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मुलायम ने अखिलेश के कतरे पर? भाई शिवपाल यादव को बनाया चुनाव प्रभारी

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Published on 11 April 2016 1:35 PM GMT

मुलायम ने अखिलेश के कतरे पर? भाई शिवपाल यादव को बनाया चुनाव प्रभारी
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लखनऊ: शिवपाल यादव को सपा में बड़ी जिम्मेदारी दी गई है। अगले विधानसभा चुनाव के लिए उन्हें चुनाव प्रभारी बनाया गया है। वह चुनाव सहित पार्टी कामों के प्रभारी होंगे। पार्टी प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी है।

मुलायम ने फिर चौंकाया

-अगले साल होने वाले चुनाव के लिए यूपी के लोक निर्माण और सिंचाई मंत्री शिवपाल सिंह यादव को प्रभारी बनाकर मुलायम सिंह यादव ने फिर राजनीतिक पंडितों को चौंका दिया है।

-सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव पहले भी अपने फैसले से चौंकाते रहे हैं। विधानसभा के 2012 के विधानसभा चुनाव के पहले ये सोचा भी नहीं जा सकता था कि बहुमत मिलने पर अखिलेश यादव सीएम होंगे। लेकिन मुलायम ने अखिलेश का नाम आगे कर सभी को हैरान कर दिया था।

शिवपाल क्यों?

-शिवपाल राज्य में सड़क निर्माण को लेकर बाहवाही लूट चुके हैं ।

-अखिलेश सरकार यदि किसी क्षेत्र में सफल दिखाई दे रही है तो वो यूपी में सड़कों का जाल है।

-संभवत: सपा प्रमुख को लग रहा होगा कि शिवपाल चुनाव में बेटे और पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश यादव से ज्यादा सफल हो सकते हैं।

-उनके काम में अबतक कोई दाग दिखाई नहीं दे रहा है।

क्यों लिया फैसला?

-अखिलेश अपनी सरकार के सफल होने का दावा करते रहे हैं। उनका ये भी दावा है कि पार्टी ने घोषणापत्र में किए सभी वायदे पूरे कर दिए हैं।

-हालांकि कभी-कभी वो अपनी सरकार की नाकामी का ठीकरा नौकरशाही पर भी फोड़ते रहे हैं।

-उनका ये बयान किसी को भी मजबूर कर देता है कि यदि उनके काम जनता तक नहीं पहुंचे तो ब्यूरोक्रेसी की खैर नहीं होगी।

-सीएम के विरोधाभासी बयान ने संभवत: सपा अध्यक्ष को भी सोचने पर मजबूर कर दिया है।

-सपा ने अब तक चुनाव में 143 सीटों पर प्रत्याशियों के नाम की घोषणा की है। ये वो सीटे हैं, जहां पिछले चुनाव में सपा को हार मिली थी।

-प्रत्याशियों के नाम की घोषणा भी शिवपाल ने ही की थी, जबकि पार्टी के प्रदेश प्रेसिडेंट अखिलेश यादव हैं।

-इसे सत्ता विरोधी लहर को कम करने की कवायद माना गया था।

-संभवत ये फैसला भी सत्ता विरोधी लहर के कारण ही लिया गया लगता है ।राजनीति की हर नस से वाकिफ मुलायम ने ये फसला काफी सोच समझ के लिया है।

राजनीतिक गलियारों में उठे सवाल?

-इस बार भी उन्होंने अपने फैसले से भाई शिवपाल यादव का कद बढ़ा दिया है। इस फैसले से राजनीतिक हलकों में सवाल तेजी से उठ रहा है कि क्या यदि सपा को बहुमत मिला तो अगले सीएम अखिलेश नहीं शिवपाल सिंह यादव होंगे?

सर्वे ने किया सावधान

-मुलायम को हाल ही में चुनाव को लेकर आए सर्वे ने भी चौंकाया है, जिसमें सपा को मात्र 70 से 80 सीटें दी गई थीं ।ये एक खबरिया चैनल के सर्वे के साथ इंटेलिजेंस की रिपोर्ट भी थी जिसका खुलासा न्यूज ट्रैक ने किया था।

हालांकि ये सब अभी भविष्य के गर्त में है कि चुनाव में सपा की जीत के बाद सीएम कौन होगा अखिलेश या शिवपाल ।अखिलेश को हटाना इतना आसान भी नहीं होगा क्योंकि उन्होंनें भी पार्टी में अपने समर्थक विधायकों और मंत्रियों की सेना तैयार कर ली है। फिलहाल मुलायम ने इस फैसले से राजनीतिक पंडितों को सोचने के लिए मजबूर तो कर ही दिया है ।

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