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लोहियावादी ​पित्ती को भूली सपा सरकार, बर्थ एनिवर्सिरी पर नहीं किया याद

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Published on 30 March 2016 6:34 AM GMT

लोहियावादी ​पित्ती को भूली सपा सरकार, बर्थ एनिवर्सिरी पर नहीं किया याद
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लखनऊ: बद्री विशाल पित्ती समाजवादी सोच के राजनेता थे। मौजूदा समय में अगर लोहिया साहित्य आम आदमी को सुलभ उपलब्ध हैं तो यह पित्ती की ही देन है, लेकिन अब सपा मानो उनको भूल ही गई है। सोशलिस्ट नेता पित्ती का जन्मदिन 28 मार्च को बीत भी गया और उनकी विचारधारा से प्रभावित कार्यकर्ता पार्टी की तरफ से आयोजित होने वाले समारोह का इंतजार करते रह गए। सपा ने इस मौके पर भी उनको याद नहीं किया।

पिछले साल सपा मुख्यालय में हुआ था भव्य आयोजन

बीते साल सपा मुख्यालय में बद्री विशाल पित्ती के जन्मदिन पर भव्य समारोह का आयोजन किया गया था। इसमें मुलायम ने पित्ती को याद करते हुए कहा था,'' लोहिया जी के सद्धांतों को मानने के साथ ही उनके साहित्य को पढ़ने वालों को ही पार्टी का टिकट मिलेगा। उन्होंने नेताओं और कार्यकर्ताओं को डॉ. राम मनोहर लोहिया से सीख लेने को प्रेरित भी किया था।''

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हमेशा लोहिया के साथ रहे पित्ती

बद्री विशाल पित्ती उम्र भर डॉ. लोहिया के साथ भाई और एक दोस्त की तरह रहे। उनके गुजर जाने के बाद भी सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव के रूप में उन्होंने समाजवादी नेता देखा और समाजवादी आंदोलन को आगे बढ़ाने में उनका सक्रिय सहयोग किया।

निजामशाही के खिलाफ आंदोलन में शामिल रहे

बद्री ने 14 साल की उम्र में भारत छोड़ो आंदोलन में हिस्सा लिया और निजामशाही के खिलाफ आंदोलन किया। हैदराबाद को भारत में मिलाने, बाद के दिनों में अनाज के दाम कम करने और 1959 में अंग्रेजी हटाओ आंदोलन में भी पित्ती मुख्य तौर पर शामिल रहे।

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सोशलिस्ट पार्टी के गठन में निभाई थी मुख्य भूमिका

साल 1955 की समाप्ति और 1956 की शुरुआत में सोशलिस्ट पार्टी का गठन हुआ। इसमें बद्री विशाल पित्ती की मुख्य भूमिका थी। भविष्य के समाजवादी आन्दोलन में उनकी निगाह सदैव मुलायम सिंह यादव पर रही और 75 वर्ष की आयु में 6 दिसम्बर 2003 में उन्होंने इस संसार से विदा ली। वह सोशलिस्ट पार्टी के टिकट पर आंध्र विधानसभा के सदस्य भी रहे। इस पार्टी के नवउदय में पित्ती जी का समर्पित योगदान रहा।

सपा प्रवक्ता से आसान नहीं बात

इस मामले पर जब पार्टी प्रवक्ता और कैबिनेट मंत्री राजेन्द्र चौधरी से 29 मार्च को बात करने की कोशिश की गई तो फाने उठाने वाले ने बताया कि मंत्री जी अभी पांच कालिदास मार्ग पर हैं। 30 मार्च की सुबह भी फोन उठा, लेकिन यही बताया गया कि मंत्री जी सीएम आवास पर हैं। इसलिए बात नहीं हो सकती।

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