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Sonbhadra News: जिंदा बेटी को कागजात में मृत दिखा बेची जमीन, हथियाया मोटर दुर्घटना क्लेम, सौतेली मां-सौतेले भाइयों सहित दस पर धोखाधड़ी का केस

Sonbhadra News: सड़क दुर्घटना में पिता की मौत के बाद, बेटी को जिंदा रहने के बावजूद मृत दिखाते हुए सौतेली मां और सौतेले भाइयों द्वारा पारिवारिक संपत्ति हड़पने का घिनौना खेल सामने आया है।

Kaushlendra Pandey
Published on: 20 Feb 2024 3:24 PM GMT (Updated on: 20 Feb 2024 4:13 PM GMT)
Live daughter shown dead in documents, sold land, grabbed motor accident claim, fraud case against ten including step mother and step brothers
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जिंदा बेटी को कागजात में मृत दिखा बेची जमीन, हथियाया मोटर दुर्घटना क्लेम, सौतेली मां-सौतेले भाइयों सहित दस पर धोखाधड़ी का केस: Photo- Newstrack

Sonbhadra News: सड़क दुर्घटना में पिता की मौत के बाद, बेटी को जिंदा रहने के बावजूद मृत दिखाते हुए सौतेली मां और सौतेले भाइयों द्वारा पारिवारिक संपत्ति हड़पने का घिनौना खेल सामने आया है। मामला चोपन थाना क्षेत्र से जुड़ा है। आरोप है कि, पिता की मौत के बाद मिले दुर्घटना क्लेम को भी सौतेली मां-सौतेले भाइयों ने हथिया लिया। धोखाधड़ी और कूटरचना के पांच-छह वर्ष पुराने इस खेल में अब जाकर कोर्ट के हस्तक्षेप पर एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने इस मामले में सौतेली मां सहित छह के खिलाफ धारा 419, 420, 467, 468, 471, 504, 506, 406 आईपीसी के तहत केस दर्ज किया है।

चोपन थाना क्षेत्र के झपरहवा निवासी मंजू कुमारी पत्नी हरिशंकर ने दिए प्रार्थना पत्र में कहा है कि उसकी माता भगवंती देवी की 30 मार्च 1999 को मृत्यु हो गई थी। उसके दो साल बाद, उसके पिता रामलाल फुलवंती नामक महिला से विवाह किया। रामलाल की पहली पत्नी तीन संतान मीनू, मुन्नीलाल और मंजू थे। वहीं दूसरी पत्नी से दो बेटे शिवसागर उर्फ सुखसागर और पंकज पैदा हुए। रामलाल ने अपने जीवनकाल में ही पहली पत्नी से उत्पन्न बड़ी बेटी मीनू का विवाह कर दिया था। जबकि बेटा मुन्नीलाल और मंजू अविवाहित थे।

सौतेली मां और भाइयों ने मिलकर किया खेल

इस बीच सड़क हादसे में पांच जनवरी 2011 को रामलाल को मौत हो गई। बेटी मंजू का आरोप है कि उसके पिता की मौत के बाद उसकी सौतेली मां और भाइयों ने उसे जिंदा रहने के बावजूद मृत दर्शाकर जहां पिता के नाम रही पूरी जमीन पर अपना नाम दर्ज करा लिया। वहीं, बगैर किसी फाटबंदी के जमीन की बिक्री भी शुरू कर दी। उसे मृत दिखाकर, मोटर एक्सीटेंड क्लेम के रूप में मिली धनराशि भी उसे और उसके भाई की जानकारी में लाए बिना हड़प ली गई। जब उसे पूरी घटना की जानकारी हुई तो वह अपने पिता और चाचा के साथ तहसील जाकर पूरी जानकारी निकाली।


वहीं सब रजिस्ट्रार दफ्तर जाकर बैनामे के बारे में पता किया। आरोप के मुताबिक जब उसने सौतेले मां-भाइयों से इसके बारे में जानकारी चाही तो उसे धमकियां दी गई। पूरे मामले की जानकारी के बाद पुलिस से कार्रवाई की गुहार लगाई। कोई मदद नहीं मिली तो अदालत का दरवाजा खटखटाया। वहां से मिले आदेश के बाद, चोपन पुलिस ने प्रकरण में केस दर्ज कर लिया। पुलिस के मुताबिक मामले में सौतेली मां फुलवंती, भाई शिवसागर उर्फ सुखसागर, पंकज के साथ ही, जमीन खरीदार और गवाह रहे राजेंद्र प्रसाद, राधेश्याम और रामप्रसाद के खिलाफ आईपीसी की धारा 419, 420, 467, 468, 471, 504, 506, 406 के तहत केस दर्ज किया गया है और प्रकरण की छानबीन की जा रही है।

Shashi kant gautam

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