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Sonbhadra News : दहेज के लिए पत्नी का कुल्हा़ड़ी से किया था कत्ल, मिली उम्रकैद, गीता हत्याकांड में आया न्यायालय का बड़ा फैसला
Sonbhadra News: दहेज की मांग पूरी न होने पर, कुल्हाड़ी से पत्नी का कत्ल करने के दोषी को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है।
Sonbhadra News Today Geeta Murder Case
Sonbhadra News: गीता हत्याकांड में बड़ा फैसला आया है। दहेज की मांग पूरी न होने पर, कुल्हाड़ी से पत्नी का कत्ल करने के दोषी को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। इस नृशंस हत्याकांड की शुक्रवार को अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी/ सीएडब्लू, सोनभद्र अर्चना रानी की अदालत में सुनवाई की गई। अधिवक्ताओं की तरफ से दी गई दलीलों, गवाहों की तरफ से परीक्षित कराए गए बयानों और पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर दोषसिद्ध पाया गया और पत्नी की हत्या के दोषी श्याम लाल गोड़ को उम्रकैद के साथ 21 हजार अर्थदंड की सजा सुनाई गई। अर्थदंड अदा न करने पर 6 माह की अतिरिक्त कैद भुगतने के लिए कहा गया।
इस-इस धारा के तहत पाया गया दोषी
प्रकरण को लेकर थाना रामपुर बरकोनिया थाने में धारा 498ए, 304बी, 302 आईपीसी के तहत केस दर्ज किया गया था। सुनवाई के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर धारा 498ए आईपीसी के अपराध के लिए तीन वर्ष का कठोर कारावास, एक हजार रुपये अर्थदंड, धारा 302 आईपीसी के लिए आजीवन कारावास और 20 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी। जेल में बिताई गई अवधि सजा में समायोजित की जाएगी।
यह था मामला
अभियोजन कथानक के रामवृक्ष गोंड़ पुत्र मंगरु गोड़ निवासी ग्राम करौंदिया, थाना रामपुर बरकोनिया की तरफ से रामपुर बरकोनिया थाने में 8 जून 2019 को एक तहरीर दी गई थी। इसके जरिए अवगत कराया गया था कि उन्होंने अपनी पुत्री गीता की शादी साढ़े छह वर्ष पूर्व श्याम लाल गोंड़ पुत्र हरिनारायण गोड़ निवासी पल्हारी, थाना रामपुर बरकोनिया के साथ की थी। सामर्थ्य मुताबिक उपहार स्वरूप सामान भी दिया था। बावजूद उनकी पुत्री गीता को पति श्यामलाल द्वारा मारा पीटा जाने लगा। दोनों के संयोग से एक बेटी और एक बेटा भी पैदा हुए। बावजूद प्रताड़ना में सुधार नहीं आया।
आधी रात कुल्हाड़ी से वार कर की गई हत्या:
आरोप लगाया गया कि 7/8 जून 2019 की रात में दहेज में रुपये की मांग को लेकर गीता की कुल्हाड़ी से हत्या कर दी गई। इसकी सूचना उसे रात 12.30 बजे मोबाइल पर मिली। सुबह वह बेटी के ससुराल पहुंचा तो उसके शरीर पर चोट के निशान थे और मृत हाल में पड़ी थी। दावा किया गया कि दहेज के लिए गीता की कुल्हाड़ी से वार कर हत्या कर दी गई। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की विवेचना की। जांच के दौरान कई गवाहों ने आरोपों की पुष्टि की। पति के पास से आला कत्ल कुल्हाड़ी बरामद किया गया। पीएम रिपोर्ट में मृतका के शरीर पर चार चोटें पाई गईं। वारदात के दौरान लगी चोट और उसके हुए अत्यधिक रक्तस्राव को मौत का कारण बताया गया। शादी के सात वर्ष के भीतर उसके वैवाहिक घर में असामान्य परिस्थितियों में हुई मौत/हत्या के लिए पति को दोषी पाते हुए उपरोक्त सजा सुनाई गई। अभियोजन पक्ष की तरफ से मामले की पैरवी सरकारी अधिवक्ता सत्यप्रकाश त्रिपाठी ने की।