50 फीसदी सजा काट चुके कैदी रिहा किये जाएंगेः राजनाथ

केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि जिसकी सज़ा 50 फीसदी पूरी हो गई है ऐसे बंदियों को रिहा करने का निर्णय हुआ है। इस संबंध में गृह मंत्रालय ने एडवाइजरी जारी कर दी है। श्री सिंह सेंट्रल बार एसोसिएशन के शपथ ग्रहण समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने लखनऊ के चौतरफा विकास का दावा करते हुए सरकार की उपलब्धियों को गिनाया।

Published by Anoop Ojha Published: January 24, 2019 | 7:59 pm
Modified: January 24, 2019 | 8:35 pm

50 फीसदी सजा काट चुके कैदी रिहा किये जाएंगेः राजनाथ

लखनऊ:  केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि जिसकी सज़ा 50 फीसदी पूरी हो गई है ऐसे बंदियों को रिहा करने का निर्णय हुआ है। इस संबंध में गृह मंत्रालय ने एडवाइजरी जारी कर दी है। श्री सिंह सेंट्रल बार एसोसिएशन के शपथ ग्रहण समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने लखनऊ के चौतरफा विकास का दावा करते हुए सरकार की उपलब्धियों को गिनाया।

गृहमंत्री ने कहा कि राजनीतिक क्षेत्र में विश्वसनीयता का संकट है, जो आश्वासन आज़ादी के बाद नेताओं ने दिये, अगर वो आंशिक तौर पर भी पूरे हुए होते तो देश कहीं आगे होता। उन्होंने कहा कि ज़रूरत है कि आश्वासन दें तो संभल कर ताकि विश्वास का संकट गहरा न हो। ऐसी कोशिश सभी को करनी होगी।

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इसके बाद लखनऊ के सांसद राजनाथ सिंह ने कहा कि सेंट्रल बार एसोसिएशन में पहली बार आने का मौका मिला है। सीएम रहते हाईकोर्ट आने का मौका मिला था। उन्होंने कहा कि वह आश्वस्त हैं कि जो शपथ ली है उसी के अनुरूप अधिवक्ता साथी अपने दायित्वों का निर्वहन करेंगे। इस अवसर पर विधि और न्याय मंत्री बृजेश पाठक ने अधिवक्ताओं की मांग पर विधायक निधि से 25 लाख रुपए देने का एलान किया।

गृह मंत्री श्री सिंह ने कहा कि वकालत का पेशा है सारी दुनिया में जितने भी प्रोफेशन हैं उनमें सबसे पुराना है। वकील केवल व्यक्तिगत या परिवार की आजीविका के लिए ही नही बल्कि सामाजिक दायित्व को भी निभाता है।

गृह मंत्री के कार्यक्रम में बिजली गुल हो गयी। लेकिन उन्होंने बिना रोके भाषण जारी रखते हुए कहा कि देश की व्यवस्था संविधान के अनुरूप चल रही है। हम भी संविधान के अनुरूप चलते हैं। सब के मान सम्मान की रक्षा हो ऐसा संविधान है हमारा। संविधान में असमानता को दूर करने की व्यवस्था है।

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उन्होंने कहा कि संविधान से हम सब बंधे हैं। उसी के तहत काम कर रहे हैं। संविधान का निर्माण करना इस देश की रक्तहीन क्रांति थी। क्योंकि जब संविधान बना तो कोई संघर्ष नहीं हुआ।

गृहमंत्री ने कहा कि देश को लोकतांत्रिक सेहत के लिए ज़रूरी है कि न्यायिक व्यवस्था प्रभावी हो। उन्होंने कहा कि जब सरकार आई थी पीएम और लॉ मिनिस्टर से बात हुई। पुराने क़ानून को खत्म करने को बात हुई। हमने 1500 क़ानून खत्म किये। बहुत केस पेंडिंग है उस को ख़त्म करने की कोशिश जारी है। 4 लाख से ज़्यादा बंदी है जो न्याय मिलने की प्रतीक्षा में हैं।

श्री सिंह ने कहा कि बहुत धर्म संकट में हूँ गंभीरता से कहता हूँ यहां बैठा तो शर्मिंदा महसूस कर रहा हूं। जब से सांसद का दायित्व संभाला है लखनऊ को सुंदर बनाने की सोचता रहा, हम ने सब के बारे में सोचा लेकिन बार के बारे में नही सोचा। एक महीने से कम का समय है, ऐसा संभव नही है कि अब चिट्ठी लिख दूं तो काम शुरू हो जाए। अगर आप भरोसा कर सकें तो अगर दोबारा चुना गया तो अवध बार हाईकोर्ट और सेंट्रल बार के लिए काम करूँगा और एक महीने में जो संभव होगा करूँगा।

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इस मौके पर सेंट्रल बार के सेंट्रल बार एसोसिएशन अध्यक्ष आदेश कुमार सिंह, महासचिव संजीव पांडे, वरिष्ठ उपाध्यक्ष के पद पर शबीह अहमद, मध्य उपाध्यक्ष ध्रुव सिंह व अमरेश पाल सिंह, कनिष्ठ उपाध्यक्ष विकास श्रीवास्तव उर्फ वीकू, संयुक्त सचिव नीरज कुमार यादव, गोवर्धन लाल गुप्ता व अनिल कुमार मिश्रा, कोषाध्यक्ष अनुज जैन ने शपथ ली।