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एसोसिएट प्रोफेसरों को 7 वे वेतन आयोग का न्यूनतम वेतनमान देने का निर्देश

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पूर्वांचल विश्वविद्यालय जौनपुर से संबद्ध स्नातकोत्तर डिग्री कालेजो में मानदेय पर कार्यरत एसोसिएट प्रोफेसरों को 7वें वेतन आयोग द्वारा निर्धारित वेतनमान का न्यूनतम वेतन देने का निर्देश दिया है। किंतु इन्हें भत्ते नही मिलेंगे।

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RishiBy Rishi

Published on 17 Feb 2019 3:09 PM GMT

एसोसिएट प्रोफेसरों को 7 वे वेतन आयोग का  न्यूनतम वेतनमान देने का निर्देश
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प्रयागराज : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पूर्वांचल विश्वविद्यालय जौनपुर से संबद्ध स्नातकोत्तर डिग्री कालेजो में मानदेय पर कार्यरत एसोसिएट प्रोफेसरों को 7वें वेतन आयोग द्वारा निर्धारित वेतनमान का न्यूनतम वेतन देने का निर्देश दिया है। किंतु इन्हें भत्ते नही मिलेंगे।

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कोर्ट ने कहा है कि सरकार इन्हें 6ठें वेतन आयोग द्वारा तय वेतनमान का न्यूनतम वेतन का भुगतान कर रही है। सुप्रीम कोर्ट ने भी कहा है कि नियमित एसोसिएट प्रोफेसरों का वेतनमान बढ़ने पर मानदेय एसोसिएट प्रोफेसरों का भी वेतन बढ़ जायेगा।

कोर्ट ने कहा है कि सरकार मानदेय शिक्षकों को नियमित करने पर विचार कर रही है।ऐसे में 7वें वेतन आयोग की शिफारिशों को मानदेय शिक्षकों पर लागू करने से इंकार करने का औचित्य नही है।

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यह आदेश न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्र ने डॉ गणेश दीक्षित व् 2 अन्य की याचिका को स्वीकार करते हुए दिया है।

सरकार का कहना था कि मानदेय शिक्षकों को न्यूनतम वेतन के साथ डी ए भी दिया जा रहा है।जो समय समय पर बढ़ रहा है।7वा वेतन आयोग मानदेय शिक्षकों पर लागू नही है।यह केवल नियमित शिक्षकों पर ही लागू है।किन्तु कोर्ट ने इस तर्क को नही माना और कहा कि मानदेय शिक्षक याचियों को 7वें वेतन आयोग द्वारा तय वेतनमान का न्यूनतम वेतन पाने का अधिकार है।

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आशीष शर्मा ऋषि वेब और न्यूज चैनल के मंझे हुए पत्रकार हैं। आशीष को 13 साल का अनुभव है। ऋषि ने टोटल टीवी से अपनी पत्रकारीय पारी की शुरुआत की। इसके बाद वे साधना टीवी, टीवी 100 जैसे टीवी संस्थानों में रहे। इसके बाद वे न्यूज़ पोर्टल पर्दाफाश, द न्यूज़ में स्टेट हेड के पद पर कार्यरत थे। निर्मल बाबा, राधे मां और गोपाल कांडा पर की गई इनकी स्टोरीज ने काफी चर्चा बटोरी। यूपी में बसपा सरकार के दौरान हुए पैकफेड, ओटी घोटाला को ब्रेक कर चुके हैं। अफ़्रीकी खूनी हीरों से जुडी बड़ी खबर भी आम आदमी के सामने लाए हैं। यूपी की जेलों में चलने वाले माफिया गिरोहों पर की गयी उनकी ख़बर को काफी सराहा गया। कापी एडिटिंग और रिपोर्टिंग में दक्ष ऋषि अपनी विशेष शैली के लिए जाने जाते हैं।

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