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इस नेता को है हेमा से प्यार तो जया के लिए कुछ नहीं कर पाने का मलाल

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Published on 15 Jun 2016 9:02 AM GMT

इस नेता को है हेमा से प्यार तो जया के लिए कुछ नहीं कर पाने का मलाल
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लखनऊ: छह साल बाद समाजवादी पार्टी में वापसी और राज्यसभा के लिए चुने जाने के बाद अमर सिंह अपने पूरे शबाब पर हैं। राज्यसभा के लिए 11 जून को चुने जाने के ठीक दूसरे दिन उन्होंने संवाददताओं से बातचीत में फिल्म में अभिनय के साथ साथ राजनीति की भी पारी खेलने वाली बीजेपी की मथुरा से सांसद हेमामालिनी के लिए ये कह कर चौंका दिया कि वो उनसे प्यार करते हैं, तो उनके साथ लंबे समय से रहने वाली जयाप्रदा के लिए अब कुछ नहीं कर पाने का मलाल भी उन्होंने जाहिर कर दिया।

जयाप्रदा ने कुर्बान किया राजनीतिक करियर

अमर सिंह ने जयाप्रदा के लिए कहा कि उन्होंने मेरी खातिर अपना राजनीतिक करियर कुर्बान कर दिया। अमर सिंह और जयाप्रदा के रिश्ते हमेशा ही चर्चा में रहे हैं। समाजवादी पार्टी से ही दोनों सांसद थे। बाद में दोनों को ही पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था। जयाप्रदा के सवाल पर अमर सिंह बोले, मैं इससे बेहद खिन्न हूं कि लाख कोशिशों के बावजूद मैं उन्हें कहीं एडजस्ट नहीं करा सका। मेरी वजह से उन्होंने कांग्रेस और बीजेपी में जाने से साफ इंकार कर दिया था। उन्होंने अपना राजनीतिक करियर कुर्बान कर दिया।

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जयाप्रदा को अमर सिंह ही राजनीति में लेकर आए थे। जयाप्रदा ने आजम खान की नाराजगी के बावजूद उनके गृह जिले रामपुर से लोकसभा का 2004 और 2009 का चुनाव जीता। सपा से निकाले जाने के बाद दोनों राष्ट्रीय लोकदल में शामिल हो गए। दोनों ने आरएलडी के टिकट पर 2014 का लोकसभा चुनाव भी लड़ा। अमर सिंह फतेहपुर सीकरी से हारे तो जयाप्रदा रामपुर से लगातार तीसरी बार जीत दर्ज नहीं कर सकीं।

अमर सिंह का फिल्म प्रेम

हिंदी फिल्म से अमर सिंह का जुड़ाव और लगाव पुराना है। कहा जाता है कि जया बच्चन को भी वो ही राजनीति और सपा में लेकर आए और राज्यसभा सदस्य बनाने में मदद की। अमर सिंह को जब सपा से निकाला गया तो उन्होंनें जया बच्चन से भी पार्टी छोड़ने को कहा लेकिन उन्होंने ऐसा करने से इंकार कर दिया। इसी बात को लेकर दोनों के रिश्ते तल्ख हो गए। अमर सिंह ने इसी बात को लेकर अमिताभ बच्चन और जया बच्चन की आलोचना की।

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अमर सिंह ने मुम्बई में 1993 में हुए सीरियल ब्लास्ट में ए के 47 रायफल रखने के जुर्म में छह साल की सजा पाए संजय दत्त को 2009 में लोकसभा का चुनाव लड़ाना चाहा। संजय दत्त ने लखनऊ में कई रोड शो भी किए। सुप्रीम कोर्ट ने जब संजय दत्त को चुनाव लड़ने की अनुमति नहीं दी तो 1978 में आई श्याम बेनेगल की फिल्म जुनून की नायिका नफीसा अली को लखनऊ चुनाव लड़ाने ले आए। जुनून नफीसा की पहली फिल्म थी जो रस्किन बांड के उपन्यास पर बनी थी। इसका निर्माण शशि कपूर ने किया था। वो चुनाव लड़ी और हार गईं।

दुबई में हुए आईफा अवार्ड कार्यक्रम में आगे बैठने को लेकर अमर सिंह की शाहरूख खान से झड़प भी हो गई थी। बाद में उन्हें बीच समारोह से जाना पड़ा था। अमर सिंह राजनीति में रहते हुए भी फिल्म से खुद को जुदा नहीं रख पाए। वो शैलेन्द्र पांडेय के निर्देशन में बन रही फिल्म जेडी में राजनीतिज्ञ की भूमिका कर रहे हैं।

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