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Shravasti News: मई-जून जैसी गर्मी, तापमान 39.4 डिग्री पार, हीट वेव का इलाज के लिए छः बेड का कोल्डरूम का जिला अस्पताल हुआ उद्घाटन

Shravasti News: दोपहर होते यह 40 डिग्री के आसपास पहुंच जा रहा है। साथ ही सडकों पर लू चलने लगती है।इस भीषण गर्मी में मनुष्य की कौन कहे, पशु पक्षी भी बाहर निकल पाना मुश्किल हो रहे हैं।

Radheshyam Mishra
Published on: 4 April 2025 5:09 PM IST
May-June like heat felt in Tarai, temperature crosses 39.4 degrees
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तराई में अभी से ही महसूस हुई मई-जून जैसी गर्मी, तापमान 39.4 डिग्री पार (Photo- Social Media)

Shravasti News: तराई में इस वर्ष अप्रैल महीने में ही सबसे अधिक गर्मी पड रही है, जबकि आगे पूरा मई, जून व जुलाई महीना बाकी है।अप्रैल महीने में ही गर्मी अपने शबाब पर है। सुबह होते ही पारा 30 के पार होना शुरू हो जाता है। दोपहर होते यह 40 डिग्री के आसपास पहुंच जा रहा है। साथ ही सडकों पर लू चलने लगती है। इस भीषण गर्मी में मनुष्य की कौन कहे, पशु पक्षी भी बाहर निकल पाना मुश्किल हो रहे हैं।

जलाशय भी सूखने लगे

इस गर्मी से मौसम के फलों आम, लीची, कटहल की उपज पर भी अब असर पड़ने लगा है। पेडों में लदे आम के टिकोले गिर रहे हैं। लीची व कटहल की भी यही स्थिति है। फलों में वृद्धि रूक गयी है। उत्पादक किसानों की स्थिति भी खराब हो रही है। साथ ही गर्मी से सब्जियों के फलन पर भी असर पडने लगा है ,जिससे इनके कीमतों में उछाल आ रहा है। वही शरद ऋतु में भी हेवती (जाड़ों की बारिश) न होने के कारण श्रावस्ती के ज्यादातर क्षेत्र में भूगर्भ जलस्तर नीचे जा रहा है। गिरते जलस्तर के कारण आदर्श जलाशय भी सूखने लगे हैं। अप्रैल माह शुरू होने के साथ ही मई जैसी गर्मी पड़ने लगी है। इसके बावजूद अब तक तालाबों में पानी न भरे जाने के कारण अमृत सरोवर भी सूख रहे हैं। इससे आने वाले दिनों पशु-पक्षियों के सामने पेयजल संकट उत्पन्न हो सकता है।


इस वर्ष अप्रैल महीने में गर्मी ने सभी रिकार्ड तोड दिये हैं जिससे यह साफ हो रहा है कि पिछले पांच वर्षों से प्रत्येक वर्ष अप्रैल महीने में गर्मी में इजाफा हुआ है जबकि पिछले पांच वर्ष में अप्रैल महीने में वर्षा भी हुई थी,लेकिन इस वर्ष वर्षा भी नही हुई है।साथ ही मौसम विभाग ने अगले एक सप्ताह तक वर्षा की संभावना से इंकार किया है। अप्रैल में जून की गर्मी का एहसास अप्रैल महीना ही जून की तरह बन गया है। गर्मी से लोगों की जान पर बन आयी है।

लोगों के बीमार होने की संख्या में एकाएक तेजी आ गयी है। बच्चे से लेकर युवा, बूढे सभी परेशानी झेल रहे हैं। बुजूर्गों की माने तो आज तक अप्रैल महीने में इतनी भीषण गर्मी व लू शायद ही कभी चली हो। जरा सी लापरवाही से उल्टी-दस्त की समस्या होने की पूरी संभावना रहती है। गर्मी में अपनी दिनचर्या एवं खाने पीने का ख्याल रखने से ही बचा जा सकता है। इससे बचने के लिए मौसमी फल, सब्जियों का सेवन करना अनिवार्य है ।

कैसे बचें गर्मी से

गर्मी के मौसम में सूती वस्त्र ही पहनें। सूती वस्त्र पसीना सोखने में कारगर होते हैं। जहां तक हो सके, ठंडे पानी से ही स्नान करें। कहा भी गया है कि स्वास्थ्य ही धन है।अपने खान-पान, रहन-सहन पर इस मौसम में ध्यान रखें तो गर्मी को परास्त कर सकते हैं।

