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UP Election 2022: क्या CM योगी के काम से खुश लोग या अखिलेश में तलाश रहे विकल्प, देखें भदोही से Newstrack की ग्राउंड रिपोर्ट

UP Election 2022: भदोही जिले का औराई विधानसभा सीट, कुछ जनता का कहना है कि- जब सरकार मुफ्त में दाल, राशन, चीनी, तेल, मुफ्त आवास, मुफ्त में सड़क सब दे रही है, तो अब क्या लेंगे। सब तो मिल रहा है जनता को। महंगाई है भी तो किसे फर्क पड़ रहा है।

Vikrant Nirmala Singh
Published on 22 Dec 2021 11:10 AM GMT
Aurai assembly seat Bhadohi
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Newstrack election survey Aurai assembly seat Bhadohi

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UP Election 2022 News: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 (UP Election 2022) को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई हैं, एक तरफ नेताजी शहर-शहर, गली-मोहल्ले की खाक छान रहे हैं, तो दूसरी तरफ newstrack.com की टीम पूरे प्रदेश के कोने-कोने पर नजर बनाए हुए है।

newstrack.com की हमारी टीम आम जनता के बीच जाकर ये जानने की कोशिश करती है कि राजनीतिक पार्टियां जो दावे और वादे कर रही हैं, क्या वो सच हैं या हवा-हवाई। इसी क्रम में हमारी टीम पहुंची भदोही। हमारे रिपोर्टर ने भदोही जिले के औराई विधानसभा क्षेत्र के लोगों से बातचीत की, जानना चाहा कि वर्तमान बीजेपी सरकार से वो कितनी खुश है? अगर बदलाव चाहती है तो किस पार्टी को सत्ता में और किस चेहरे को मुख्यमंत्री के रूप में देखना चाहेगी।

हमारे रिपोर्टर औराई विधानसभा क्षेत्र के महाराजगंज क्षेत्र में थे।

भदोही (Bhadohi District) यूपी का एक जिला है। जिसका मुख्यालय ज्ञानपुर (Headquarter Gyanpur) में है। पहले यह वाराणसी जिले में था। भदोही जिला, प्रयागराज (Prayagraj) और वाराणसी (Varanasi) के बीच स्थित है। यह जिला प्रयागराज, जौनपुर, वाराणसी, मिर्जापुर की सीमाओं से सटा है।

भदोही को कालीन उद्योग (carpet industry) के लिए खासकर जाना जाता है। यहां विश्व प्रसिद्ध कालीन बनती है। यहां के लोगों का मुख्य पेशा खेती है। कृषि के बाद कालीन निर्माण उनका दूसरा प्रमुख रोजगार है। भदोही को यूपी के सबसे छोटे जिलों में गिना जाता है। जिले में तीन विधानसभा क्षेत्र ज्ञानपुर, औराई और भदोही हैं। ज्ञानपुर सीट से निषाद पार्टी के विधायक विजय मिश्रा (Nishad Party MLA Vijay Mishra from Gyanpur seat) हैं। औराई से विधायक दीनानाथ भास्कर हैं। जबकि, भदोही से भारतीय जनता पार्टी के विधायक रवींद्रनाथ त्रिपाठी (Bharatiya Janata Party MLA from Bhadohi Rabindranath Tripathi) हैं।


आज newstrack.com की टीम औराई विधानसभा सीट के महराजगंज बाजार में लोगों के बीच उनका मूड जानने पहुंची। इस दौरान लोगों ने खुलकर अपनी बात रखी।

रिपोर्टर- भदोही में चुनावी माहौल कैसा है? यहां से कौन सी पार्टी जीतकर आ रही है?

जनता- बीजेपी।

रिपोर्टर- स्थानीय स्तर पर काम हुआ है?

जनता- यहां सड़कें बनी हैं। पुल बनी है। कई और विकास कार्य हुए हैं। इस सरकार (योगी आदित्यनाथ की सरकार) से जनता खुश है। संतुष्ट है। बिलकुल, बीजेपी ही जीतेगी।

इसी बातचीत के दौरान निषाद पार्टी के विधायक विजय मिश्रा के क्षेत्र के एक व्यक्ति ने कहा, उनके एमएलए जेल में बंद हैं। इस वजह से उनके यहां विकास कार्य उस तरह नहीं हो पाया है। उस व्यक्ति ने बताया कि ज्ञानपुर सीट से कोई भी उम्मीदवार हो उसकी टक्कर विजय मिश्रा से ही होगी। भले ही वो निषाद पार्टी में रहें या समाजवादी पार्टी में चले जाएं।

रिपोर्टर- महंगाई , बेरोजगारी कोई मदद है कि नहीं ?

