भत्तों में कटौती का विरोध, इस दिन होगा देशव्यापी आंदोलन

उत्तर प्रदेश में राज्य कर्मचारियों के 7 भत्ते काट दिए गए हैं। एनपीएस में सरकार में अंशदान में 4 प्रतिशत की कमी की गई है, जब तक केंद्र सरकार ने डीए के किस्तों को जुलाई तक रोका है कुछ राज्य 30 प्रतिशत वेतन की कटौती भी कर रहे हैं इसी वजह से कर्मचारी आक्रोशित होकर आंदोलन करके नाराजगी व्यक्त कर रहे हैं।

लखनऊ। देश भर के कर्मचारी भत्तों की कटौती के विरोध में चल रहे आंदोलन के दूसरे चरण में 19 मई को काला फीता बांध कर विरोध जतायेंगे तथा प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्रियों को ज्ञापन भेजकर, ट्वीट कर भत्तों की कटौती को वापस लेने की मांग करेंगे। यह निर्णय इप्सेफ की वीडियो कांफ्रेंसिंग में लिया गया। इप्सेक ने आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के शोषण को बंद करने तथा उनके वेजेज के अनुरूप न्यूनतम वेतन का प्रतिमाह भुगतान कराने और उनके भविष्य के लिए एक नीति बनाने की भी मांग की है।

देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधियों तथा राष्ट्रीय कार्यकारिणी के पदाधिकारियों की बैठक में मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राष्ट्रीय अध्यक्ष वीपी मिश्रा की अध्यक्षता में सम्पन्न बैठक में निर्णय लिया गया कि 19 मई को देश भर के कर्मचारी काला फीता बांधकर महंगाई भत्ते को फ्रीज करने, एनपीएस में सरकारी अंशदान 4 प्रतिशत कम करने, राज्य सरकारों द्वारा अन्य भत्तों की कटौती का विरोध करेंगे। साथ ही प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्रियों को ज्ञापन प्रेषित किया जाएगा । इसके साथ ही सभी कर्मचारी प्रधानमंत्री कार्यालय को ईमेल भेजेंगे और ट्वीट करेंगे, इसके लिए हैशटैग निर्धारित किया जाएगा।

परिवार आर्थिक संकट में

इप्सेफ के अध्यक्ष वीपी मिश्र ने कहा है कि भारत सरकार तथा राज्य सरकारे कोरोना-19 से संघर्ष करने वाले डाक्टर, नर्सेस, पैरामेडिकल स्टाफ, वार्डबॉय, सफाई कर्मचारी, पुलिस, प्रशासनिक अधिकारी तथा तकनीकी कर्मचारियों के भत्तों में कटौती कर रही है। एक तरफ फूल बरसाया जा रहा है, उसी तरह जनता भी सम्मान कर रही है, पर सरकार उनकी जेब काट रही है। जिससे उनका परिवार आर्थिक संकट में पड़ गया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आग्रह किया कि इस संकट का हल आपसी बातचीत से हो सकता है।

इप्सेक के सचिव अतुल मिश्रा ने बताया कि उत्तर प्रदेश में राज्य कर्मचारियों के 7 भत्ते काट दिए गए हैं। एनपीएस में सरकार में अंशदान में 4 प्रतिशत की कमी की गई है, जब तक केंद्र सरकार ने डीए के किस्तों को जुलाई तक रोका है कुछ राज्य 30 प्रतिशत वेतन की कटौती भी कर रहे हैं इसी वजह से कर्मचारी आक्रोशित होकर आंदोलन करके नाराजगी व्यक्त कर रहे हैं।