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रामनवमी पर रामलला को पहनाया गया सोने का मुकुट, मिली नई पोशाक

अयोध्या में श्रीरामलला सहित सभी विग्रह को वैदिक मंत्रोंचारण के साथ केशव प्रसाद मौर्य की ओर से समर्पित नई पोशाक पहनाई गई।

NathBux Singh

NathBux SinghReporter NathBux SinghRoshni KhanPublished By Roshni Khan

Published on 21 April 2021 9:04 AM GMT

ram navami celebrated in ayodhya
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राम नवमी (फोटो- सोशल मीडिया)

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अयोध्या: श्रीराम नवमी भगवान श्रीरामलला के पावन जन्मोत्सव पर्व पर अयोध्या में श्रीरामलला सहित सभी विग्रह को वैदिक मंत्रोंचारण के साथ उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की ओर से समर्पित नई पोशाक पहनाई गई। इसके अलावा श्रीराम जन्मभूमि में विराजमान रामलला को सोने का मुकुट पहनाया गया। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सौजन्य से श्री रामलला के साथ विराजमान चारों भाइयों को भी सोने का मुकुट पहनाया गया। राम जन्मोत्सव के मौके पर रामलला ने सोने का मुकुट धारण किया है।

पिछले वर्ष भी कोरोना महामारी के दौरान प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने श्रीरामलला को अपने निकटतम विहिप के मीडिया प्रभारी शरद शर्मा तथा पुजारी संतोष जी महाराज के माध्यम से अपनी श्रद्धा समर्पित करते हुये भगवान को छप्पन भोग प्रसाद लगवाकर देश व प्रदेश में लगातार बढ़ रहे कोरोना महामारी से मुक्ति तथा समाज के उत्तम स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना की थी।आज रामनवमी के मौके पर बुधवार को पुनः उप मुख्यमंत्री मौर्य ने अपने संकल्प और परम्परा का पुनः पालन करते हुये भगवान को अपनी श्रद्धा समर्पित की ।

प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने राम जन्मोत्सव के अवसर पर अपने संदेश में कहा कि वर्तमान संकट शीघ्र समाप्त होगा और राम भक्त प्रभु के चरणों में पुनः दर्शनार्थ उपस्थित होंगे। संकटों की काली छाया अधिक दिनों तक नही रहने वाली है। इस पर समाज की विजय सुनिश्चित है। उन्होंने कहा कि आज के दिन हम सभी अपने निवास स्थान पर रहकर प्रभु की स्तुति करें और सम्पूर्ण विश्व के स्वस्थ जीवन की मंगल कामनायें करें।

अयोध्या में सादगी से मनाई जा रही रामनवमी, बाहरी श्रद्धालुओं को नहीं मिल रहा प्रवेश, कोरोना संकट के चलते अयोध्या में रामनवमी पर्व सादगी से मनाया जा रहा है। भगवान राम के जन्म उत्सव का उल्लास देखने को नही मिल रहा। आम श्रद्धालु के लिए अयोध्या के सभी मंदिरों के कपाट बंद कर दिए गए हैं।अयोध्या धाम की सीमा सील कर दी गयी है।अयोध्या धाम में आम श्रद्धालु प्रवेश नही कर पा रहे हैं।

अयोध्या आने पर 48 घंटे के अंदर कोविड की निगेटिव रिपोर्ट दिखाने की बाध्यता लागू कर दी गयी है। राम जन्मभूमि परिसर में भी रामलला का जन्मोत्सव सादगी पूर्ण ढंग से मनाया जाएगा। कनक भवन समेत अन्य मंदिरों में भी सादगी पूर्ण से भगवान राम का जन्म उत्सव मनेगा। दोपहर 12 बजे भगवान राम का जन्म हो गया।

कोरोना संक्रमण के चलते अयोध्या में श्रद्धालुओं को प्रवेश न मिलने से सरयू तट पर सन्नाटा छाया हुआ है। सरयू के घाटों पर स्नान करने वालों की भीड़ नहीं दिख रही है। यही हाल राम जन्मभूमि और कनक भवन समेत अन्य प्रमुख मंदिरों की ओर जाने वाले मार्गों का है। कहीं भी श्रद्धालुओं के जत्थे नहीं दिखाई दे रहे हैं। अयोध्या की बाहरी सीमा से ही आने वाले श्रद्धालुओं को पुलिस के जवान वापस लौटा दे रहे हैं, सुरक्षा व्यवस्था को लेकर मजिस्ट्रेट और पुलिस के अफसर अयोध्या के सभी मुख्य स्थानों पर तैनात कर दिए गए।

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Roshni Khan

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