साक्षी-अजितेश की हुई जमकर पिटाई, हाईकोर्ट के बाहर हुआ ये हाल

बरेली से बीजेपी विधायक राजेश मिश्रा की बेटी साक्षी मिश्रा और उनके पति अजितेश की सुरक्षा की मांग को लेकर दायर याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट में आज सुनवाई थी। जोकी अब खत्म हो गयी है। सुनवाई कोर्ट नंबर 49 में दोनों की चल रही थी।

sakshi mishra

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इलाहाबाद : बरेली से बीजेपी विधायक राजेश मिश्रा की बेटी साक्षी मिश्रा और उनके पति अजितेश की सुरक्षा की मांग को लेकर दायर याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट में आज सुनवाई थी। जोकी अब खत्म हो गयी है। सुनवाई कोर्ट नंबर 49 में दोनों की चल रही थी।

हाई कोर्ट पहुंचे अजितेश से कुछ लोगों ने परिसर के अंदर मारपीट की। इसके बाद अजितेश ने कहा कि यहां हाईकोर्ट के अंदर साक्षी और मुझे मारा गया। उन्होंने इस मारपीट का आरोप वकीलों पर लगाया है। अजितेश ने कहा है कि हमला करने वालों ने साक्षी और उनके अलावा सुरक्षा मे तैनात पुलिस वालों पर भी किया हमला किया है।

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अजितेश से मारपीट के दौरान साक्षी ने अपने पति अजितेश को बचाने की कोशिश की, लेकिन उनके साथ भी धक्का-मुक्की हुई। इस मामले पर हाईकोर्ट ने नाराजगी जाहिर करते हुए जिला प्रशासन से जवाब मांगा है।

चौंकाने वाली बात ये है कि साक्षी और अजितेश को पुलिस सुरक्षा दी गई है, उसके बावजूद कुछ लोगों ने अजितेश को पीट दिया। आरोप है कि जब इलाहाबाद हाईकोर्ट में अजितेश को पीटा जा रहा था, तब उनकी सुरक्षा में तैनात पुलिस मूकदर्शक बनी रही।

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साक्षी और अजितेश ने शांतिपूर्ण जीवन जीने के लिए सुरक्षा की मांग करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की थी। याचिका में साक्षी और अजितेश ने सुरक्षा की मांग के लिए यह दलील दी है कि उनकी शादी से साक्षी के पिता नाखुश हैं, क्योंकि साक्षी एक ब्राह्मण है, जबकि अजितेश जाति से दलित है और इसलिए साक्षी के पिता से उनकी जान को खतरा है।

याचिकाकर्ताओं ने कोर्ट से गुहार लगाई है कि पुलिस या राजेश मिश्रा उनके शांतिपूर्ण जीवन में खलल न डालें क्योंकि दोनों ही बालिग हैं और इन्होंने अपनी इच्छा से शादी की है।

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हाईकोर्ट से निकलते समय मीडिया से बिना रूबरू हुए निकले अजितेश व साक्षी।

इलाहाबाद हाईकोर्ट में शादी को लेकर पेश किए गए अभिलेखों को सही माना उनकी शादी के फर्जी प्रमाणपत्र होने से किया इनकार।

जज सिद्धार्थ वर्मा की खंडपीठ ने दोनों की शादी को सही माना। कहा दोनों बालिग हैं। और सुरक्षा मुहैया कराने को कहा।

कोर्ट में सुनवाई के दौरान अधिवक्ता अभिषेक चौहान रहे मौजूद।