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Varanasi News: सुपोषण प्रोजेक्ट के तहत गर्भवती-धात्री महिलाओं को किया गया जागरूक

समय के साथ समाज में काफी जागरुकता आई है। बावजूद इसके कई ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी जागरुकता का अभाव है।

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NetworkNewstrack NetworkRaghvendra Prasad MishraPublished By Raghvendra Prasad Mishra

Published on 2 Aug 2021 2:36 PM GMT

Suposhan Sangini
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गर्भवती महिलाओं को जागरूक करतीं सुपोषण संगिनी (फोटो साभार-सोशल मीडिया)

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Varanasi News: समय के साथ-साथ समाज में काफी जागरुकता आई है। बावजूद इसके कई ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी जागरुकता का अभाव दिखाई देता है। ऐसे क्षेत्रों में लोगों को जगरूक करने के लिए सरकार और गैर सरकारी संस्थाए लगी हुई हैं। इसी के तहत ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को जागरूक करने की दिशा में अदाणी फाउंडेशन के तरफ से संचाालित सुपोषण प्रोजेक्ट के तहत सुपोषण संगिनियां काम कर रही हैं। सोमवार को लल्लापुरा, नक्खीघाट, राजाबाजार, सरैया, मकदूमबाबा, राजघाट, देलवारिया स्थित मलिन बस्तियों में अदाणी फाउंडेशन द्वारा संचालित सुपोषण प्रोजेक्ट के तहत विश्व स्तनपान सप्ताह के अवसर पर कुल 36 मलिन बस्तियों में 214 गर्भवती, धात्री महिलाओं को विश्व स्तनपान सप्ताह के बारे में जागरूक किया गया।

इसके अलावा काउंसिलिंग और टेलीकॉउंसलिंग के माधयम से स्तनपान के महत्व को समझाते हुए कोलेस्ट्रम एवं स्तनपान से जुड़ी भ्रांतियों को सुपोषण संगिनियों द्वारा दूर किया गया। इस अवसर पर सुपोषण संगिनियों की तरफ से महिलाओं को विभिन्न माध्यामों से बच्चों को कैसे पकड़े, कंगारू मदर केयर, दुध पिलाने के सही तरीके एवं डकार दिलाने तक की पूरी प्रक्रिया उनके सामने बेबी डमी को दिखा कर उनको जागरूक किया गया। इसके अलावा साफ सफाई का ध्यान कैसे रखना चाहिए, इससे भी अवगत कराया गया।


इस अवसर पर अदाणी फाउंडेशन की सुपोषण अधिकारी ममता यादव, सहायक सुपोषण अधिकारी प्रियंका तिवारी, जुगल केशरी एवं सुपोषण संगिनी बिंदु पटेल, अनीता देवी, लुबना बानो इत्यादि उपस्थित थे।

बता दें कि अदाणी फाउंडेशन के तरफ से संचाालित सुपोषण प्रोजेक्ट के तहत ग्रामीण व पिछड़े इलाकों में महिलाओं को स्वच्छता और सेहत के प्रति जागरूक करने की जिम्मेदारी सुपोषण संगिनियों को दी गई है। जो मलिन बस्तियों में रहने वाली महिलाओं के बीच जाकर सेहत से जुड़ी उनकी भ्रांतियों को दूर करने के साथ साथ उन्हें जागरूक भी कर रही हैं। वहीं महिलाओं पर इसका असर भी पड़ता दिखाई दे रहा है।

Raghvendra Prasad Mishra

Raghvendra Prasad Mishra

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