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राम मंदिर निर्माण में देरी पर संतों ने जताई नाराजगी, बोले -भाजपा को उठाना पड़ेगा नुकसान

भागवत वक्ता संजीव कृष्ण शास्त्री ने कहा कि मोदी सरकार ने अभी तक हिन्दू समाज को निराश किया है। भाजपा 2004 में राम मंदिर को भूल गयी तो 10 वर्ष का वनवास मिला,अब यदि फिर से राममन्दिर को भूल गयी तो फिर 50 वर्षो का वनवास हो जाएगा

Aditya Mishra

Aditya MishraBy Aditya Mishra

Published on 8 Jan 2019 4:20 PM GMT

राम मंदिर निर्माण में देरी पर संतों ने जताई नाराजगी, बोले -भाजपा को उठाना पड़ेगा नुकसान
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मथुरा: जैसे -जैसे चुनावों का समय नजदीक आता जा रहा है वैसे -वैसे राम मंदिर का मुद्दा बीजेपी के लिए गले की फ़ांस बनता जा रहा है। यह बात दीगर है कि राम मंदिर मुद्दे पर भले ही मोदी ने रुख साफ कर दिया हो लेकिन संत समाज आज भी बीजेपी से मंदिर निर्माण की उम्मीद रखे हुए है। कुम्भ में जाने से पहले आज बरसाना स्थित माता गौशाला में ब्रज के प्रमुख संतों की एक बैठक आहूत हुई।

जिसमें मंदिर,गौ, गंगा और यमुना पर किये गए वायदों पर कोई भी अमल न किये जाने पर संतो ने नाराजगी जताई और चुनावों से पहले राम मंदिर का रास्ता साफ न होने पर आगामी चुनावों में इसका परिणाम भी भाजपा को भुगतने के लिए तैयार रहने की चेतावनी दी ।

संतों ने कहा कि यदि चुनावो से पहले मंदिर निर्माण का रास्ता तैयार नही हुआ तो देश की जनता का इन पर से विश्वास उठ जाएगा और अगले 50 सालों तक भाजपा सत्ता सुख नही देख पाएगी।

बैठक के बाद प्रमुख संत ज्ञानानंद महाराज ने मीडिया के सवालों का जबाब देते हुए कहा कि गौरक्षा के लिए केंद्र सरकार को केंद्र स्तर पर कामधेनु विकास बोर्ड या मंत्रालय बने,जिससे पूरे राष्ट्र के गौबंश को सम्मान देने की बात सामने आ सके। गौ रक्षा, यमुना -गंगा प्रदूषण मुक्ति या राम मंदिर आदि के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि अब तक केंद्र सरकार ने इन मुद्दों पर कोई ठोस कार्य तो नही किया है, मगर हमें विश्वास है कि यमुना गंगा साफ होंगी,गौ रक्षा की दिशा में काम होगा और राम मंदिर निर्माण का कार्य भी शुरू होगा,लेकिन अगर सरकार ने शीघ्र कोई ठोस निर्णय नही लिया तो प्रयागराज कुम्भ में संत समाज बैठक कर ठोस निर्णय लेगा।

वहीं पर प्रख्यात भागवत वक्ता संजीव कृष्ण शास्त्री ने कहा कि मोदी सरकार ने अभी तक हिन्दू समाज को निराश किया है। भाजपा 2004 में राम मंदिर को भूल गयी तो 10 वर्ष का वनवास मिला,अब यदि फिर से राममन्दिर को भूल गयी तो फिर 50 वर्षो का वनवास हो जाएगा, सत्ता से।

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