सैम हिगिनबॉटम यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चर टेक्नोलॉजी एंड साइंस में करोड़ों के गबन

 

11 आरोपियों के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल
केशव मौर्य के तेवर से नहीं मिल पा रही राजनीतिक शरण

आरबी त्रिपाठी की स्पेशल रिपोर्ट
लखनऊ। सैम हिगिनबॉटम यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चर टेक्नोलॉजी एंड साइंस (शुआट्स) में करोड़ों के गबन का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। अल्पसंख्यक संस्थान के नाम पर राजनीतिक शरण तलाश रहे इस यूनिवर्सिटी के वाइसचांसलर आरबी लाल और उनके भाइयों को अब कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी भी नहीं बचा पा रही हैं। हालांकि आरबी लाल के परिवार ने इन तीनों पार्टियों में अपने गुर्गों के जरिए शरण ली थी और मदद मांगी थी।

इन पार्टियों के कुछ नेताओं ने प्रेस कांफ्रेंस करके बचाव की कोशिश की थी। राजनीतिक हमले से पुलिस भी कुछ लचर पड़ रही थी, लेकिन प्रदेश सरकार का रुख देख जांच टीम नरम नहीं पड़ी। अब लाल परिवार पर शिकंजा और कस गया है। छानबीन में जो तथ्य सामने आ रहे हैं, उनसे कुछ और कारनामों की परतें उधड़ रही हैं। गबन की कालिख से लाल परिवार खुद को बचा पाएगा, ऐसा लगता नहीं हैं।

उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य लाल परिवार के कारनामों के खिलाफ डेढ़ दशक तक आंदोलन करते रहे हैं। पुलिस को भी यह सारे तथ्य पता हैं। इसीलिए तमाम प्रलोभनों के बावजूद जांच टीम अपना काम करने से नहीं चूक रही। यूनिवर्सिटी की तकरीबन 24 करोड़ की रकम के गबन को लेकर चल रही जांच में पुलिस ने 11 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है। इसमें वाइसचांसलर आरबी लाल के भाई एसबी लाल भी शामिल हैं। आरबी लाल और उनके एक और भाई विनोद बी लाल भी शक के घेरे में हैं।

आरबी लाल और विनोद बी लाल ने गिरफ्तारी से बचने के लिए हाईकोर्ट की शरण ली थी और स्?टे ऑर्डर हासिल कर लिया था। इसलिए फिलहाल वह गिरफ्तारी से बचे हुए हैं जबकि शुआट्स के खातों से करोड़ों की रकम निकालने के इस घोटाले में 9 लोग जेल भेजे जा चुके हैं। इनमें पांच आरेापी एक्सिस बैंक के अफसर और कर्मचारी भी हैं, जबकि चार आरोपी शुआट्स के हैं। इलाहाबाद के एसपी क्राइम बृजेश मिश्र का साफ तौर पर कहना है कि फिलहाल 11 आरोपियों के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है।

जांच कर रहे सीओ कर्नलगंज आलोक मिश्र ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में जिन लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है उनमें शुआट्स के प्रो वाइसचांसलर एसबी लाल शामिल हैं। उनके साथ वित्त नियंत्रक बीएस लाल, एकेए लारेंस, शुआट्स के ही पूर्व निदेशक स्टीफन दास, कुलसचिव राबिन एल प्रसाद, उप वित्त नियंत्रक अजय डेविड व लेखाकार राजेश कुमार के नाम हैं। इसी प्रकार इसी गबन में एक्सिस बैंक से बर्खास्त किए गए बैंक मैंनेजरों में कमाल अहसन, अंकुर मित्तल, सचिन सोनी व सौरभ जायसवाल के खिलाफ भी अदालत में चार्जशीट दाखिल की गई है।

69 खातेदारों को बुलाया
एसपी क्राइम मिश्र ने बताया कि गबन की विवेचना चल रही है। इसमें आरबी लाल, विनोद बी लाल के साथ ही बैंक के चार और अफसरों का नाम प्रकाश में आए हैं। विवेचना में कई चौंकाने वाले तथ्यों का पता चला है। एक्सिस बैंक से 391 चेकों से ट्रांजेक्शन हुआ है। बहुत से चेकों का उल्लेख हुआ है पर भुगतान के लिए पेश नहीं किए गए। अब जांच जिस दिशा में बढ़ रही है उसके तहत 69 उन खातेदारों को नोटिस भेजकर बुलाया जा रहा है जिनके खातों में गबन की रकम जमा की गई है। इससे यह भी साफ हो जाएगा कि कहीं फेक आईडी से तो खाते नहीं खोले गए। एसपी क्राइम का कहना है कि जिस तरह के तथ्य सामने आ रहे हैं, उनसे तय है कि कोई भी आरोपी बचेगा नहीं। हर आरोपी को जेल जाना होगा।