जनता- कोई मुद्दा नहीं है। सरकार सुविधा दे रही है तो महंगाई कहां है।

रिपोर्टर- पेट्रोल 100 रुपए प्रति लीटर के करीब है। रसोई गैस 900 रुपए के करीब है। महंगाई तो है।

जनता- बिल्कुल, लेकिन सरकार राशन भी तो दो रुपए किलो दे रही है। उसे भी गिनें। मुफ्त राशन गांवों में मिल रहा है।

रिपोर्टर- योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री के तौर पर कैसे लगते हैं?

जनता- बहुत अच्छे हैं सौ प्रतिशत वो जीतकर आएंगे और सरकार बनाएंगे। मोदी जी भी एक नंबर के नेता हैं।

रिपोर्टर- महंगाई परेशान कर रही है कि नहीं?

जनता- जब सरकार मुफ्त में दाल, राशन, चीनी, तेल, मुफ्त आवास, मुफ्त में सड़क सब दे रही है, तो अब क्या लेंगे। सब तो मिल रहा है जनता को। महंगाई है भी तो किसे फर्क पड़ रहा है। उन्होंने रिपोर्टर से पलटकर पूछा- अब क्या उनका (सीएम योगी) घर अपने नाम करवा लें। इस सरकार में नौकरी के लिए घूस नहीं देना पड़ता है। भ्रष्टाचार नहीं है। अपराधी जेल के अंदर हैं। मां-बेटियां सड़क पर सुरक्षित चल रही हैं। कानून व्यवस्था भी बढ़िया है। जाब्ता को और क्या चाहिए।

रिपोर्टर - (एक अन्य व्यक्ति से) कौन जीत रहा है इस बार विधानसभा का चुनाव?

जनता- समाजवादी पार्टी की सरकार बनेगी। क्योंकि, वह बीजेपी सरकार की कमियों को उठा रही है। लेकिन स्थानीय तौर पर यहां बीजेपी नेताओं के चमचों के कारण लोगों में नाखुशी है।

रिपोर्टर- सरसों का तेल 200 रुपए लीटर है। कैसे नहीं है महंगाई?

जनता- जब आप खेती करेंगे, तब आपको पता चलेगा। कृषि प्रधान देश है। समय हमेशा एक जैसा नहीं रहता है। इसलिए सरकार को दोष देना सही नहीं है। लोगों को मुफ्त में राशन मिल रहा है। इस दौरान कुछ का खुलकर अपनी बात रखने से बचते रहे।

रिपोर्टर- एक अन्य व्यक्ति से। राशन मिल रहा है? और इस बार किसे वोट देंगे।

जनता- राशन मिल नहीं रहा है। अनूठा लग नहीं रहा है। शिकायत पर पहले टी घूमते हैं फिर कहते हैं तुम्हारे दो ही यूनिट हैं, वो भी उठ चुका है। पिछली बार 200 रुपए देकर जुड़वाए थे। लेकिन अबकी बार फिर बोला, की तुम्हारा नाम कट चुका लिस्ट से। अब ऐसे में क्या करें। मर जाएं क्या?

ऐसा नहीं है कि यह उम्मीदवारों को एकतरफा मुकाबला मिलेगा। बल्कि, देखकर लग रहा की विरोधी भी हैं क्षेत्र में

ये कहा 10वीं के छात्र ने

रिपोर्टर ने इस दौरान एक 10वीं कक्षा में पढ़ने वाले समीर नाम के छात्र से बात की। उससे इन्हीं सवालों को जब दोहराया गया तो उसने अखिलेश यादव के पक्ष में सरकार बनने की बात की। अखिलेश यादव अच्छे आदमी हैं। समीर अकेला नहीं था। कई अन्य युवा भी अखिलेश के समर्थन में आगे आए।

विधायक जी गायब रहते हैं

स्थानीय एक ब्यक्ति से जब ये पूछा गया कि स्थानीय विधायक में क्या कमी है? तो उसने कहा, यहां के विधायक सड़क बनवाते नहीं हैं लेकिन उद्घाटन जरूर कर देते हैं। आम आदमी को 4 महीना 6 महीना परेशानी हो रही है, लेकिन उन्हें कोई फर्क ही नहीं पड़ता। छः महीना बाद सड़क की लीपापोती कर दी जाती है। बस, बन गई सड़क। दीनानाथ भास्कर विधायक भी जब ऐसी बातें करें तो क्या कहा जा सकता है। जो हो रहा है सब ठीक ही है।

रिपोर्टर- भीड़ से, क्या मायावती लड़ाई में हैं या नहीं?

