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Basti News: थानेदार को भारी पड़ा भाजपाइयों पर लाठीचार्ज, गाजे-बाजे के साथ हुई थानेदार की विदाई

पुलिस अधीक्षक ने गौर थानेदार शमशेर बहादुर सिंह को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया। वहीं लाइन हाजिर करने के बाद विदाई जुलूस ढोल-नगाड़ों के साथ निकाला गया।

Amril Lal

Amril LalWritten By Amril LalPallavi SrivastavaPublished By Pallavi Srivastava

Published on 10 July 2021 6:26 AM GMT

Block Pramukh Election
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विदाई में नाचते पुलिसकर्मी  pic(social media)

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Basti News: उत्तर प्रदेश में ब्लॉक प्रमुख चुनाव के नामांकन के दौरान लगभग सभी जगह से उपद्रव की खबरें आईं। उपद्रवियों की भीड़ को काबू करने के लिए पुलिस को हलके-फुल्के बल का प्रयोग भी करना पड़ा। लेकिन बस्ती जिले का गौर ब्लॉक ऐसी जगह रही जहां बीजेपी समर्थकों को पुलिसकर्मियों ने ब्लॉक परिसर में दौडा कर पीटा। जिसका नतीजा ये निकला कि इसकी शिकायत होने पर पुलिस अधीक्षक ने गौर थानेदार शमशेर बहादुर सिंह को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया। वहीं लाइन हाजिर करने के बाद विदाई जुलूस ढोल नगाड़ों के साथ निकाला गया जिससे साफ दिखा कि प्रशासन किस तरह सत्ता के अंडर में काम करता है।

नामांकन कक्ष में भाजपाइयों ने की अभद्रता

बस्ती जिले में गौर ब्लाक प्रमुख के चुनाव को लेकर नामांकन के दौरान भाजपाइयों पर जमकर पुलिस प्रशासन ने लाठी बरसाया था, जिसको लेकर भाजपाइयों ने गौर ब्लाक गेट के सामने धरने पर बैठ गए थे। धरना तभी शांत हुआ जब मौके पर जिला अधिकारी बस्ती सौम्या अग्रवाल और पुलिस अधीक्षक बस्ती पहुंचे उनके आश्वासन पर धरना समाप्त किया गया था। बताते चलें कि बस्ती जिले के गौर ब्लाक प्रमुख पद के उम्मीदवार जटाशंकर शुक्ला की पत्नी कांति शुक्ला को बीजेपी ने उम्मीदवार बनाया था।

सड़क पर बैठी महिलाएं व लाठियां बरसाती पुलिस pic(social media)

कांति शुक्ला अपना नामांकन जमा कर चली गई। उसके बाद पूर्व प्रमुख महेश सिंह की बहू निर्दलीय प्रत्याशी विजय कांति सिंह जब अपना नामांकन करने जा रही थीं तभी भाजपा कार्यकर्ता व बीजेपी नेता जटाशंकर शुक्ला के समर्थकों ने उनके गाड़ी पर पथराव किया, पथराव करने के बाद किसी तरह पुलिस ने उन्हे गौर ब्लाक के गेट पर ले गई लेकिन प्रशासन ने रोक दिया, उनको कहा गया कि 1 बजे तक आपका पर्चा दाखिल कराया जाएग और निर्दल प्रत्याशी सहित उनके महिला प्रस्तावकों को सड़क पर बैठा दिया है। जमकर प्रशासन की किरकिरी हुई की महिलाओं को सड़क पर बैठा दिया गया । जब एक बजा तभी निर्दल प्रत्याशी महेश सिंह की बहू विजय कांति सिंह गेट के अंदर घुसी और दौड़ते हुए नामांकन कक्ष में पहुंची। तभी सैकड़ों की संख्या में भाजपाई नेता सहित कार्यकर्ता और भाजपा के उम्मीदवार के समर्थक नामांकन कक्ष में घुस गए। और महिला निर्दलीय प्रत्याशी विजय कांति सिंह सहित महिला प्रस्ताव को जमकर मारा पीटा और उनके साथ बदतमीजी की गई।

धरने पर बैठे भाजपाई

आगे बता दें कि जब भाजपा के समर्थक सैकड़ों की संख्या में नामांकन कक्ष के अंदर घुस गए उसी समय पुलिस ने जमकर भाजपा प्रत्याशी के समर्थकों की लाठी चार्ज कर पिटाई कर दी। भाजपा नेताओं की पिटाई होने से नाराज होकर भाजपा कार्यकर्ता गेट पर पहुंच गए। गुस्साए कार्यकर्ता गौर ब्लाक गेट पर धरने पर बैठ गए और थाना अध्यक्ष गौर शमशेर बहादुर सिंह के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। और मांग करने लगे कि जब तक पुलिस अधीक्षक बस्ती और जिलाधिकारी बस्ती नहीं आ जाती हम लोग धरने पर से नहीं उठेंगे। जब पुलिस अधीक्षक बस्ती धरना स्थल गौर ब्लाक के गेट पर पहुंचे तभी भाजपाइयों ने रो-रो कर बताया कि पुलिस वालों ने हम लोगों को बहुत मारा। तत्काल पुलिस अधीक्षक ने आश्वासन दिया और कहा कि थानाध्यक्ष के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

लाठीचार्ज न होती तो घट जाती बड़ी घटना

गौर ब्लाक से बस्ती पहुंचते ही पुलिस अधीक्षक बस्ती देशाम ने आदेश जारी किया की गौर थाना अध्यक्ष शमशेर बहादुर सिंह को लाइन हाजिर कर दिया गया। कहीं ना कहीं पुलिस अधीक्षक बस्ती और जिला अधिकारी बस्ती सौम्या अग्रवाल के ऊपर सत्ता का दबाव झलक रहा था। सही काम करने वाले थाना अध्यक्ष को ही लाइन हाजिर कर दिया गया। क्योंकि अगर लाठीचार्ज नहीं हुई होती तो नामांकन कक्ष में बड़ी घटना घट सकती थी। फिलहाल विजयकांति सिंह निर्दलीय प्रत्याशी का पर्चा आरो ने खारिज कर दिया गया था और भाजपा प्रत्याशी कांति शुक्ला पत्नी जटाशंकर शुक्ला को निर्विरोध कर दिया गया था।

विदाई समारोह में पुलिसवालों ने किया नाच-गाना

पुलिस अधीक्षक ने गौर थानेदार शमशेर बहादुर सिंह को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया।वहीं लाइन हाजिर करने के बाद विदाई जुलूस ढोल नगाड़ों के साथ निकाला गया जिससे साफ दिखा कि प्रशासन किस तरह सत्ता के अंडर में काम करता हैकी अगर थाना अध्यक्ष ने लाठीचार्ज ना किया होता तो बड़ी घटना घट सकती थी।

फिलहाल जब बस्ती पुलिस अधीक्षक आशीष श्रीवास्तव के मोबाइल नंबर पर बात करने का प्रयास किया गया कि थाना अध्यक्ष गौर को किस कारण लाइन हाजिर किया गया। और आज उनके विदाई के दौरान जमकर पुलिस वाले और पब्लिक गाजे बाजे के साथ डांस करते हुए नजर आए। सड़क पर क्या इस पर कोई कार्रवाई आपके स्तर से होगी। तो पुलिस अधीक्षक महोदय ने मोबाइल अपना पीआरओ को दे दिया। पीआरओ ने फोन उठाया तो उन्होंने बताया कि साहब बहुत व्यस्त हैं बात करा देंगे।

Pallavi Srivastava

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