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गोरखपुर: गौ संरक्षण केंद्र में पशुओं की मौत पर उठे सवाल...

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 10 जनवरी का अल्टीमेटम दिया था और उसके बाद गायों के पकड़ने में तेजी आई। वही गौ संरक्षण केंद्र के बोर्ड को भी बदल दिया गया। फिलहाल आज यहां एक पशु की मौत हो गई। जिसके बाद वहां पहुंचे एनजीओ के कार्यकर्ताओं ने हंगामा करना शुरू कर दिया, और देखते ही देखते पुरे शहर में हड़कंप मचा गया।

Aditya Mishra

Aditya MishraBy Aditya Mishra

Published on 2 Feb 2019 12:45 PM GMT

गोरखपुर: गौ संरक्षण केंद्र में पशुओं की मौत पर उठे सवाल...
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गोरखपुर: एक साथ चार गायों क हालत नाजुक, एक की मौत के बाद दुसरा मरणासन्न पर, बाकी दो की स्तिथि भी नाजुक, डाक्टर ने भी दिया जवाब, जी हां आज गौ संरक्षण केंद्र पर उस समय हड़कंप मचा गया। जब एक एनजीओ वहा पर पहुंचा और वहा की स्थिति देख सभी को फोन करना शुरू कर दिया मौके पर पहुंच तो पता चला कि ये गाय सड़कों पर बीमार और घायल अवस्था में पड़ी थी इन्हें यहा लाया गया है, और जिनमे से की एक की मौत बाकी 3 की हालत नाजुक है।

गोरखपुर के फर्टिलाइजर स्थित का गौ संरक्षण केंद्र जहा हर रोज दर्जनों आवारा और पालतू पशु को पकड़ कर लाया जाता है, चूँकि इसमें तेजी इसलिए भी आ गई, क्योकि प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 10 जनवरी का अल्टीमेटम दिया था, और उसके बाद गायो के पकड़ने में तेजी आई, वही गौ संरक्षण केंद्र के बोर्ड को भी बदल दिया गया, फिलहाल आज यहा एक पशु की मौत हो गई, जिसके बाद वहा पहुचे एनजीओ ने हंगामा करना शुरू कर दिया, और देखते ही देखते पुरे शहर में हडकम्प मचा गया।

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फर्टिलाइजर स्थित गौ संरक्षण केंद्र पर आज जब हमारी टीम मौके पर पहुंची तो पता चला, कि वहा एक पशु मरा पड़ा है, दुसरा तडप रहा है, बाकी दो भी मरणासन्न स्थिति में पड़े हुए है, और अंदर की स्तिथि काफी हद तक खराब नजर आई, क्योकि इस गौ संरक्षण केंद्र में जानकारों की माने तो महज 40 से 50 की संख्या में ही यहाँ पशुओ के रखने की जगह है, लेकिन यहा मौजूदा हालात में 70 से 80 रखे जाते है, और जानकारों का ये भी मानना है, कि अगर किसी पशु को कोई बीमारी हो जाय, दुसरे पशुओ को इन्फेक्शन बहुत जल्दी होता है और इस पुरे जगह में पशु मरने की कगार पर थे।

जिनमे से एक मर भी गई लेकिन कई घंटो तो वो वही उसी जगह पर पड़ी है, और बाकी तडपती नजर आई ।फिलहाल जब इस पुरे मामले पर वहा पर मौजदू नगर निगम के मुंशी गौ संरक्षण केंद्र ज्ञान पांडेय से पूछा गया, तो उन्होंने बताया, कि एसा कुछ नहीं था, ये पूरी तरह से गलत खबर दी गई, एक एनजीओ के द्वारा, क्योकि सडको पर पालतू और आवारा पशुओ को पकड़ने की जिम्मेदारी हमे दी गई है और जब इन्हें पकड़ कर लाया जाता है, तो इनमें से कई घायल अवस्था में पड़ी रहती है और यहा लाकर उनका इलाज किया जाता है।

इन्ही में से एक पशु मर गई है, जिसे जेसीबी मंगवा कर हटाया जा रहा है, बाकी 3 की भी हालात खराब है, जिनमे से एक को डाक्टर ने जवाब दे दिया है, और यहा पर सभी पशुओ का देखभाल किया जाता है, यह पर तकरीबन 70 के आस पास पशुओ के रखने की जगह है, लेकिन उससे पहले ही हम इन्हें महराजगंज के मध्वालिया में भेज दिया जाता है।

गायो के संरक्षण के लिए फर्टिलाइजर में स्तिथ एसएसबी कैम्प में गौ संरक्षण केंद्र बनाया गया है, जहा पर सडको पर घुमने वाले आवारा व् पालतू पशुओ को लाया जाता है, इसके बाद दुधारू पशुओ को छोड़ कर बाकी को म्ध्वलिया में शिफ्ट कर दिया जाता है, और यहाँ पूरी तरह से पशुओ का देख भाल किया जाता है, फिलहाल एक ही दिन में चार गायो का तड़पना और दो का मर जाना इस घटना ने कही न कही प्रशासन को सकते में जरुर डाल दिया था।

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