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चेतावनी पर लापरवाह प्रशासन, सुलग रहा है झाझर में किसान आक्रोश

Sanjay Bhatnagar

Sanjay BhatnagarBy Sanjay Bhatnagar

Published on 12 Jun 2016 2:12 PM GMT

चेतावनी पर लापरवाह प्रशासन, सुलग रहा है झाझर में किसान आक्रोश
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बुलंदशहर: ग्रेटर नोएडा, टप्पल और भट्टा पारसौल के बाद अब बुलंदशहर किसानों के बड़े आंदोलन का रण बन सकता है। हिंसक किसान आंदोलनों के लिए चर्चित किसान नेता मनवीर तेवतिया ने 5 साल अंडरग्राउंड रहने के बाद बुलंदशहर में भूख हड़ताल के साथ किसानों का आंदोलन शुरू किया है। आरोप है कि चकबंदी प्रक्रिया में कुछ रसूखदार मनमर्जी कब्जे कर रहे हैं

रसूखदारों पर आरोप

-सिकन्द्राबाद तहसील ककोड के गांव झाझर में चकबंदी प्रक्रिया चल रही है।

-किसानों का गुस्सा चकबंदी अफसरों के खिलाफ है, जो उनकी बिना रजामंदी के खेतों की नाप कर रहे हैं।

-इसके खिलाफ ग्रामीणों ने शुक्रवार से आमरण अनशन शुरू कर दिया।

-इस आंदोलन की कमान किसान नेता मनवीर तेवतिया के हाथों में है।

-तेवतिया का आरोप है कि झांझर में समाजवादी पार्टी से जुड़े कुछ रसूखदारों ने पहले सैकड़ों बीघा सरकारी जमीन के पट्टे ले लिये।

-अब चकबंदी के जरिये उन पर कब्जा जमाकर सियासी रसूखों के बलबूते किसानों की जमीन में ऐड़ा लगा रहे हैं।

-प्रावधान है कि सरकारी जमीन पर चकबंदी के बाद कब्जा मिल जाने पर उसकी अपील कोर्ट में नही होती।

farmers protest-land consolidation-administration ignore झाझर में किसान पंचायत

विरोध के बाद चकबंदी तेज

-चकबंदी प्रक्रिया के तहत 2 हफ्ते से खातों में दर्ज चकों की नाप और कब्जे हटाने का काम चल रहा है।

-विरोध के बाद सीओ चकबंदी के नेतृत्व में लगी 6 टीमों ने कई जगह काम पूरा कर लिया और कई जगह तेज कर दिया है।

-झांझर में चकबंदी प्रक्रिया का विरोध करने पर पुलिस ने पूर्व ग्रामप्रधान और उनके समर्थकों पर दो केस दर्ज कर लिए हैं।

-बसपा सरकार में टप्पल और भट्टा-पारसौल में जमीन अधिग्रहण के विरोध में मनवीर तेवतिया ने किसानों का नेतृत्व किया था।

-दोनों जगह हिंसक किसान आंदोलन में कई किसान सरकारी गोली से मारे गये थे।

-2012 के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले तेवतिया के आंदोलन के बाद मायावती की सरकार चली गई थी।

farmers protest-land consolidation-administration ignore तेवतिया के नेतृत्व में हो रहा है विरोध

मनवीर पर दर्ज है 28 मुकदमे

-मनवीर तेवतिया पर पिछले किसान आंदोलनों के दौरान 28 मुकदमे दर्ज हुए थे।

-इनमें से 19 मुकदमे प्रदेश की अखिलेश यादव सरकार ने वापस ले लिये।

-अब तेवतिया अखिलेश सरकार को ही चुनौती दे रहे हैं। तेवतिया ने जिला प्रशासन को गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी है।

-उधर सीओ चकबंदी का दावा है, कि चकबंदी की प्रक्रिया बिना बाधा के जारी है और जल्द पूरी हो जाएगी।

-अपर पुलिस अधीक्षक राममोहन सिंह ने भी सब सामान्य होने और धरने की जानकारी जिला प्रशासन को दे देने की बात कही है।

Sanjay Bhatnagar

Sanjay Bhatnagar

Writer is a bi-lingual journalist with experience of about three decades in print media before switching over to digital media. He is a political commentator and covered many political events in India and abroad.

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