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Prayagraj News: बच्चे की दो साल से फीस नहीं दी, स्कूल ने रोका तो आमरण अनशन पर बैठे

Prayagraj News: प्रयागराज में एक नामी स्कूल में फीस ना जमा करने पर बच्चे को स्कूल से निकालने का आरोप लगा है। वहीं, नाराज पिता बच्चे को लेकर स्कूल के सामने आमरण अनशन पर बैठ गया है।

Syed Raza
Report Syed Raza
Published on: 5 Dec 2022 12:45 PM GMT
Prayagraj News In Hindi
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अनशन पर बैठे परिजन। 

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Prayagraj News: संगम नगरी प्रयागराज में एक नामी स्कूल में फीस ना जमा करने पर बच्चे को स्कूल से निकालने का आरोप लगा है। वहीं, नाराज पिता बच्चे को लेकर स्कूल के सामने आमरण अनशन पर बैठ गया है। पिता के साथ स्कूल में पढ़ने वाला बच्चा भी अनशन पर बैठ गया। स्कूल के बाहर धरना पर बैठे अभिभावक और बच्चे की सूचना मिलते ही प्रशासन में हड़कंप मच गया।

2 वर्षों से दोनों बच्चों की नहीं दी गई फीस: स्कूल प्रशासन

स्कूल प्रशासन की बात मानें तो राजेंद्र पटेल के दो बच्चे स्कूल में पढ़ते हैं और विगत 2 वर्षों से दोनों बच्चों की फीस नहीं दी गई है। कई बार नोटिस देने के बाद यह फैसला लिया गया कि जब तक पैसे जमा नहीं होंगे तब तक परीक्षा में बैठने नहीं दिया जाएगा, हालांकि स्कूल प्रशासन का यह भी कहना है कि बच्चे के पिता सक्षम है क्योंकि इससे पहले वह विधानसभा का चुनाव भी लड़ चुके हैं।

स्कूल प्रशासन ने बच्चे को प्रताड़ित कर स्कूल से बाहर निकाला: राजेंद्र सिंह पटेल

स्कूल के सामने अपने बेटे को लेकर आमरण अनशन कर रहे राजेंद्र सिंह पटेल का आरोप है कि परीक्षा शुरू हो चुकी है और 1 साल की फीस बाकी है जिस वजह से स्कूल प्रशासन ने बच्चे को प्रताड़ित कर स्कूल से बाहर निकाल दिया है। और इनका कहना है कि जब तक जिन्होंने निकाला है वह माफी नहीं मांगते और परीक्षा नहीं देने देते, जब तक उनकी यह मांग उनकी पूरी नहीं होगी, तब तक वैसे ही आमरण अनशन पर बैठे रहेंगे। राजेंद्र सिंह पटेल पहले चुनाव भी लड़ चुके हैं। हालांकि प्रशासन की दखलअंदाजी देने के बाद मामले को शांत कराया गया और धरना को खत्म किया गया।

कई बार नोटिस देने के बावजूद भी नहीं जमा कराई बच्चे की फीस: प्रिंसिपल

वहीं, स्कूल के प्रिंसिपल डेविड लुक का कहना है कि कई बार नोटिस देने के बावजूद भी बच्चे की 2 साल से फीस जमा नही की गई है। जो कि एक लाख 18 हज़ार है वो यह फीस देना नहीं चाहते और ऐसा कर के बच्चे को एग्जाम दिलाना चाहते है।

प्रिंसिपल का कहना है कि कोविड काल मे कई लोगों की मदद की गई है, लेकिन इस तरह से फीस माफ कराना उचित नहीं है। प्रिंसिपल के मुताबिक ये नेतागिरी कर रहे हैं ये चुनाव भी लड़ चुके हैं। फिलहाल एक दूसरे पर इस तरह के आरोप लगाए जा रहे हैं लेकिन इन दोनों के बीच बच्चे की जिंदगी सफर जरूर कर रही है।

Deepak Kumar

Deepak Kumar

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