गर्मी में ताजा व हल्का करें भोजन

जिला अस्पताल भिनगा के वरिष्ठ फिजिसियन डॉ राम गोपाल ने कहा कि गर्मी में डाइट का बहुत ख्याल रखना चाहिए। ऐसी चीजें खानी चाहिए, जो हल्की हों एवं आसानी से पच जाऐ। ज्यादा से ज्यादा फलों का सेवन करना चाहिए।जितनी भूख हो, उससे थोड़ा कम खायें एवं ज्यादा तेल मसाले वाले खाने से परहेज करें। गर्मी में स्वस्थ रहने के लिए शरीर को हाइड्रेट रखना सबसे ज्यादा जरूरी है। गर्मी का सबसे ज्यादा असर बच्चों पर पड़ता है। बदलते मौसम में होने वाली बीमारियां उन्हें आसानी से जकड़ लेती हैं।इसलिए उनके खानपान पर खास ध्यान दें। जंक फूड, नूडल्स बिल्कुल भी ना दें। दोपहर के समय बच्चों को खेलने के लिए घर से बाहर नहीं जाने दें।

आमलोगों को भी दिन भर में ज्यादा से ज्यादा पानी पीना चाहिए।इसके अलावा जूस, दही, दूध, छाछ, लस्सी, नींबू पानी, ग्लूकोज पीते रहना चाहिए। इस मौसम में तरबूज एवं खीरा जैसे पानी वाले फल का सेवन जरूर करना चाहिए। फलों का सेवन करने से शरीर में पानी की कमी को आसानी से पूरा किया जा सकता है।गर्मी में हरी सब्जियों का सेवन ज्यादा करना चाहिए। गर्मी में लौकी, करेला एवं भिंडी जैसी सीजन की सब्जियां जरूर खायें।खाने में दही, छाछ एवं लस्सी को शामिल करना चाहिए।

फ्रिज का पानी पीने से बचें

इसके अलावा रोज नींबू पानी पियें। धूप से आने के बाद कुछ देर रूक कर पानी पियें एवं इससे भी ज्यादा जरूरी है कि आप फ्रिज के पानी पीने से बचें। घर से निकलना मजबूरी हो तो बैग में पानी का बोतल जरूर रखें। गर्मी के मौसम में शरीर में पानी के स्तर को बनाए रखना बेहद जरूरी होता है। गर्मियों में कैफीनयुक्त चीजों को खाने-पीने से बचना चाहिए।खासकर चाय के सेवन से नाश्ते में चाय की जगह जूस लें एवं घर से बिना कुछ खाये नहीं निकलें।


छः बेड का कोल्डरूम तैयार

वही डीएम अजय कुमार द्विवेदी के निर्देश पर बढ़ती गर्मी से बचाव के लिए शुक्रवार को जनपद के संयुक्त जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में हीटवेव से प्रभावित मरीजों के उपचार हेतु छः बेड का कोल्डरूम तैयार किया गया है। जिसका उद्घाटन मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ0 अशोक कुमार सिंह ने किया। इस वार्ड के साथ ही हीटवेव से बचाव के लिए आवश्यक दवाईयां भी स्टोर की गयी हैं।

कोल्ड रूम के उद्घाटन के अवसर पर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ अशोक कुमार सिंह ने बताया कि इस बार भीषण गर्मी पड़ने की सम्भावना जतायी जा रही है। ऐसे में जनपद में भी हीटवेव से प्रभावित मरीजों के उपचार के लिए आवश्यक 06 बेड के कोल्डरूम की स्थापना की गयी है। इसी प्रकार सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर कोल्ड रूम की स्थापना करवायी जा रही है। हीट वेव से बचाव के लिए आवश्यक दवाओं और ओआरएस की भी पर्याप्त उपलब्धता है। हीटवेव से निपटने के लिए कार्मिकों को विशेष रूप से प्रशिक्षित भी किया गया है।इस अवसर पर फिजीशियन डॉ0 आर पी सिंह, आपदा विशेषज्ञ अरुण कुमार मिश्र, डॉ के के शुक्ला समेत अन्य जिम्मेदार कर्मचारी गण मौजूद रहे।

Shashi kant gautam

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