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मजदूरों पर राजनीतिः बदहाली का सवाल उठा सपा ने सरकारी तंत्र को घेरा

देशवासियों ने सरकार के निर्देशों का पालन करने में एकजुटता दिखाई मगर आम नागरिको ने प्रवासी मजदूरों की दुर्दशा को भी अपनी आंखों से देखा है।

Aradhya Tripathi

Aradhya TripathiBy Aradhya Tripathi

Published on 5 Jun 2020 11:46 AM GMT

मजदूरों पर राजनीतिः बदहाली का सवाल उठा सपा ने सरकारी तंत्र को घेरा
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औरैया: जिला समाजवादी पार्टी द्वारा शुक्रवार को जिला उपाध्यक्ष के आवास पर एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। जिसमें पार्टी के जिला अध्यक्ष ने देश व प्रदेश सरकार पर सवालिया निशान लगाते हुए मजदूरों की दुर्दशा का जिम्मेदार ठहराया। समाजवादी पार्टी ने कहा कि कई महीनों से देश एक महामारी से उत्पन्न कई प्रकार की समस्याओं से जूझ रहा है। देशवासियों ने सरकार के निर्देशों का पालन करने में एकजुटता दिखाई मगर आम नागरिको ने प्रवासी मजदूरों की दुर्दशा को भी अपनी आंखों से देखा है।

मजदूरों की बदहाली सरकारी तंत्र पर उठाती सवाल- सपा जिला ध्यक्ष

वार्ता को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष राजवीर यादव, उपाध्यक्ष अवधेश भदोरिया ने संयुक्त रूप से कहा की जिन मजदूरों की पसीने की बूंदों से भव्य भारत का निर्माण हुआ है वही मजदूर आज तपती दोपहर में सड़कों पर नंगे पांव चलते हुए अपने गंतव्य तक जा रहे हैं। यह सरकारी तंत्र की विफलता का एक जीता जागता उदाहरण है। उन्होंने कहा कामगारों की बदहाली सरकारी तंत्र की व्यवस्था पर कहीं ना कहीं सवाल अवश्य खड़ा करती है। प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि जब देश व प्रदेश में कोरोना मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है

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भूख और प्यास से महिलाएं व बच्चे तड़प रहे हैं इस स्थिति में सरकार की जिम्मेदारी बढ़ जाती है। मगर सरकार इस ओर कोई भी ध्यान नहीं देना चाहती है। उन्होंने प्रदेश सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि इस विषम परिस्थिति में विपक्षी दलों सहित समाजसेवी संस्थाओं ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया मगर सरकार केवल अपनी प्रशंसा विभिन्न माध्यमों से करती नजर आई। कहा कि प्रदेश सरकार के बड़े-बड़े दावे जमीनी हकीकत पर कुछ और ही बयां कर रहे हैं। प्रवासी और कामगारों से संपर्क करने पर पता चलता है कि असलियत क्या है।

सरकार की योजनायें सिर्फ कागजों तक ही सीमित

जिलाध्यक्ष ने आरोप लगाते हुए कहा कि मुट्ठी भर अनाज देने से दो वक्त की भूख शांत नहीं होती। इसके लिए उन्हें रोजगार देना चाहिए। इस दिशा में सरकार की कोई भी सार्थक पहल नहीं दिखाई दे रही है। सरकार की बड़ी-बड़ी योजनाएं सिर्फ कागजों पर ही संचालित हो रही है। इसकी बानगी शेल्टर हाउस, कोरेंटीन सेंटरों में ही देखी जा सकती हैं। वर्तमान समय में पुलिस बल विशेष रूप से सक्रिय है फिर भी अपराधों के ग्राफ में कोई भी कमी नहीं आ रही है इसका क्या कारण है।

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जिले में चोरियों की बाढ़ सी आ गई है और किसी भी घटना का आज तक खुलासा नहीं किया जा सका। ऐसी क्या स्थितियां है जिनमें सरकार इन अपराधों को रोकने में कोई भी कदम नहीं उठा पा रही है। समाजवादी पार्टी के प्रदेश नेतृत्व के आवाहन पर कहा कि वह शीघ्र वर्चुअल समस्याओं के माध्यम से सरकार के विरोध में पोल खोलने का अभियान चलाएंगे। इस दौरान मुख्य रूप से महामंत्री ओमप्रकाश ओझा, धर्मेंद्र यादव, मनोज कुमार शामिल रहे।

रिपोर्ट- प्रवेश चतुर्वेदी

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