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यामाहा कंपनी में जबरन घुस रहे थे प्रदर्शनकारी, पुलिस ने किया लाठीचार्ज

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NewstrackBy Newstrack

Published on 10 Jun 2016 11:12 AM GMT

यामाहा कंपनी में जबरन घुस रहे थे प्रदर्शनकारी, पुलिस ने किया लाठीचार्ज
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नोएडा: सूरजपुर कोतवाली स्थित यामाहा कंपनी पर इंक्रीमेंट न मिलने से नाराज प्रदर्शन कर रहे संविदा कर्मचारियों को शुक्रवार सुबह कंपनी में जाने से रोकने पर बवाल हो गया। प्रदर्शनकारी उग्र हो गए और पथराव करने लगे। मामल बढ़ते देख पुलिस ने लाठी चार्ज किया। प्रदर्शनकारियों के पत्थर से सूरजपुर एसो प्रवीण यादव के सिर में चोट लग गई। एसएसपी धमेंद्र यादव ने बताया कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है। जिसके बाद ही कुछ कहा जा सकता है।

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कंपनी में जबरन घुसने का किया प्रयास

-शुक्रवार सुबह जब कर्मचारी यामाहा कंपनी में जाने लगे तो पुलिस ने उन्हें जाने से रोक दिया।

-कर्मचारियों और पुलिस के बीच झड़प शुरू हो गई।

-पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को खदेड़ने के लिए लाठी चार्ज शुरू कर दिया।

-प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव शुरु कर दिया।

-जिसमें प्रदर्शनकारी पथराव करते हुए वहां से भाग खड़े हुए।

पत्थर मारकर तोड़े शीशे

-दरसअल, कंपनी की बसे कंपनी के गट पर ही खड़ी थी।

-मामला उग्र होने पर वहां मौजूद कर्मचारियों ने पुलिस पर पत्थर तो बरसाए साथ ही खड़ी बसों को भी शिकार बनाया।

-प्रदर्शनकारियों ने करीब आधा दर्जन बसों में तोड़फोड़ की।

-लाठीचार्ज व पथराव के दौरान करीब एक दर्जन से ज्यादा प्रदर्शनकारियों को चोटे लगीं जबकि कई पुलिस वालों के भी पत्थर लगने से चोट लगी है।

-जिनका उपचार निजी हॉस्पिटल में किया जा रहा है।

गुरुवार से शुरु हुआ था मामला

दरअसल, कंपनी के जो कर्मचारी हड़ताल पर गए हैं वो सभी संविदा पर हैं और इन कर्मियों की मानें तो अभी हाल में ही कंपनी में 8 हजार लोगों का इंक्रीमेंट किया गया है। लेकिन जो लोग संविदा पर हैं उनको इसका फायदा नहीं दिया गया। कंपनी के अस्थायी कर्मचारियों का कहना है कि जो काम बाकी के कर्मचारी करते हैं वहीं काम हम लोग भी करते हैं और उनसे भी कम तनख्वा पर। इसके बाद भी कंपनी कर्मचारियों के साथ दोहरे मापदंड अपनाती है। कर्मियों की मानें तो जो लोग स्थायी कर्मचारी है उनको कंपनी ने अलग से खाने की सुविधा दी हुई है जबकि अस्थायी कर्मचारियों के लिए ऐसा नहीं है।

शांतिपूर्ण ढंग से होना था प्रदर्शन

-सभी कर्मचारी कंपनी के बाहर खड़े होकर प्रदर्शन करते रहे, लेकिन कंपनी की तरफ से कोई भी अधिकारी आकर कर्मचारियों से नहीं मिला।

-लिहाजा शुक्रवार को कर्मचारी जबरदस्ती कंपनी में घुसने लगे।

-इसको लेकर पुलिस व कर्मचारियों में झड़प हो गई।

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