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नमामि गंगे में नहीं था यूपी का कोई प्रतिनिधि, केंद्रीय मंत्री नाराज

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RishiBy Rishi

Published on 7 July 2016 9:47 PM GMT

नमामि गंगे में नहीं था यूपी का कोई प्रतिनिधि, केंद्रीय मंत्री नाराज
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इलाहाबादः गंगा की सफाई के लिए 'नमामि गंगे' अभियान गुरुवार को एक साथ सात राज्यों में शुरू किया गया। यूपी में इस प्रोजेक्ट के तहत कानपुर, इलाहाबाद और वाराणसी आते हैं। फिर भी इलाहाबाद में प्रोजेक्ट के लॉन्च में यूपी सरकार का कोई प्रतिनिधि शामिल नहीं हुआ। इससे केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति का पारा गरम हो गया।

क्या बोलीं केंद्रीय मंत्री?

-साध्वी निरंजन ज्योति ने कहा कि यूपी सरकार के इशारे पर सबकुछ हो रहा है।

-डीएम तक के प्रोग्राम में न आने पर भी वह काफी नाराज दिखीं।

-साध्वी निरंजन ने सपा सरकार को चुनावी सियासत न करने की सलाह दी।

संगम किनारे से गेस्ट हाउस तक

-पहले नमामि गंगे प्रोग्राम का लॉन्च संगम के किनारे होना था।

-अचानक जगह बदलकर शहर के बीच एक गेस्ट हाउस में इसे किया गया।

-आरोप है कि जिला प्रशासन संगम किनारे कार्यक्रम के लिए राजी नहीं हुआ था।

केशव को मिला सीएम बनने का आशीर्वाद

प्रोग्राम में यूपी बीजेपी के अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्या भी आए थे। इलाहाबाद के बीजेपी सांसद श्यामाचरण गुप्ता ने उन्हें सूबे का सीएम बनने का भी आशीर्वाद दे दिया। इस पर मौर्या अपने चिर-परिचित अंदाज में मुस्कुराते नजर आए। एक खास बात ये भी है कि इस महत्वपूर्ण प्रोग्राम में साधु-संत और गंगा की सफाई से जुड़े एनजीओ के लोग भी नहीं आए थे।

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आशीष शर्मा ऋषि वेब और न्यूज चैनल के मंझे हुए पत्रकार हैं। आशीष को 13 साल का अनुभव है। ऋषि ने टोटल टीवी से अपनी पत्रकारीय पारी की शुरुआत की। इसके बाद वे साधना टीवी, टीवी 100 जैसे टीवी संस्थानों में रहे। इसके बाद वे न्यूज़ पोर्टल पर्दाफाश, द न्यूज़ में स्टेट हेड के पद पर कार्यरत थे। निर्मल बाबा, राधे मां और गोपाल कांडा पर की गई इनकी स्टोरीज ने काफी चर्चा बटोरी। यूपी में बसपा सरकार के दौरान हुए पैकफेड, ओटी घोटाला को ब्रेक कर चुके हैं। अफ़्रीकी खूनी हीरों से जुडी बड़ी खबर भी आम आदमी के सामने लाए हैं। यूपी की जेलों में चलने वाले माफिया गिरोहों पर की गयी उनकी ख़बर को काफी सराहा गया। कापी एडिटिंग और रिपोर्टिंग में दक्ष ऋषि अपनी विशेष शैली के लिए जाने जाते हैं।

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