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Shravasti News: सफाईकर्मियों के स्वास्थ्य और स्वच्छता के लिए रेडक्रॉस ने की अनोखी पहल, डीएम ने हाइजीन किट व मास्क बांटे
Shravasti News: डीएम ने कहा कि सफाई कर्मचारी समाज का सबसे महत्वपूर्ण अंग है। ऐसे में सफाई कर्मचारी अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी प्राथमिकता से करें। साथ ही सफाईकर्मी स्वच्छता की महत्वपूर्ण कड़ी हैं।
डीएम अजय कुमार द्विवेदी ने सफाईकर्मियों को हाइजीन किट व मास्क बांटे (Photo- Social Media)
Shravasti News: इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी के द्वारा सफाईकर्मियों के स्वास्थ्य और स्वच्छता के लिए की अनोखी पहल की गई। जिसके तहत आज रेडक्रॉस अध्यक्ष व डीएम अजय कुमार द्विवेदी ने नगर पालिका भिनगा में स्वच्छता कार्य को कलेक्ट्रेट परिसर में गति दे रहे सफाई कर्मियों को हाइजीन किट और मास्क प्रदान किये गये।
इस अवसर पर डीएम ने कहा कि सफाई कर्मचारी समाज का सबसे महत्वपूर्ण अंग है। ऐसे में सफाई कर्मचारी अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी प्राथमिकता से करें। साथ ही सफाईकर्मी स्वच्छता की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। शहर को साफ करते करते इनकी स्वयं की स्वच्छता और स्वास्थ्य न प्रभावित हो, इसलिए सभी सफाईकर्मियों को रेडक्रॉस के माध्यम से हाइजीन किट और मास्क दिया जा रहा है जिसका प्रयोग यह अपने दैनिक जीवन में करके स्वयं की स्वच्छता बनाये रखें और स्वस्थ रहें। उन्होंने बताया कि प्रत्येक सफाई कर्मी को उच्च गुणवत्ता के दो मास्क व एक हाइजीन किट दी गयी है। हाइजीन किट में सेनेटरी पैड, सर्फ, कपड़ा धोने का साबुन, नहाने का साबुन, तेल, शेविंग किट दी गयी है।
रेडक्रॉस ने सफाईकर्मियों को प्रोत्साहित किया
एडीएम अमरेन्द्र कुमार वर्मा ने कहा कि रेडक्रॉस प्रतिवर्ष सफाईकर्मियों को हाइजीन किट प्रदान करके उन्हें स्वच्छता के लिए प्रोत्साहित करता है, इससे उन्हें व्यक्तिगत स्वच्छता के प्रति प्रोत्साहन मिलता है। उन्होंने बताया कि गतवर्ष की भांति इस वर्ष भी रेडक्रॉस ने सफाईकर्मियों को प्रोत्साहित किया गया है, इस प्रकार के आयोजनों से दिन रात नगर की सफाई में जुटे सफाईकर्मियों का मनोबल बढ़ता है।
इस दौरान नगर पालिका भिनगा ईओ डा. अनिता शुक्ल ने कहा कि सफाई कर्मचारियों का कार्य बेहद महत्वपूर्ण है। इसलिए उनको अनदेखा नहीं किया जा सकता। साथ ही स्वच्छता कार्य के सबसे अमानवीय और असम्मानजनक रूपों में से एक मैनुअल स्कैवेंजिंग है, जिसमें अस्वच्छ शुष्क शौचालयों की सफाई करने वाले, सीवर लाइनों और खाली सेप्टिक टैंकों की सफाई या मरम्मत करने व साफ करने वाले आदि लोग बिना किसी सुरक्षात्मक गियर या सहायक उपायों के सीधे मानव मल के संपर्क में आते हैं।
सफाई के लिए कचरा प्रबंधन जरुरी
सामाजिक कलंक और अलगाव के अलावा, वे अकल्पनीय स्वास्थ्य खतरों के भी संपर्क में आते हैं। उनमें से बड़ी संख्या में लोग मर जाते हैं, खासकर वे जो सीवर लाइन की मरम्मत और सफाई में लगे होते हैं। आगे कहा कि ऐसा देखा गया है कि डोर-टू-डोर अपशिष्ट संग्रहण के कार्य में लगे सफाई मित्र जब घरों में अपशिष्ट लेने पहुंचते हैं तो वे लोगों से सूखा व गीला कचरा अलग-अलग मांगे तथा उन्हें नीले डस्टबिन में सूखा कचरा व हरे डस्टबिन में गीला कचरा रखने को कहें।
सूखे कचरे में कागज, लकड़ी, प्लास्टिक, कपड़ा, इलेक्ट्रॉनिक आयटम, थर्माकोल, पुट्ठे, गत्ते, एल्यूमिनियम टाइल्स सहित अन्य सूखे पदार्थ आते हैं, वहीं गीले कचरे में भोजन अपशिष्ट, सब्जी-फल आदि के छिल्के होते हैं, जिन्हें घर पर ही पृथक-पृथक संग्रहित किया जाए, ताकि उनके समुचित समापन में आसानी हो। सफाई कर्मचारियों से कहा गया कि वे अनुभवी हैं, काफी समय से सेवाएं दे रहे हैं, डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण में संलग्न सफाई मित्रों के लिए प्रशिक्षक का भी कार्य करें।इस अवसर पर रेडक्रॉस सचिव अरुण कुमार मिश्र, अधिशाषी अधिकारी नगर पालिका भिनगा डॉ अनीता शुक्ला, शासकीय अधिवक्ता श्रवण कुमार द्विवेदी सहित रेडक्रॉस के अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।