जनता- नहीं, बिलकुल नहीं। मायावती की पार्टी में व्यक्ति विशेष मात्र रह गया है। न सिद्धांत रह गया है, न पार्टी है। उस पार्टी में क्या रह गया? यहां देखने को मिला कि कई ऐसी भी लोग हैं जो प्रतिक्रिया तो देते हैं लेकिन किसी एक पार्टी से जुड़े नहीं हैं। इनका लगाव स्थानीय नेताओं से रहा है। वो जिसके समर्थन में जायेंगे, कई है जो उन्हीं को वोट करेंगे।

रिपोर्टर- मायावती और कांग्रेस लड़ाई में हैं या नहीं?

जनता- एक साथ कई लोग कहते हैं नहीं। ये दोनों कहीं नहीं हैं।

रिपोर्टर- स्थानीय स्तर पर?

जनता- आप चुनाव बाद फिर आ जाईयेगा और खुद देख लीजियेगा। धीरे-धीरे जब लोग खुलने लगे तो देखकर साफ समझ में आ गया कि इस विधानसभा सीट पर बीजेपी और समाजवादी पार्टी में ही मुख्य मुकाबला है। इसके अलावा कई अन्य युवाओं की झुंड भी newstrack.com के सामने आई, लेकिन अधिकतर ने योगी आदित्यनाथ के समर्थन में ही अपना पक्ष रखा। योगी आदित्यनाथ के किस काम से वो प्रभावित हैं तो उनका कहना था कि योगी जी ने जिस तरह काम किया है, वह बहुत अच्छा रहा है। इनके शासनकाल में बाहर सुधार आया है। बजे छात्र थे वो बोर्ड की परीक्षाओं और एनसीईआरटी की किताबें मिलन से खुश हैं।

रिपोर्टर- किस क्षेत्र में लग रहा है कि काम नहीं हुआ है।

जनता- सभी क्षेत्रों में काम हुआ है, मगर शिक्षा के क्षेत्र में उम्मीद के अनुसार काम नहीं हुआ है। भदोही के तीनों विधानसभा में कोई ऐसा काम नहीं हुआ है जिससे बेरोजगारी दूर हो, लोगों की काम मिले आदि। रोजगार की दिशा में भदोही में कुछ खास काम नहीं हुआ है। इस तरफ सरकार को ध्यान देना चाहिए। कांग्रेस की जब सरकार हुआ करती थी तब अस्पताल या प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बने थे। जिसका बाद की सरकारों ने न रखरखाव किया और न ही मरम्मत आदि की जिससे वो जर्जर हो गया। कई जगह तो ये स्वास्थ्य केंद्र गिर गए। कोई स्वास्थ्य कर्मी तक आपको नहीं मिलेगा। ऐसे में इलाके के लोग कहां जाएं।

लेकिन आम लोगों में से एक ने बताया कि एक महीने पहले सीएम योगी आए थे। उन्होंने एक मेडिकल कॉलेज अस्पताल की घोषणा की है। वहीँ बिजली व्यवस्था पर पूछने पर स्थानीय जनता का कहना है, कि अब यहां किसी को इन्वर्टर की जरुरत नहीं पड़ती है। पर्याप्त बिजली मिलती है। 22-22 गहरे बिजली रहती है। पहले एक हफ्ता दिन और एक हफ्ता रात में बिजली मिलती थी, अब उस दौर से आगे निकल आये हैं।

वहीं, जब एक बुजुर्ग से पूछा गया कि कौन से राजनेता बेहतर हैं तो उनका कहना था कि मोदी-योगी ही बेहतर हैं। सरकार इतना खर्चा जनता के लिए कर रही है, फिर भी अगर महंगाई की ही बात करेंगे तो बेमानी होगी। कई लोगों ने कोरोना के दौरान योगी सरकार के बेहतर प्रबंधन और कुशल काम की प्रशंसा की। उन्होंने कहा जिस तरह लॉकडाउन रहा और दूसरी लहर में मौतें हो रही थीं, उसमें अगर प्रदेश सरकार काम नहीं की होती तो लाशों का ढेर लग जाता।

newstrack.com की टीम ने भदोही के औराई विधानसभा क्षेत्र के स्थानीय लोगों से बात की, जिसमें अधिकतर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समर्थन में दिखे, तो कुछ अखिलेश यादव के। यहां इस क्षेत्र में कांग्रेस पार्टी और बहुजन समाज पार्टी का कोई समर्थक या जनाधार देखने को नहीं मिला।

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Shashi kant gautam

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