सुल्तानपुर : अस्पताल में डॉक्टर की लापरवाही से माँ की गोद हुई सूनी

 डिस्ट्रिक्ट महिला हास्पिटल की बड़ी लापरवाही एक बार फिर उजागर हुई है। सीएससी से रेफर होकर आई गर्भवती महिला को हास्पिटल मे दस घंटे तक पूर्ण रूप से इलाज नहीं मिला। खबर बीजेपी जिला मंत्री पूजा कसौधन तक पहुंची, उनके यहां पहुंचने के बाद चिकित्सक हरकत मे आई लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी, गर्भ मे पल रहे शिशु ने दुनिया देखने से पहले ही मौत को गले लगा लिया था।

Published by Roshni Khan Published: July 16, 2019 | 9:55 am
Modified: July 16, 2019 | 10:12 am

सुल्तानपुर : डिस्ट्रिक्ट महिला हास्पिटल की बड़ी लापरवाही एक बार फिर उजागर हुई है। सीएससी से रेफर होकर आई गर्भवती महिला को हास्पिटल मे दस घंटे तक पूर्ण रूप से इलाज नहीं मिला। खबर बीजेपी जिला मंत्री पूजा कसौधन तक पहुंची, उनके यहां पहुंचने के बाद चिकित्सक हरकत मे आई लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी, गर्भ मे पल रहे शिशु ने दुनिया देखने से पहले ही मौत को गले लगा लिया था।

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सोमवार की दोपहर भर्ती हुई थी गर्भवती महिला

जानकारी के अनुसार राम आशीष यादव की बेटी रोली यादव गर्भ से थी जिसे कूरेभार सीएससी से चिकित्सको ने सोमवार की दोपहर महिला अस्पताल रेफर कर दिया था। राम आशीष यादव ने बताया कि सीएससी मे ही बच्चे का हाथ गर्भ से बाहर आ गया था। ऐसी स्थित मे हम लोग दो बजे गर्भवती को यहां लेकर पहुंच गए थे।

ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक रिचा शर्मा ने उसे एडमिट किया और कहा घंटे दो घंटे रुके रहो। पांच छः घंटे रोके रखी और कोई रिलीफ नहीं हुआ। लास्ट मे उन्होंने कहा के समय नहीं दे सकते तो मैं रेफर कर दूंगी कही भी ले जाओ। यहां पर इस बीच मे दस दलाल मिले सभी महिलाए। यहां से ले चलो इस अस्पताल मे ले चलो उस अस्पताल मे ले चलो।

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भाजपा जिला मंत्री की सख्ती के बाद हुआ आपरेशन

इस बीच ये ख़बर समाज सेवी जय सिंह रघुवंशी और भाजपा की जिला मंत्री पूजा कसौधन को रोली के पिता व राम आशीष यादव ने दी। सूचना मिलने के बाद दोनो आनन फानन मे यहां पहुंचे। चिकित्सक रिचा पहले तो भाजपा नेत्री को पहचान नहीं सकी और अपना रवैया दिखाती रही। जब उन्होंने अपना परिचय दिया तो सम्पूर्ण इलाज की बात कहकर वो उठ खड़ी हुई। पूजा कसौधन ने सीएमओ से फोन पर बात कर जिला महिला चिकित्सालय की अव्यवस्था और महिला दलालों की हकीकत से उन्हे अवगत कराया।

महिला अस्पताल की सीएमएस उर्मिला चौधरी के नाक के नीचे चल रहे महिला दलालो के नेटवर्क की हकीकत को मरीज रोली यादव के पिता राम आशीष यादव ने किया उजागर। आनन – फानन मे सर्जन बुलाकर रोली का आपरेशन तो कराया गया लेकिन बच्चा पेट में ही मर चुका था। ऐसे मे बड़ा सवाल है आखिर इस मौत का जिम्मेदार कौन?

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