TRENDING TAGS :
Prayagraj: नैनी सेंट्रल जेल से सामने आई मानवता की तस्वीर, कारावास में बंद कैदी कर रहे 163 गौवंश की सेवा
Prayagraj: नैनी सेंट्रल जेल में बनाए गए गौशाला में 163 अलग-अलग नस्लों की गाय पाली गई, जिनकी सेवा जेल प्रशासन नहीं बल्कि बड़ी आपराधिक घटनाओं को अंजाम देकर सजा काटने आए तकरीबन 30 से अधिक कैदी कर रहे।
नैनी सेंट्रल जेल। (Social Media)
Prayagraj: गाय माता की सेवा अब प्रयागराज नैनी सेंट्रल जेल (Prayagraj Naini Central Jail) में भी होने लगी है। ये सेवा जेल का स्टाफ नहीं बल्कि किसी जुर्म की सजा काट रहे बंदी कर रहे हैं। इनकी सेवा की बदौलत गोशाला की गायें अब न केवल हष्ट-पुष्ट नजर आ रहीं हैं। बल्कि भरपूर दूध भी दे रहीं है। इस वजह से गौशाला की कमाई में भी भारी वृद्धि हुई है। बंदियों की इस सेवा ने गौशाला को कमाऊ बना दिया है। नैनी सेंट्रल जेल (Prayagraj Naini Central Jail) में कई हॉट क्रिमिनल भी बंद है। जिन्हें नैनी सेंट्रल जेल के अधीक्षक अपराध के रास्ते से हटाने के लिए कई तरीके अपना रहे हैं। यही नहीं जेल में बंद विचाराधीन कैदी को अपराध के रास्ते से हटाकर रोजगार की राह पर लाने के लिए कई कार्यशाला भी चला रहे हैं।
जेल में पाली गई है 163 गाय
वहीं, नैनी सेंट्रल जेल में बनाए गए गौशाला में 163 अलग-अलग नस्लों की गाय पाली गई, जिनकी सेवा जेल प्रशासन नहीं बल्कि बड़ी आपराधिक घटनाओं को अंजाम देकर सजा काटने आए तकरीबन 30 से अधिक कैदी कर रहे। यह कैदी ऐसे हैं जिन्होंने किसी समय बड़ी अपराधिक घटनाओं को अंजाम दिया था और अधिकतर आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं।
गाय की सेवा कर अपराधी छवि को हटाने की कोशिश
कैदियों के मुताबिक अपने में समय जो गलतियां किया था। अब उन गलतियों को गायों की सेवा कर पूरा कर रहे हैं। अब नैनी सेंट्रल जेल के यह कैदी अपनी अपराधी छवि को गाय की सेवा कर हटाने की कोशिश में लगे हैं।
गौशाला में काम करने वाले 25 कैदी: जेल अधीक्षक
प्रयागराज की नैनी सेंट्रल जेल में कैदियों को सुधार के रास्ते पर लाने के लिए जेल अधीक्षक डॉ पीएन पांडे (Jail Superintendent Dr PN Pandey) हर संभव मदद कैदियों की कर रहे हैं। यही नहीं नैनी सेंट्रल जेल में चल रही गांव गौशाला से काफी अर्निंग भी होने लगी है। जेल अधीक्षक अर्निंग के पैसे से नई गायों को लाने की तैयारी में है। जेल अधीक्षक पी एन पांडे (Jail Superintendent Dr PN Pandey) के मुताबिक गौशाला में काम करने वाले 25 कैदी है जो कई बड़ी अपराधिक घटनाओं को अंजाम दे चुके हैं और नैनी सेंट्रल जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं। सभी कैदियों को अपराध के रास्ते से किस तरह हटाया जाए इसके लिए उनका ध्यान बांटने की कोशिश की जाती है।
गौशाला के जरिए अपनी आमदनी का जरिया भी बढ़ा रहे कैदी
जेल में बने इस गौशाला में काम करने वाले कैदियों की वजह से सभी गाय हष्ट पुष्ट होने के अलावा सभी दूध भी अच्छा दे रही हैं। यही नहीं अधिक दूध होने की वजह से पैसे की अर्निंग भी बढ़ गई है। जिसमें नए कैदियों को प्रतिदिन ₹25 और पुराने कैदियों को प्रतिदिन ₹40 के हिसाब से पैसे दिए जाते हैं। अगर इस गौशाला की बदौलत आमदनी बढ़ जाती है। तो कैदियों को बख्शीश के तौर पर और बड़ा कर पैसे दिए जाते हैं। यानी प्रयागराज के नैनी सेंट्रल जेल के कैदी इस गौशाला के जरिए अपनी आमदनी का जरिया भी बढ़ा रहे हैं।