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Sonbhadra: बकाएदार सुधाकर के मौत की होगी मजिस्ट्रियल जांच, राजस्व बंदीगृह में बिगड़ी थी तबियत

Sonbhadra: राबर्ट्सगंज तहसील के राजस्व बंदीगृह में बंद रहे बकाएदार सुधाकर प्रसाद दूबे की अचानक से तबियत बिगड़ने और इलाज के लिए ले जाते समय मौत होने के मामले की मजिस्ट्रियल जांच की जाएगी।

Kaushlendra Pandey
Updated on: 24 May 2022 2:09 PM GMT
Sonbhadra News In Hindi
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बकाएदार सुधाकर के मौत की होगी मजिस्ट्रियल जांच। (Social Media)

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Sonbhadra: राबर्ट्सगंज तहसील (Robertsganj Tehsil) के राजस्व बंदीगृह में बंद रहे बकाएदार सुधाकर प्रसाद दूबे की अचानक से तबियत बिगड़ने और इलाज के लिए ले जाते समय मौत होने के मामले की मजिस्ट्रियल जांच की जाएगी। इसके लिए डीएम चंद्र विजय सिंह (DM Chandra Vijay Singh) की तरफ से निर्देश जारी कर दिए गए हैं। जांच उप जिलाधिकारी मुख्यालय प्रमोद कुमार तिवारी (Deputy District Magistrate Headquarters Pramod Kumar Tiwari) को सौंपी गई। है। उन्हें बकाएदार सुधाकर के मृत्यु की प्रत्येक पहलू से सघन जांच करने और इसकी स्पष्ट आख्या उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है। मामले को लेकर मौत के दिन से ही तरह-तरह की चर्चा बनी हुई है।

यह है पूरा मामला

राबर्ट्सगंज के धर्मशाला चैराहे के पास स्थित मेसर्स दूबे इलेक्ट्रानिक के प्रोपराइटर सुधाकर प्रसाद दूबे ने यूनियन बैंक ऑफ इण्डिया से व्यवसाय के लिए कर्ज लिया हुआ था। इसकी समय से अदायगी न होने पर बैंक की तरफ से 10 लाख 21 हजार 351 रूपये की आरसी तहसील को भेज दी। बकाए की वसूली के क्रम में तहसीलदार ब्रजेश कुमार वर्मा (Tehsildar Brajesh Kumar Verma) और उनके मातहतों की तरफ से बकाएदार को गत 12 मई को गिरफ्तार कर तहसील परिसर स्थित राजस्व हवालात में निरूद्ध कर दिया। तहसील प्रशासन के मुताबिक नजारत के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी हरेराम ने शाम पांच बजे के करीब सूचना दी कि बाकीदार सुधाकर प्रसाद दूबे की तबीयत खराब है। इस पर तहसीलदार ने बाकीदार को राजस्व हवालात से अवमुक्त किया और उन्हें जिला अस्पताल भेजा गया। वहां से वाराणसी के लिए रेफर कर दिया गया। रास्ते में जाते समय मौत हो गई।

पीयूसीएल की तरफ से की गई थी मजिस्ट्रियल जांच की मांग

प्रकरण में पीयूसीएल (PUCL) की तरफ से डीएम को पत्र भेज मामले में मजिस्ट्रियल जांच की मांग की थी। आरोप लगाया था कि राजस्व बंदीगृह में भयंकर गर्मी और उससे बचाव के लिए कोई इंतजाम, जीवन रक्षक सुविधाओं की व्यवस्था किए बिना, सुधाकर दूबे को कई दिन तक बंद रखा गया। राजस्व संग्रह के लिए उन्हें बार-बार उत्पीड़ित किया गया जिससे उनकी मौत हो गई। मामले में मानवाधिकार हनन और अमानवीय कृत्य बताते हुए कार्रवाई की मांग की। वहीं उधर, तहसीलदार बृजेश कुमार ने आरोपों को गलत बताया था। वहीं न्यूजट्रैक की तरफ से भी इस मामले को प्रमुखता से उठाया गया था।

डीएम ने एसडीएम से मांगी आख्या, इसके बाद दिया निर्देश

मामला डीएम के संज्ञान में पहुंचा तो उन्होंने एसडीएम राबटर्सगंज राजेश कुमार सिंह (SDM Robertsganj Rajesh Kumar Singh) से आख्या तलब की। उनकी आख्या के बाद मामले में मजिस्ट्रियल जांच के निर्देश जारी कर दिए गए। सरकारी प्रवक्ता ने मजिस्ट्रियल जांच का निर्देश दिए जाने की पुष्टि की। बताया कि एसडीएम मुख्यालय को मामले की जांच सौंपी गई है। मृत्यु के कारणों व अन्य आवश्यक पहलुओं की विधिवत निष्पक्ष जाॅच की जा सके, इसके लिए डीएम की तरफ से भी निर्णय लिया गया है।

Deepak Kumar

Deepak Kumar

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