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Lucknow News: लखनऊ विश्वविद्यालय में सीनियर न्यूरो फिजिशियन ने मिर्गी रोग उपचार और रोकथाम पर बताई बड़ी बातें, मिर्गी मेडिकल इमरजेंसी नहीं
सीनियर न्यूरो फिजिशियन डॉ. अतुल अग्रवाल ने मिर्गी के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि मिर्गी कोई मानसिक बीमारी नहीं है और यह रोग मस्तिष्क से संबंधित है।
Lucknow News: Photo-Social Media
Lucknow News: भेषजिक विज्ञान संस्थान, लखनऊ विश्वविद्यालय में गुरूवार को एक महत्वपूर्ण व्याख्यान का आयोजन किया गया। बता दें कि यह व्याख्यान एमिनेंट लेक्चर सीरीज के तहत हुआ। जिसमें कुलपति प्रो. आलोक कुमार राय के नेतृत्व में सीनियर न्यूरो फिजिशियन डॉ. अतुल अग्रवाल ने मिर्गी रोग के उपचार और रोकथाम पर अपने विचार साझा किए।
मिर्गी के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई
सीनियर न्यूरो फिजिशियन डॉ. अतुल अग्रवाल ने मिर्गी के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि मिर्गी कोई मानसिक बीमारी नहीं है और यह रोग मस्तिष्क से संबंधित है। उन्होंने मिर्गी के कारणों, इसके इलाज, प्राथमिक चिकित्सा, दवाइयों की आवश्यकता और सावधानियों पर गहराई से बात की। उन्होंने यह भी बताया कि मिर्गी नवजात शिशुओं में भी हो सकती है, खासकर जब इन्फेक्शन या सिर में चोट लगने के कारण। हालांकि, 50% मामलों में इसका कारण स्पष्ट नहीं होता।
स्वस्थ जीवनशैली और खानपान पर जोर
डॉ. अतुल अग्रवाल ने मिर्गी से बचाव के लिए स्वस्थ खानपान और प्रीनेटल सावधानियों पर भी जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि मिर्गी मेडिकल इमरजेंसी नहीं है और दवाइयों से इसका इलाज संभव है। इसके अलावा, उन्होंने यह भी कहा कि मिर्गी के मामलों में पोर्क का सेवन करने वालों में इसका प्रतिशत अधिक पाया जाता है।
छात्रों ने उठाए महत्वपूर्ण सवाल
कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं ने मिर्गी से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर सवाल पूछे। ऋषिका राय (बी फार्म 3rd ईयर) ने एपिलेप्सी के कारणों पर सवाल किया, जबकि अलोक डी फार्म (फर्स्ट ईयर) ने एपिलेप्सी और अनुवांशिकता के बारे में प्रश्न किए। अनिकेश बघेल (बी फार्म, फर्स्ट ईयर) ने मिर्गी के इलाज के लिए सबसे प्रभावी दवा के बारे में जानकारी मांगी।
कार्यक्रम का समापन
कार्यक्रम के अंत में संस्थान के निदेशक डॉ. पुष्पेंद्र कुमार त्रिपाठी ने कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से छात्रों में नवाचार और शोध के प्रति प्रेरणा मिलती है। वहीं इस कार्यक्रम की संयोजक डॉ. नम्रता सिंह और सह-संयोजक डॉ. आकांक्षा मिश्रा थीं। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। तो वहीं इस कार्यक्रम में संस्थान के शिक्षकों और बीफार्म एवं डी फार्म के छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और इस महत्त्वपूर्ण विषय पर विस्तार से जानकारी प्राप्त की।