जाएगा। जस्टिस एसएन शुक्ल और जस्टिस अनंत कुमार की बेंच ने अमेठी जिले के गठन संबंधी 4 जुलाई 2013 का शासनादेश देखने के बाद ये आदेश दिया।

Rishi

Rishi

आशीष शर्मा ऋषि वेब और न्यूज चैनल के मंझे हुए पत्रकार हैं। आशीष को 13 साल का अनुभव है। ऋषि ने टोटल टीवी से अपनी पत्रकारीय पारी की शुरुआत की। इसके बाद वे साधना टीवी, टीवी 100 जैसे टीवी संस्थानों में रहे। इसके बाद वे न्यूज़ पोर्टल पर्दाफाश, द न्यूज़ में स्टेट हेड के पद पर कार्यरत थे। निर्मल बाबा, राधे मां और गोपाल कांडा पर की गई इनकी स्टोरीज ने काफी चर्चा बटोरी। यूपी में बसपा सरकार के दौरान हुए पैकफेड, ओटी घोटाला को ब्रेक कर चुके हैं। अफ़्रीकी खूनी हीरों से जुडी बड़ी खबर भी आम आदमी के सामने लाए हैं। यूपी की जेलों में चलने वाले माफिया गिरोहों पर की गयी उनकी ख़बर को काफी सराहा गया। कापी एडिटिंग और रिपोर्टिंग में दक्ष ऋषि अपनी विशेष शैली के लिए जाने जाते हैं।

Next Story