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Baghpat News: 'ईद-उल-अजहा' पर मुस्लिम धर्मगुरु की अपील, कहा- सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन का करें पालन

'ईद-उल-अजहा' को लेकर शहर इमाम मौलाना आरिफ उल हक ने मुस्लिम लोगों से अपील की है कि इस बार सभी लोग अपने घरों में रहकर ही नमाज अदा करें।

Paras Jain

Paras JainReport Paras JainShashi kant gautamPublished By Shashi kant gautam

Published on 20 July 2021 4:18 AM GMT

Appeal of Muslim religious leader on Eid-ul-Azha, said- follow the guidelines issued by the government
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बागपत: फूंस वाली मस्जिद के शहर इमाम मौलाना आरिफ उल हक

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Baghpat News: 'ईद-उल-अजहा' यानी बकरा ईद को लेकर जहां एक ओर सरकार ने नई गाइडलाइन जारी कर विशेष सतर्कता बरतने की बात कही है तो वहीं दूसरी तरफ बकरा ईद पर मुस्लिम धर्मगुरओं ने भी वीडियो जारी करते हुए अपील की है । बागपत में लगभग 550 मस्जिदें हैं। जिनमें बड़ौत स्थित फूंस वाली मस्जिद जोकि मरकज मस्जिद कही जाती है यानी कि बागपत की 550 मस्जिदों में हेड।

बता दें कि 'ईद-उल-अजहा' यानी बकरा ईद को लेकर फूंस वाली मस्जिद के शहर इमाम मौलाना आरिफ उल हक ने एक वीडियो जारी किया है जिसमें उन्होंने मुस्लिम लोगों से अपील की है कि इस बार सभी लोग अपने घरों में रहकर ही नमाज अदा करें। कोई भी व्यक्ति नमाज पढ़ने के लिए ईदगाह में न जाये ।

खुले में कुर्बानी न हो

साथ ही शहर इमाम ने अपील की है कि जिस समय कुर्बानी की जाए उस समय कोई भी व्यक्ति अपना या अपने जानवर के साथ कोई भी फ़ोटो/वीडियो वायरल न करे । सभी लोग कुर्बानी के समय विशेष सतर्कता बरतें और साफ सफाई का ध्यान रखें। यही नहीं कुर्बानी करते समय पर्दा किया जाए खुले में कुर्बानी न हो । शहर इमाम मौलाना आरिफ उल हक ने जनपद वासियों से कहा है कि कोरोना काल चल रहा है और तीसरी लहर आने वाली है इसीलिए हम लोगो को डब्ल्यूएचओ व सरकार द्वारा जारी कोविड गाइडलाइंस का भी पालन करना है ।



भाईचारे के सद्भाव को कायम रखना है

'ईद-उल-अजहा' की नमाज अदा करते समय सभी को सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखना है । कुर्बानी के लिए प्रतिबंधित जानवरों का इस्तेमाल न करें और किसी भी तरह से माहौल खराब न हो, किसी पड़ोसी से विवाद न हो इसके लिए भाईचारे के सद्भाव को कायम रखना है खुले में कुर्बानी नही करनी है । आपको बता दे कि ईद उल अजहा या बकरा ईद, इस्लाम धर्म में दूसरा बड़ा त्योहार माना गया है ।

Shashi kant gautam

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