×

सोनभद्र नरसंहार के बाद, जमीन विवाद के अब नए खेल शुरू

सोमवार को जब पुलिस प्रशासन ने जब गांव के दस लोगों को प्रधान समेत थाने ले आयी तो गांव के उक्त जमीन पर कब्जा करने वाले लोगों ने थाने का घेराव कर दिया जिसके बाद आरोपियों को पुलिस ने छोड़ दिया। आरोपियों को छोड़ने के बावजूद भी महिलाओं और पुरुषों का हंगामा जारी रहा।

SK Gautam

SK GautamBy SK Gautam

Published on 23 July 2019 9:18 AM GMT

सोनभद्र नरसंहार के बाद, जमीन विवाद के अब नए खेल शुरू
X
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • koo
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • koo
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • koo

सोनभद्र : उभ्भा नरसंहार की आग अभी ठंडी भी नही हुई थी कि कोतवाली क्षेत्र के मरसड़ा गांव में भूमि विवाद को लेकर एक बार फिर दो पक्षों में टकराव होते होते रह गया। भूमि विवाद में जब प्रशासन ने एक पक्ष के कुछ लोगों को थाने लाया तो दूसरे पक्ष से भारी संख्या में लोग कोतवाली पहुंच गए और हंगामा करने लगे। मौके की नजाकत को समझते हुए प्रशासन ने तत्काल लोगों को रिहा कर दिया गया, मगर गांव में स्थिति अब भी तनावपूर्ण बनी हुई है।

स्थानीय कोतवाली क्षेत्र के मरसड़ा गांव में एक व्यक्ति के खेत मे आदिवासियों ने सैकड़ों अस्थायी झोपड़ियां लगा लीं।मौके से पुलिस द्वारा उठाए गए लोगों को छुड़ाने के लिए घोरावल कोतवाली को उल्टे घेर लिया। सोमवार को मरसड़ा गांव के सैकड़ों महिलाओं और पुरुषों ने कोतवाली थाना गेट को घेर लिया।

ये भी देखें : अनिवार्य सेवानिवृत्ति आदेश को कई जिलों के कान्सटेबिलो ने दी हाईकोर्ट में चुनौती

कोतवाली पहुंचे कुछ ग्रामीणों ने बताया कि मरसड़ा गांव के देवानन्द पाठक की जमीन सीलिंग की थी जिसपर कोर्ट का यथा स्थिति बनाये जाने का निर्देश था।जिसपर वहाँ के आदिवासियों ने रविवार से ही झोपड़ी लगाना व कब्जा करना प्रारम्भ कर दिया।

आरोपियों को छोड़ने के बावजूद भी महिलाओं और पुरुषों का हंगामा जारी रहा

सोमवार को जब पुलिस प्रशासन ने जब गांव के दस लोगों को प्रधान समेत थाने ले आयी तो गांव के उक्त जमीन पर कब्जा करने वाले लोगों ने थाने का घेराव कर दिया जिसके बाद आरोपियों को पुलिस ने छोड़ दिया। आरोपियों को छोड़ने के बावजूद भी महिलाओं और पुरुषों का हंगामा जारी रहा।

हालांकि किसी तरह से समझा बुझा कर उनको थाने से हटाया गया।इसके गांव के आरोपी प्रधान अजय कुमार ने लिखित समझौता देवानन्द से किया कि उक्त जमीन से ग्रामीणों के किये गए कब्जे व झोपड़ियों को हटवा देंगे।लेकिन अवैध कब्जाधारी किसी तरह से मानने को तैयार नही हुए।

ये भी देखें : घोरावल नरसंहार, प्रदेश की खराब कानून व्यवस्था का उदहारण: नरेश उत्तम

कोतवाली में एडीएम योगेन्द्र बहादुर सिंह के काफी समझाने पर भी ग्रामीण नही माने बल्कि थाने से हटने के बाद उक्त जमीन पर कब्जा तेज कर दिए। इधर बीच कोतवाली में एसपी सलमान ताज पाटिल,एएसपी ओपी सिंह समेत कई थानों की फोर्स जुट गई। पीड़ित पक्ष के देवानन्द पाठक ने बताया कि सीलिंग की जमीन थी जिसपर कोर्ट का यथा स्थित बहाली के आदेश है जिसपर ग्रमीण अवैध कब्जा कर रहे हैं।

SK Gautam

SK Gautam

Next Story