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Sonbhadra: बच्चे नहीं बता पाए पीएम का नाम, BEO के निरीक्षण में सामने आई परिषदीय स्कूलों की स्थिति

Sonbhadra: खंड शिक्षाधिकारी म्योरपुर ने कहा है कि पहली जुलाई की सुबह 10 बजे उन्होंने कंपोजिट विद्यालय बीजपुर का आकस्मिक निरीक्षण किया था।

Kaushlendra Pandey
Updated on: 3 July 2022 11:59 AM GMT
Sonbhadra News In Hindi
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कंपोजिट विद्यालय बीजपुर का औचक निरीक्षण करने पहुंचे खंड शिक्षा अधिकारी। (Social Media)

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Sonbhadra: बेसिक परिषद स्कूलों (basic council schools) में शैक्षिक स्तर जांचने के दौरान हैरान कर देने वाली स्थिति सामने आई है। बीईओ विश्वजीत कुमार (BEO Vishwajeet Kumar) की जांच में म्योरपुर ब्लॉक (Mayorpur Block) के बीजपुर स्थित कंपोजिट विद्यालय (Composite School at Bijpur) के बच्चे देश के प्रधानमंत्री तक का नाम नहीं बता पाए।

यही स्थिति तब थी, जब निरीक्षण के दौरान सभी शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक मौजूद थे और उनके द्वारा रोजाना उपस्थित रहने तथा शिक्षण कार्य करने का दावा किया जा रहा था। यहां की शैक्षिक स्थिति से हैरान खंड शिक्षा अधिकारी (block education officer) ने विद्यालय में तैनात सभी शिक्षकों, अनुदेशकों, शिक्षामित्रों को नोटिस जारी की है और अविलंब स्पष्टीकरण उपलब्ध कराने की हिदायत दी है।


कंपोजिट विद्यालय बीजपुर का किया आकस्मिक निरीक्षण

जारी नोटिस में खंड शिक्षाधिकारी म्योरपुर (Block Education Officer Mayorpur) ने कहा है कि पहली जुलाई की सुबह 10 बजे उन्होंने कंपोजिट विद्यालय बीजपुर का आकस्मिक निरीक्षण किया था। उस दौरान सभी अध्यापक उपस्थित पाए गए थे। उस दौरान खंड शिक्षा अधिकारी ने विद्यालय के बच्चों से भारत के प्रधानमंत्री का नाम पूछा तो उन्होंने गलत नाम बताया।

विद्यालय में शिक्षण कार्य न करने से बच्चों का भविष्य अंधकारमय: बीईओ

बीईओ का कहना है कि प्रत्येक विद्यालय में प्रश्न-उत्तर की पुस्तिका उन्होंने वितरित करवा रखी है। बावजूद ऐसी स्थिति हैरान करने वाली है। इससे यह प्रतीत हो रहा है कि शिक्षकों द्वारा बच्चों को पढ़ाया ही नहीं गया है। विद्यालय के सभी शिक्षकों, शिक्षा मित्रों और अनुदेशकों को जारी कारण बताओ नोटिस में बीईओ ने कहा है कि यह स्थिति अत्यंत ही खेदजनक है। विद्यालय में शिक्षण कार्य न करने से बच्चों का भविष्य अंधकारमय हो रहा है। यह कृत्य बेसिक शिक्षा परिषद नियमावली का घोर उल्लंघन और अनुशासनहीनता का द्योतक है। उक्त कृत्यों को देखते हुए क्यों न सभी के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की संस्तुति कर दी जाए, इस संबंध में अविलंब साक्ष्य सहित स्पष्टीकरण की मांग की गई है।

Deepak Kumar

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