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रामपाल यादव ने SP के खिलाफ खोला मोर्चा, CM से बताया जान को खतरा

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Published on 8 May 2016 1:48 PM GMT

रामपाल यादव ने SP के खिलाफ खोला मोर्चा, CM से बताया जान को खतरा
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लखनऊ: सपा से निष्कासित विधायक रामपाल यादव ने सपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। रामपाल ने सीएम अखिलेश यादव से जान का खतरा बताया है।

रविवार को राजधानी में एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान यादव ने कहा कि उनकी जान को भोले-भाले सीएम से खतरा है। लेकिन इस सब पर हमारे नेता मुलायम सिंह यादव मूकदर्शक बने बैठे हैं। पूरा परिवार कौरवों की भूमिका में सीएम के इशारे पर उत्पीड़न कर रहा है।

समाजवादी पार्टी नहीं 'परिवारवाद पार्टी'

सपा पर प्रहार करते हुए रामपाल यादव ने कहा कि यह समाजवादी पार्टी नहीं बल्कि परिवारवादी पार्टी है। इस परिवार से 22 लोग सत्तासीन हैं।

बेटे की जीत की वजह से किया निष्कासित

रामपाल ने बिल्डिंग ढहाए जाने के कारण बताते हुए कहा कि उन्होंने अपने बेटे जितेंद्र यादव को जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव मैदान में उतारा। पर चुनाव के पांच दिन पहले बसपा से आयातित प्रत्याशी सीमा गुप्ता को प्रत्याशी घोषित किया गया। फिर भी मेरे बेटे को जीत मिली। इसी से सीएम ने मुझे अपने विरोधी के रूप में चिन्हित कर पार्टी से निलंबित और निष्कासित किया।

और क्या लगाए आरोप ?

-ब्लॉक प्रमुख के चुनाव में भी मेरी बेटी के खिलाफ सपा ने प्रत्याशी खड़ा किया था।

-उसके बावजूद मेरी बेटी ने ऐतिहासिक जीत हासिल की।

-इन कारणों से सीएम ने मुझे अपना व्यक्तिगत दुश्मन मानकर मेरे कारोबार बंद कराने का अधिकारियों को निर्देश दिया।

-एमएलसी चुनाव के समय फिर पार्टी में शामिल कराया।

-आनंद भदौरिया को निर्विरोध एमएलसी घोषित कराने का काम किया।

-हमारी संगठन और बौद्धिक क्षमता को देखते हुए खुन्नस खाकर सीएम ने यह काम किया।

-विधायक के तौर पर मेरी सुरक्षा ली गई वापस।

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