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सीआरपीएफ सेंटर पर हुए आतंकी हमले की अगली सुनवाई 8 को

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NewstrackBy Newstrack

Published on 29 Jan 2016 1:46 PM GMT

सीआरपीएफ सेंटर पर हुए आतंकी हमले की अगली सुनवाई 8 को
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रामपुर: यूपी के रामपुर में 31 दिसमबर 2007 की रात सीआरपीएफ सेंटर पर हुए आतंकवादी हमले में शुक्रवार को राज्य के 'बाल पुष्टाहार विभाग' के प्रमुख सचिव कुमार कमलेश और महाराष्ट्र के पासपोर्ट तुलसी दास शर्मा को बतौर गवाह पेश किया गया। सीआरपीएफ सेंटर पर हुए हमले का मुकदमा रामपुर की कोर्ट में चल रहा है। आतंकी हमले के सभी 8 आरोपियों को लखनऊ और बरेली केंद्रीय जेल से रामपुर में कड़ी सुरक्षा के बीच लाया गया। मुकदमें में अगली तारीख 8 फरवरी तय की गई है।

क्या है पूरा मामला

साल 2007 की 31 दिसम्बर की रात को करीब 12 बजे जब पूरी दुनिया नए साल की खुशियां मना रही थी तब आतंकियों ने रामपुर के सीआरपीएफ ग्रुप केन्द्र को निशाना बनाया था जिसमें सीआरपीएफ के 7 जवान शहीद हो गए थे। इसके अलावा एक रिक्शा चालक भी आतंकवादियों की गोली का निशाना बना था। इस मामले में पुलिस और एटीएस ने घटना के 40 दिन बाद 8 लोगों को गिरफ्तार कर आरोपी बनाया था। जिनके नाम इमरान, शहजाद, सबाउददीन, मोहम्मद शरीफ खां, गुलाब खां, जंग बहादुर उर्फ बाबा खान, कौसर खां, मोहम्मद फारूख और फईम अंसारी हैं।

साल 2008 से ये मामला रामपुर कोर्ट में विचाराधीन है। मुकदमें की शुक्रवार को सुनवाई में बाल विकास एंव पुष्टाहार विभाग के प्रमुख सचिव कुमार कमलेश ने रामपुर पहुंचकर गवाही दी। आतंकियों पर दर्ज सभी मुकदमों में अतिरिक्त चार्जशीट दाखिल करने की अनुमति गृह विभाग के तत्कालीन विशेष सचिव कुमार कमलेश ने प्रदान की थी। प्रमुख सचिव के अलावा महाराष्ट्र ठाणे के पासपोर्ट अधिकारी तुलसी दास शर्मा ने भी गवाही दी।

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