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अक्षय तृतीया पर नहीं होगा बाल विवाह, टास्क फोर्स लगाएगी रोक

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Published on 7 May 2016 2:46 PM GMT

अक्षय तृतीया पर नहीं होगा बाल विवाह, टास्क फोर्स लगाएगी रोक
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आगरा : आंकड़ों के हिसाब से बाल विवाह के मामले में पश्चिमी यूपी में आगरा सबसे आगे है। इसी कारण यूपी सरकार ने अक्षय तृतीया के दिन बाल विवाह रोकने के लिए एक टास्क फोर्स बनाने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं।

बाल विवाह के मामले में पश्चिम यूपी में आगरा सबसे आगे

-बाल विवाह के मामलों में पश्चिम यूपी में आगरा पहले नंबर पर है।

-आंकड़ों के अनुसार आगरा में बाल विवाह की संख्या 8,306, अलीगढ़ में 6,072, मेरठ में 5,188, बुलंदशहर में 4,235, मुजफ्फरनगर में 4,616 और सहारनपुर में (3694) है।

आगरा के ग्रामीण क्षेत्रो में है बाल विवाह का प्रचलन

-आगरा जिले में कुछ ग्रामीण क्षेत्र ऐसे हैं जिनमें अभी भी बाल विवाह का प्रचलन है।

- हिंदू पंचांग के अनुसार अक्षय तृतीया और फुलेरा दूज के मुहूर्त ऐसे होते हैं जिनमें सबसे ज्यादा शादियां होती हैं।

- इस साल भी अक्षय तृतीया (9 मई) पर बाल विवाह होने की आशंका के मद्देनजर विशेष नजर रखने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं।

क्या कहना है पुलिस का

-एसएसपी प्रीतेंदर सिंह ने बताया की बाल विवाह कानूनन अपराध है।

- बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम-2006 के अनुसार जिस लड़की की उम्र 18 साल और लड़के की उम्र 21 साल नहीं हुई है। उनकी शादी नहीं कराई जा सकती है।

-अगर बाल विवाह से संबंधित कोई भी सूचना मिलेगी तो उस पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।

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