खबर का असर: बेटे की लाश गोद में लेकर हॉस्पिटल जाने के मामले पर DM ने लिया संज्ञान

डीएम अमृत त्रिपाठी ने newstrack.com को बताया कि बच्चे का शव गोद मे ले जाने के मामले मे गंभीरता से जांच कराई गई। जिसमे घटना सही पाई गई। शव को घर तक पहुचाने के लिए शव वाहन नही दिया गया था।

शाहजहांपुर: newstrack.com ने बेटे की लाश मां गोद मे ले जाने वाली खबर प्रमुखता से दिखाई थी। इस खबर पर डीएम ने आज मोहर लगा दी। उन्होंने खबर का संज्ञान लेकर मेडिकल कालेज मे छापा मारा। जहां उन्होने पूछताछ के दौरान घटना को सही पाया।

इसके बाद डीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मेडिकल कॉलेज प्रशासन के खिलाफ शासन को रिपोर्ट भेज दी है। और दोबारा ऐसी घटना न हो इसके लिए कङे आदेश दिए हैं। इस दौरान उन्होंने गंदगी देखकर कङी नाराजगी जताई और सामने खड़े इंस्पेक्टर से गंदगी करने की धारा पूछी तो वह जवाब नही दे सके। हालांकि डीएम ने इंस्पेक्टर के खिलाफ कार्रवाई के लिए लिखा है।

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दरअसल डीएम अमृत त्रिपाठी ने newstrack.com की खबर पर मोहर लगा दी है। दो दिन पहले मेडिकल कालेज मे 9 साल के बच्चे की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। परिवार बेहद गरीब था। किराए के लिए पैसे नही थे। मृतक के परिवार ने मेडिकल कॉलेज प्रशासन से शव वाहन देने की गुहार लगाई लेकिन उन्होंने इंकार कर दिया। उसके बाद मां अपने बेटे के शव को गोद मे लेकर दर दर भटकती रही और लोगो ने उसको चंदा इकट्ठा करके घर भेजा।

इस खबर को सबसे पहले newstrack.com ने दिखाया। डीएम ने हमारी खबर का संज्ञान लिया और घटना की जांच सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपी। जांच मे घटना सही पाई गई। जिसके बाद आज डीएम अमृत त्रिपाठी खुद अस्पताल पहुच गए। जहां उन्होने लोगो से बातचीत की और मेडिकल कॉलेज के अधिकारियों से पूछताछ की। जिसमे घटना पूरी तरह से सच निकली और डीएम ने मेडिकल कालेज प्रशासन के खिलाफ शासन को रिपोर्ट भेज दी है। और साथ ही उन्होंने कङी चेतावनी दी है कि अगर दोबारा ऐसा होता है तो किसी भी कीमत पर बख्शा नही जाएगा।

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डीएम अमृत त्रिपाठी ने newstrack.com को बताया कि बच्चे का शव गोद मे ले जाने के मामले मे गंभीरता से जांच कराई गई। जिसमे घटना सही पाई गई। शव को घर तक पहुचाने के लिए शव वाहन नही दिया गया था। ये बङी लापरवाही थी। मेडिकल कॉलेज प्रशासन के खिलाफ रिपोर्ट शासन को भेज दी है।

इसके बाद डीएम अस्पताल गेट तक पहुचे तो उन्होंने सिर्फ गंदगी ही गंदगी मिली। जिसके देखकर डीएम का पारा हाई हो गया। सामने ही उन्होंने गुटखे की दुकान दिख गई। जिसके बाद उन्होंने नगर आयुक्त इंस्पेक्टर कोतवाली को जमकर फटकार लगाई और उन्होंने इंस्पेक्टर से पूछा कि गंदगी करने पर कौन सी धारा लगाई जाती है। ये सवाल सुनकर इंस्पेक्टर साहब बगले झांकने लगे और वह धाराएं नही बता पाए। डीएम ने एसडीएम को आदेश दिया कि इंस्पेक्टर कोतवाली के खिलाफ कार्यवाई केे लिए तत्काल लिखा जाए।

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