कॉलेज की मान्यता निरस्त होने को लेकर छात्रों ने गोरखपुर देवरिया मार्ग किया जाम

बी आर डी डिग्री कालेज में फर्जी तरीके से जमीन हथिया कर बी एस सी ए जी की मान्यता लेने का मामला 44 साल बाद तूल पकड़ा जिसको लेकर प्रशासन ने कार्यवाही में निरस्त कर दिया तो वहां के पढने वाले छात्रों को अपना भविष्य अंधकार में दिखने लगा।

कॉलेज की मान्यता निरस्त होने को लेकर छात्रों ने गोरखपुर देवरिया मार्ग किया जाम

गोरखपुर /देवरिया: बी आर डी डिग्री कालेज में फर्जी तरीके से जमीन हथिया कर बी एस सी ए जी की मान्यता लेने का मामला 44 साल बाद तूल पकड़ा जिसको लेकर प्रशासन ने कार्यवाही में निरस्त कर दिया तो वहां के पढने वाले छात्रों को अपना भविष्य अंधकार में दिखने लगा। जिसमें आज पुरवा चौराहा पर देवरिया गोरखपुर मेन रोड को सैकड़ों छात्रों द्वारा जाम कर दिया और प्रशासन द्वारा की गई कार्यवाही को निरस्त करने की मांग करने लगे। घन्टों मान मनौव्वल के बाद भी जब छात्र नहीं माने तो पुलिस ने लाठीचार्ज कर छात्रों को तीतर बितर कर जाम को खुलवाया।

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उत्तर प्रदेश के देवरिया जनपद का पुरवा चौराहा— जहां आज बी आर डी डिग्री कालेज के छात्रों ने देवरिया गोरखपुर मार्ग को जाम कर दिया ।
जय सिंह यादव ( छात्र संघ अध्यक्ष बी आर डी पी जी कालेज )कहना है कि 1954 से हमारे कालेज के नाम से भूमि दर्ज थी और उसी से मान्यता भी हुआ था। लेकिन एस डी एम ने भू माफियाओं के दबाव में आकर हमारे कालेज की जमीन की पट्टा को निरस्त कर दिया जिससे हमारी कृषि कालेज की मान्यता भी निरस्त हो जाएगी ।क्योकि उसी की वजह से कृषि ए जी की मान्यता मिली थी । हम लोगो ने पहले भी ज्ञापन दिया था लेकिन कोई कार्यवाही नही हुई । आज हम लोगो ने चक्का जाम किया है पुलिस ने लाठीचार्ज किया है जिसमे हमारे एक भाई का पैर टूट गया है और एक का सर फट गया है । डी एम साहब ने बुलाया है वार्ता के लिए । वही इस जाम की वजह से कई एम्बुलेंस फंसे रहे । पुलिस लाठी चार्ज के दौरान भगदड़ मच गया और कई लोग अपने बाइक छोड़ कर भाग गए ।

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वहीँ  इस मामले में ए डी एम प्रशासन राकेश पटेल का कहना था कि उप जिलाधिकारी कोर्ट में यहां का पी जी कालेज है उनकी मान्यता है लेकिन फर्जी तरिके से खतौनी में कागज में हेर फेर कर 40 से 50 साल पूर्व कृषि विद्यालय की मान्यता ली गई थी शिकायत पर जांच की गई।  उत्तर प्रदेश सरकार का 12 का एक शासनादेश है जिसमे असमी पट्टे जितने हुए थे वो सभी खरिज कर वापस ग्राम सभा के जमीनों के रूप में दर्ज कर लिए गए थे कुल लगभग 44 से 45 बीघे जमीन है यह पूर्णतः ग्राम सभा की जमीन है यह जमीन कालेज के नाम स्व बिना किसी सक्षम अधिकारी के आदेश से दर्ज किए हुए है । गलत इंद्राज को सही किया गया है कोर्ट के आदेश से सही किया गया है अगर इनकों  कही अपील करनी है ऊपर के कोर्ट में अपील कर सकते है । ग्राम सभा की जमीन को किसी मैनेजमेंट वाले कालेज को मुफ्त में नहीं  दिया जा सकता है । आवेदन दे सकते है अगर प्रशासन समझेगा तो जमीन देगा यहां के प्रिंसिपल के द्वारा गलत तरीके से बच्चो से सड़क जाम कराया है ।

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