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Sonbhadra News: 5000 लोगों पर मंडराते विस्थापन के खतरे को लेकर बाशिंदों का प्रदर्शन, सौंपा ज्ञापन

Sonbhadra News Today: बताते चलें कि वाराणसी-शक्तिनगर मार्ग से सटे बीना बस स्टैंड से लेकर सीएचपी, गल्ला बस्ती तक लगभग 5000 की आबादी वषों से निवास कर रही है।

Kaushlendra Pandey
Published on: 5 March 2024 7:31 PM IST
Sonbhadra News Today Protest Against NCL Management
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Sonbhadra News Today Protest Against NCL Management

Sonbhadra News: एनसीएल बीना प्रोजेक्ट की हाइवे से सटी बस स्टैंड, सीएचपी बस्ती, गल्ला बस्ती को लेकर चल रहे सर्वे और अंदरखाने बस्ती को हटाने की चल रही कवायद को लेकर मंगलवार को सैकड़ों लोग, जीएम कार्यालय पर धमक पडे़। एनसीएल प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए हटाने को लेकर चल रही प्रक्रिया का विरोध जताया। बगैर किसी विस्थापन लाभ के हटाए जाने को लेकर आंदोलन की भी चेतावनी दी। स्टाफ अधिकारी पीके श्रीवास्तव को मांगों से संबंधित एक ज्ञापन भी सौंपा।

बताते चलें कि वाराणसी-शक्तिनगर मार्ग से सटे बीना बस स्टैंड से लेकर सीएचपी, गल्ला बस्ती तक लगभग 5000 की आबादी वषों से निवास कर रही है। सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए, लगभग तीन सप्ताह से इस बस्ती को लेकर सर्वे, नापी-जोखी की अपनाई जा रही है। बताया जा रहा है कि सर्वे-नापी जोखी के साथ ही, इस बस्ती को हटाने को लेकर भी अंदरखाने प्रबंधन प्रक्रिया जारी रखे हुए हैं।


बताते हैं कि मंगलवार को बस्ती के कुछ लोगों को किसी के जरिए जानकारी मिली कि निर्माण हटाने के लिए उन्हें नोटिस देने की तैयारी चल रही है। जैसे ही यह जानकारी बस्ती के कुछ लोगों को मिली, पूरे बस स्टैंड एरिया में यह खबर आग की तरह फैल गई और कुछ देर में ही दर्जनों लोग, एनसीएल बीना कोल प्रोजेक्ट के जीएम दफ्तर पर जा धमके ओर नारेबाजी शुरू कर दी।


अचानक से दर्जनों लोगों को आया देख एकबारगी प्रबंधन में भी हडकंप की स्थिति बन गई। मौके पर पहुंचे परियोजना के स्टाफ अधिकारी पीके श्रीवास्तव ने बस्ती के लोगों को उनके साथ बैठक, विचार-विमर्श कर ही किसी निर्णय पर पहुंचने का आश्वासन दिया, तब जाकर लोग शांत हुए।

जमशीला प्रधान कलावती देवी की अगुवाई में पहुंचे रहवासियों का कहना था कि लगभग 40 वर्षों से बीना बस स्टैंड, गल्ला बस्ती और सीएचपी शिव मंदिर बस्ती में सैकड़ों लोग घर-मकान बनाकर निवासरत हैं। कोई मजदूरी का काम कर रहा है तो कोई ठेला, खुमचा, सब्जी दुकान, गाय-भैंस पालकर अपना-अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहा है। अगर बेदखली की कार्रवाई की गई तो एक झटके में पांच हजार लोग सडक पर आ गए। रहवास और रोजगार की कोई व्यवस्था न होने के कारण सभी के सामने भूखमरी की स्थिति पैदा हो जाएगी।



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