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Period Leave In UP: यूपी की महिला टीचर्स की मांग, महीने में तीन दिन मिले अवकाश

Period Leave In UP : महिलाओं को मासिक धर्म या पीरियड्स के दौरान मानसिक और शारीरिक तौर पर अन्य दिनों की तुलना में अलग तरह ही परेशानी झेलनी होती है। ऐसे दिनों में महिलाओं को पेट दर्द और कमजोरी होती है।

Shivani

ShivaniBy Shivani

Published on 31 July 2021 9:15 AM GMT

Period Leave In UP
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मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य से मिला महिला शिक्षक संघ प्रतिनिधिमंडल 

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Period Leave In UP: भारत में कामकाजी महिलाओं के लिए मासिक धर्म या पीरियड्स के दौरान छुट्टी को लेकर कोई ठोस प्रावधान नहीं है। समय -समय पर महिलाएं इसे लेकर मांग उठाती रही हैं।अब उत्तर प्रदेश से ऐसी ही मांग महिला शिक्षिकाओं ने उठाई है। उत्तर प्रदेश महिला शिक्षक संघ के प्रतिनिधिमंडल ने योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य के आवास पर पहुंचकर उनके सामने मासिक धर्म के दौरान स्कूलों में होने वाली समस्या की जानकारी देते हुए मांग की कि महीने में तीन दिन महिला शिक्षिकाओं को अवकाश दिया जाए।

उत्तर प्रदेश महिला शिक्षक संघ की शिक्षिकाओं ने की स्वामी प्रसाद मौर्य से मुलाकात

दरअसल, महिलाओं को मासिक धर्म या पीरियड्स के दौरान मानसिक और शारीरिक तौर पर अन्य दिनों की तुलना में अलग तरह ही परेशानी झेलनी होती है। ऐसे दिनों में महिलाओं को पेट दर्द और कमजोरी होती है। डाॅक्टरी परामर्श के तहत महिलाओं को पीरियड्स के दौरान भागदौड़ न करने की सलाह दी जाती है। हालांकि कामकाजी महिलाओं को पीरियड्स के दिनों में भी लगातार काम करना पड़ता है। छुट्टी का कोई प्रावधान न होना उन्हें ऐसे दिनों में भी कार्य करने के लिए उकसाता है।


इसी समस्या को लेकर उत्तर प्रदेश महिला शिक्षक संघ की शिक्षिकाओं के एक 5 सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल बेसिक शिक्षा मंत्री और योगी कैबिनेट में मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य से मुलाकात की। श्रम एवं सेवायोजन विभाग मंत्री से महिला टीचरों ने अनुरोध किया कि सेवारत समस्त महिला शिक्षक व कर्मचारियों को महीने में 3 दिन का पीरियड एवं मासिक धर्म देने के लिए शासनादेश जारी किया जाए।

पीरियड के दौरान समस्याएं क्या हैं (Period Ke Dauran Samasya Kya Hoti Hai)

महिला शिक्षकों ने अनुरोध किया की पीरियड के दौरान महिलाओं को शारीरिक व मानसिक स्थिति अन्य दिनों की तुलना में अलग और तकलीफ देह होती है। 'इन दिनों' कमजोरी व पेट दर्द रहता है। पीरियड्स को गंभीरता से न लेने पर स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्या हो सकती है। महिलाओं के यूट्रस पर भी प्रभाव पड़ता है।

शिक्षक संघ ने संविधान के अनुच्छेद 15 व 45 का हवाला देते हुए कहा कि इसके अंतर्गत राज्य महिलाओं के कल्याण हेतु विशेष उपबंध कर सकता है। बिहार सरकार ने 30 साल पहले यानी 1992 में अपने राज्य की समस्त सेवारत महिला शिक्षक व कर्मचारियों को पीरियड्स के दौरान विशेष अवकाश (Bihar Me Period Leave) प्रदान करने का प्रावधान किया था जो सराहनीय पहल था।


पीरियड्स में तीन दिन के विशेष अवकाश का आए शासनादेश

उत्तर प्रदेश सरकार भी महिलाओं व लड़कियों के लिए मिशन शक्ति और कल्याणकारी योजनाओं को प्राथमिकता के साथ चलाकर उन्हें सशक्त बनाने की दिशा में पहले से ही सराहनीय कार्य कर रही हैं और इस कार्य को भी प्रावधान में लाना चाहिए। ऐसे में बिहार की तरह यूपी की भी समस्त महिला शिक्षकों को पीरियड्स के दौरान तीन दिन का विशेष अवकाश मिल सके।

कैबिनेट मंत्री ने उनकी बातों को गंभीरता से सुना और वर्तमान में भारत एवं अन्य राज्य की स्थिति के बारे में जानकारी लेकर उन्होने पूर्ण आश्वस्त किया कि आप की मांग पर सरकार गंभीरता पूर्वक विचार अवश्य करेगी। प्रदेश कार्यकारिणी की वरिष्ठ उपाध्यक्ष मोहिनी त्रिपाठी, प्रदेश उपाध्यक्ष ज्योति सिंह, प्रदेश की वरिष्ठ संगठन मंत्री इन्दु श्रीवास्तव और प्रदेश मीडिया प्रवक्ता अलका मिश्रा इस दौरान मौजूद रहीं।

महिला शिक्षक संघ की प्रदेश अध्यक्ष सुलोचना मौर्य ने बेसिक शिक्षा मंत्री को भी इस बाबत ज्ञापन सौंपा। जिसमें मासिक धर्म पर विशेष अवकाश देने के लिए शासनादेश जारी करने का अनुरोध किया गया।

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