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तीन दिवसीय जनजाति समागम में भाग लेंगे छह हजार श्रद्धालु

दिनांक 13, 14 एवं 15 को दोपहर 02 बजे से 07 बजे तक विभिन्न संतो एवं जनजाति प्रमुखों का मार्गदर्शन जनजातीय नृत्यों का प्रदर्शन किया जाएगा। 15 फरवरी को समापन कार्यक्रम सम्पन्न होगा।

Shivakant Shukla

Shivakant ShuklaBy Shivakant Shukla

Published on 11 Feb 2019 4:37 PM GMT

तीन दिवसीय जनजाति समागम में भाग लेंगे छह हजार श्रद्धालु
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आशीष पाण्डेय,

कुंभ नगर: कुंभ मेले की दिव्यता व अलौकिक छटा से आकर्षित देश के जनजाति समाज में भी उत्सुकता का माहौल है। अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम द्वारा 12 फरवरी से 15 फरवरी तक सेक्टर-14 मे आयोजित तीन दिवसीय जनजाति समागम हेतु कर्नाटक, मध्यप्रदेश से श्रद्धालुओं का आगमन हो गया है।

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चार दिवसीय कार्यक्रम में केरल से लेकर हिमाचल प्रदेश तक और गुजरात से नागालैण्ड तक के विभिन्न राज्यों से 06 हजार से अधिक लोग कार्यक्रम में उपस्थित रहेंगे। मंगलवार की रात तक सभी प्रतिनिधि पहुचेंगे। इस आयोजन में देश के 100 से अधिक जनजातीय समुदायों का प्रतिनिधित्व होगा।

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यह जानकारी कार्यक्रम के संयोजक अजय शर्मा ने देते हुए बताया कि 12 फरवरी को प्रातः इस उपलक्ष्य में एक प्रदर्शनी का उद्घाटन कार्यक्रम जूना अखाड़ा के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानन्द गिरि के सानिध्य में सम्पन्न होगा। इस अवसर पर विभिन्न जनजाति के संतवृन्द, जनजाति प्रमुख उपस्थित रहेंगे।

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समागम में विभिन्न जनजातियों का पारम्परिक नृत्यों का आकर्षक प्रस्तुतीकरण किया जाएगा। 14 फरवरी को प्रातः 08 बजे सभी

प्रतिनिधि वासुदेवानंद सरस्वती महाराज, महामंडलेश्वर रघुनाथदास महाराज एवं महामंडलेश्वर यतिंद्रानंद गिरि के नेतृत्व में शोभायात्रा के साथ संगम पर स्नान करने जाऐंगे। यह एक ऐतिहासिक कार्यक्रम होगा। दिनांक 13, 14 एवं 15 को दोपहर 02 बजे से 07 बजे तक विभिन्न संतो एवं जनजाति प्रमुखों का मार्गदर्शन जनजातीय नृत्यों का प्रदर्शन किया जाएगा। 15 फरवरी को समापन कार्यक्रम सम्पन्न होगा।

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