शामली: ‘ब्लू व्हेल गेम’ का टास्क पूरा करने में छात्र ने दी जान, रेलवे ट्रेक पर मिला शव

निया भर के बच्चों और उनके माता-पिता के लिए ब्लू व्हेल गेम यानी एक खूनी खेल खौफ का दूसरा नाम बन चुका है। बुधवार को शामली के कांधला थाना क्षेत्र में 7वीं क्लास के 12 वर्षीय निशांत ने सामने से आती हुई रेल में टक्कर मारकर जान दे दी। बताया जा रहा है कि इस गेम को खेलने के बाद ही निशांत को हीरे जवारात मिलने की बात कही गई थी।

Published by priyankajoshi Published: September 23, 2017 | 1:07 pm
Modified: September 23, 2017 | 3:44 pm

शामली : दुनिया भर के बच्चों और उनके माता-पिता के लिए ब्लू व्हेल गेम यानी एक खूनी खेल खौफ का दूसरा नाम बन चुका है। बुधवार को शामली के कांधला थाना क्षेत्र में 7वीं क्लास के 12 वर्षीय निशांत ने सामने से आती हुई रेल में टक्कर मारकर जान दे दी। बताया जा रहा है कि इस गेम को खेलने के बाद ही निशांत को हीरे जवारात मिलने की बात कही गई थी।

दरअसल, घटना जनपद शामली के थाना कांधला क्षेत्र के एलम गांव का है। गांव निवासी विनोद पंवार का पुत्र निशांक न्यू ईरा इंटर कॉलेज ककडीपुर में कक्षा 7 का छात्र है। जिसकी ब्लू व्हेल गेम के कारण मौत हो गई। निशांक के परिजनो ने बताया कि गांव के रेलवे स्टेशन से दो किलोमीटर एक बकरी चराने वाले ने गांव में आकर जानकारी दी कि रेलवे लाईन पर एक बच्चा कट कर मर गया। बच्चे की मौत की खबर से गांव में सनसनी फैल गई।

क्या कहा चरवाहे ने?
चरवाहे ने बताया कि जब वह बच्चा जा रहा था तो उससे पूछा की कहा जा रहा है। तो उसने बताया कि मै विनोद का लडका हूं। और अपने खेत में जा रहा हूं। जिससे हमें पता चला जा कर देखा तो बच्चे के शरीर के टुकड़े-टुकड़े हुए पडे थे। उसके कपड़ो से उसकी पहचान हो पाई है। सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। बच्चे का पोस्मार्टम ना करवाने के लिए परिजनो ने पुलिस को लिख कर दिया कि बच्चा ट्यूशन पढ़ने नहीं जा रहा था तो पिता के डांटने पर उसने ये कदम उठाया है।

मृतक के दोस्त ने क्या कहा?
मौत की खबर स्कूल में भी फैल गई जिससे स्कूल अध्यापक और उसके सहपाठी भी अंतिम संस्कार के समय आए। परिजनो में मचे कोहराम को देख कर उसके साथ पढ़ने वाले छात्र विपुल गांव भारसी निवासी ने बताया कि यह सब ब्लू व्हेल गेम के कारण हुआ है। हम तीन दोस्त यह गेम खेल रहे थे। जिसमें मैं 28वी स्टेज पर था, वह दूसरा 23वीं स्टेज पर था। निशांक 49वीं स्टेज पर पहुंच गया था। जिसके लिए उसे यह टास्क दिया गया था। उसने हमें स्कूल में बताया था। कि उसे आती हुई रेल में सामने से टक्कर मारेगा तो उसे हीरे जवारात मिलेगे। जिससे उसने टास्क पूरा करने के लिए यह सब किया।

मौत से बेहद भयभीत
विपुल और दूसरा छात्र सोनू निशांक की मौत से बेहद भयभीत हो गए है। अब डर की वजह से वे किसा से बात भई नहीं कर रहे हैं। उनके घर वाले उन्हें किसी से मिलने भी नहीं दे रहे। फिलहाल, बच्चे के मन से डर निकालने का प्रयास किया जा रहा है।

क्या कहना है मृतक के ताऊ का?
निशांक के ताऊ चंद्रपाल ने बताया कि निशांक कक्षा 7 में पढता था। और ब्लू व्हेल गेम की वजह से उसने रेल में टक्कर मार ली जिससे उसकी मौत हो गई। चंद्रपाल  ने कहा, ‘हम सरकार से यह कहते है कि इस गेम को किसी तरह बंद कराओ जिससे हमारे बेटे की तरह किसी और की जिंदगी ना जाए।

क्या कहना है एडिशनल एसपी का?
शामली एडिशनल एसपी जगदीश चन्द्र शर्मा ने बताया कि कांधला थाना क्षेत्र के एलम में एक बच्चे ने कूद कर जान दे दी है। 13  छात्र जो कि ककडीपुर के एक स्कूल में कक्षा 7 में पढता था। कारणो की जांच की जा रही है। किस कारण आत्महत्या की है। ब्लू व्हेल गेम के बिन्दू पर भी जांच की जा रही है। ब्लू व्हेल गेम खेलने से जो बच्चे है। 12 से 15-16 साल के उनके द्वारा आत्म हत्या की जा रही है। उनका कहना है कि अविभावक और टीचर्स और जो बच्चों के साथ रहने वाले है उनको ध्यान रखना पड़ेगा। उन्इहोंने कहा, ‘गेम में ऐसा बताया जा रहा है। कि जब बच्चें यह गेम खेलते है, तो घरवालों से अलग होना शुरू हो जाते है और आत्महत्या की तरफ मुड जाते है।इस पर उनको बच्चों की ओर ध्यान देने की जरूरत है।

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