×

ट्रेन ब्लास्ट के IS आतंकियों के खिलाफ आरोप तय, 6 अक्टूबर को सुनवाई

Gagan D Mishra

Gagan D MishraBy Gagan D Mishra

Published on 22 Sep 2017 6:36 PM GMT

ट्रेन ब्लास्ट के IS आतंकियों के खिलाफ आरोप तय, 6 अक्टूबर को सुनवाई
X
ट्रेन ब्लास्ट के IS आतंकियों के खिलाफ कोर्ट ने लिया संज्ञान, 6 सितंबर को सुनवाई
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • koo
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • koo
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • koo

लखनऊ: एनआईए के स्पेशल जज पीएम त्रिपाठी ने आतंकी गतिविधियों के मामले में निरुद्ध मुल्जिम अतिफ मुज्जफर, मोहम्मद दानिश, सैय्यद मीर हुसैन, आसिफ इकबाल उर्फ राकी, मोहम्मद आतिफ, गौस मोहम्मद, फैसल व मोहम्मद अजहर के खिलाफ दाखिल आरोप पत्र पर संज्ञान ले लिया है। कोर्ट ने संज्ञान लेने के बाद अगली सुनवाई के लिए 6 अक्टूबर तारीख तय की है।

वहीं एनआईए की ओर से शुक्रवार को मुल्जिम सैय्यद मीर हुसैन की आवाज का नमूना लिए जाने की मांग की गई। लेकिन इस अर्जी पर सुनवाई के लिए मुल्जिम जेल से अदालत में हाजिर नहीं थे। बीते 31 अगस्त को एनआईए द्वारा इन सभी मुल्जिमों के खिलाफ विशेष अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया गया। यह सभी मुल्जिम ट्रेन ब्लास्ट व अन्य आतंकी गतिविधियों के मामले में निरुद्ध हैं।

बीते 11 अगस्त को एनआईए ने मुल्जिम अतिफ मुज्जफर, मोहम्मद दानिश व सैय्यद मीर हुसैन का न्यायिक रिमांड हासिल किया था। इन्हें आतंकी गतिविधियों के मामले में जरिए प्रोडक्शन वारंट भोपाल सेंट्रªल जेल से एनआईए की विशेष अदालत में पेश किया गया था। जिसके बाद इन्हें आठ सितंबर तक के लिए एनआईए की न्यायिक हिरासत में वापस भोपाल सेंट्रल जेल भेज दिया गया था। यह तीनों मध्य प्रदेश ट्रेन ब्लास्ट मामले में भोपाल सेंट्रल जेल में निरुद्ध हैं।

इससे पहले 26 जुलाई, 2017 को एनआईए ने मुल्जिम आसिफ इकबाल उर्फ राकी व मोहम्मद आतिफ का न्यायिक रिमांड हासिल किया था। जबकि 18 मार्च, 2017 को एनआईए ने इस मामले में मुल्जिम गौस मोहम्मद, फैसल व मोहम्मद अजहर को न्यायिक हिरासत में जेल भेजा था। 22 मार्च को इन तीनों का 14 दिन के लिए पुलिस कस्टडी रिमांड भी हासिल किया था।

इन सभी मुल्जिमों के खिलाफ आईपीसी की धारा 121, 121ए, 122, 123 व विधि विरुद्ध क्रिया कलाप अधिनियम की धारा 17, 18, 18ए, 18बी, 23, 38 एवं आम्र्स एक्ट के साथ ही एक्सप्लोसिव एक्ट के तहत भी मुकदमा दर्ज है।

Gagan D Mishra

Gagan D Mishra

Next Story