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Kaushambi News: कौशांबी के सरकारी अस्पताल में तड़पते रहते हैं मरीज, दोपहर बाद आते हैं डॉक्टर

कौशांबी के सरकारी अस्पताल में चिकित्सकों की अनुपस्थिति में लाल पीली दवा देकर वार्ड ब्याय फार्मासिस्ट मरीजों की भीड़ को कम हैं। मरीज अस्पताल में तड़पते रहते हैं डॉक्टर दोपहर के बाद आते हैं

Ansh Mishra

Ansh MishraReport Ansh MishraShashi kant gautamPublished By Shashi kant gautam

Published on 11 Aug 2021 1:46 AM GMT

CHC Chail Hospital absence of doctors
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कौशांबी: सरकारी अस्पताल 

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Kaushambi News: उत्तर प्रदेश के जनपद कौशांबी के चायल कौशांबी सरकारी अस्पताल की व्यवस्था में सुधार होता नहीं दिख रहा है। योगी सरकार बार-बार सरकारी अस्पताल की व्यवस्था सुधारने का निर्देश दे रही है। जिलाधिकारी और मुख्य चिकित्साधिकारी सरकारी अस्पतालों का निरीक्षण कर रहे हैं। लेकिन उसके बाद भी सरकारी अस्पतालों की व्यवस्था नहीं सुधर रही है। सरकारी अस्पतालों की चौपट व्यवस्था के चलते इलाज कराने पहुंचे मरीज अस्पताल परिसर में तड़पते देखे जाते हैं। लेकिन मरीजों का इलाज कौन करे जब चिकित्सक अस्पताल परिसर में मौजूद नहीं होते हैं।

बता दें कि चिकित्सकों की अनुपस्थिति में लाल पीली दवा देकर वार्ड ब्याय फार्मासिस्ट मरीजों की भीड़ को कम करना चाहते हैं। कुछ मरीज तो वार्ड ब्याय फार्मासिस्ट की लाल पीली दवा लेकर चले जाते हैं। लेकिन कुछ मरीज चिकित्सक का इंतजार करते रहते हैं योगी सरकार में सरकारी अस्पतालों की व्यवस्था में कब सुधार होगा जनता इसका इंतजार कर रही है।

सीएचसी चायल अस्पताल बीते कई वर्षों से दुर्दशा का शिकार

चायल तहसील क्षेत्र के सीएचसी चायल अस्पताल बीते कई वर्षों से दुर्दशा का शिकार है। यहां के चिकित्सक अस्पताल में दोपहर बाद पहुंचते हैं। फार्मासिस्ट वार्ड ब्याय अस्पताल चलाते हैं। इस अस्पताल में गर्भवती महिलाओं की जांच और इलाज के नाम पर भी उन्हें ठोकर खानी पड़ती है। चिकित्सक की अनुपस्थिति के चलते महिलाओं के इलाज में लगे सरकारी स्वास्थ्यकर्मी भी महिलाओं से अभद्रता करते हैं। जगह-जगह पर शोषण किया जाता है।

सरकार द्वारा चलाई जाने वाली योजनायें अभिलेखों तक सीमित र

सरकार द्वारा चलाई जाने वाली विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाएं इस अस्पताल में बेमतलब साबित हो रही हैं योजनाओं का संचालन केवल अभिलेखों तक सीमित रह गया है योजनाओं के प्रचार-प्रसार के नाम पर केवल ढिंढोरा पीटा जा रहा है। सरकारी अस्पताल की चौपट व्यवस्था के चलते इलाके में अवैध नर्सिंग होम की भरमार है। जहां मरीज लूटे जाते हैं। तमाम शिकायतों के बाद स्वास्थ्य विभाग अस्पताल के जिम्मेदारों पर मेहरबान है।

सूत्र बताते हैं कि अस्पताल के चिकित्सक निजी नर्सिंग होम में व्यस्त हैं जहां लाखों रुपए रोज की कमाई होती है। जिसके चलते उन्हें सरकारी अस्पताल से मोह नही हैं। सीएससी प्रभारी के इस कारनामे के चलते मरीज तड़प रहे हैं। मरीजों की हाय यदि योगी सरकार को लगी तो 2022 के चुनाव की राह योगी सरकार के लिए कठिन होगी।

बाबू ड्यूटी ना करने वाले चिकित्सकों कर्मियों से माहवारी वसूलता है

सूत्रों की मानें तो स्वास्थ्य विभाग का एक बाबू ड्यूटी ना करने वाले चिकित्सकों कर्मियों से माहवारी वसूल रहा है। साहब के अगल-बगल यह बाबू घूमता देखा जाता है। लेकिन उस बाबू तक मुख्य चिकित्सा अधिकारी की नजर नहीं पहुंच पाती है। बाबू की कमाई भी कई लाख महीने की है। झोलाछाप डॉक्टर अवैध नर्सिंग होम बिना ड्यूटी देने वाले सरकारी चिकित्सक कर्मचारियों से अवैध वसूली कर मालामाल होने वाले बाबू के नामों का खुलासा किया जाना आवश्यक होगा। सीएचसी चायल की व्यवस्था भी सुधारे जाने की जरूरत है। लेकिन व्यवस्था में सुधार होता नहीं दिख रहा है।

Shashi kant gautam

Shashi kant gautam

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