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Sunil Bansal: यूपी में जीते कई संग्राम, तो अब बंसल पाए इनाम! इन राज्यों में भाजपा का झंडा करेंगे बुलंद

Sunil Bansal: BJP के प्रदेश महामंत्री सुनील बंसल को पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने राष्ट्रीय महामंत्री के पद पर तैनाती कर दी। अब सुनील बंसल पश्चिम बंगाल, ओड़िसा और तेलंगाना में भाजपा का झंडा बुलंद करने की मुहिम में जुटेंगे।

Rajendra Kumar
Updated on: 10 Aug 2022 1:53 PM GMT
Sunil Bansal
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Sunil Bansal। (Social Media)

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Sunil Bansal: उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदेश महामंत्री सुनील बंसल (State General Secretary Sunil Bansal) को पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने राष्ट्रीय महामंत्री के पद पर तैनाती कर दी। अब सुनील बंसल पश्चिम बंगाल, ओड़िसा और तेलंगाना के प्रदेश प्रभारी के तौर पर इन तीनों राज्यों में भाजपा का झंडा बुलंद करने की मुहिम में जुटेंगे। उत्तर प्रदेश में दो लोकसभा और दो विधान सभा चुनावों में भाजपा की जीत को सुगम बनाने के लिए बतौर संगठन महामंत्री उनके किए गए प्रयासों का संज्ञान लेते हुए पार्टी नेतृत्व ने उन्हें यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी हैं। भाजपा नेताओं का कहना है कि यूपी में उन्हीं देखरेख में पार्टी संगठन ने जो चुनावी संग्राम जीते, उसी का उन्हें इनाम मिला है।

यूपी में सुनील बंसल (State General Secretary Sunil Bansal) की एंट्री 2014 के लोकसभा चुनाव (2014 Lok Sabha Election) के पहले उस वक्त के यूपी प्रभारी बनाए गए अमित शाह (Amit Shah) के सहयोगी के तौर पर हुई थी. यूपी में भाजपा की चुनावी सफलता के लिए रणनीति के जमीनी अमल में सुनील बंसल की भूमिका भी अहम मानी गई। वर्ष 2014 के लोकसभा चुनावों में जब भाजपा को 73 सीटों पर जीत मिली तो इनाम के तौर पर उन्हें यूपी भाजपा का संगठन महामंत्री बना दिया गया।

बंसल ने आते ही शहरी पार्टी के तौर पर चर्चित भाजपा संगठन की संरचना में नीचे तक बदलाव किए। बूथ से लेकर पन्ना प्रमुखों की संरचना कागजों से निकलकर धरातल पर उतरी और वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में 325 सीटों की शानदार विजय के लिए तय रणनीतियों की सफलता में भी बंसल एक अहम कारक माने गए। इसके बाद वर्ष 2019 में हुए लोकसभा चुनावों और वर्ष 2022 में हुए विधानसभा चुनाव में भी भाजपा की जीत में उनकी अहम भूमिका रही। वर्ष 2014, 2017, 2019 और 2022 के चुनावों के साथ वह पंचायत और नगर निकाय चुनाव में भी भाजपा की जीत के रणनीतिकारों में रहे हैं।

सुनील बंसल ने एबीवीपी से रखा था राजनीति में कदम

भाजपा में आने से पहले राजस्थान के रहने वाले सुनील बंसल ने छात्रों के बीच काम करने वाली राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की इकाई अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद(एबीवीपी) से काम शुरू किया था. वह एबीवीपी के सह संगठन मंत्री रहे. भाजपा में आने के बाद उन्होंने पार्टी में नए चेहरों को तैयार करने व जिम्मेदारी देने की कार्य संस्कृति को भी बढ़ावा दिया। लिहाजा भाजपा के विस्तार व प्रभाव के साथ ही यूपी में सुनील बंसल का भी प्रभाव और विस्तार बढ़ता गया। पार्टी के फैसलों में उनकी राय को महत्व दिया जाने लगा। वैसे भी भाजपा में संगठन महामंत्री का पद अरसे से महत्वपूर्ण रहा है। इस पद पर नियुक्ति आरएसएस की राय से की जाती है। पूर्णकालिक प्रचारकों को संगठन महामंत्री की जिम्मेदारी देने का प्रचलन है। भाजपा के लोग यह भी मानते हैं कि संगठन महामंत्री ही केंद्रीय नेतृत्व की आंख-नाक-कान होता है, इसलिए उनका हर जगह प्रभाव रहता है।

बंसल से पहले से ये थे संगठन महामंत्री

बंसल से पहले राकेश जैन, नागेंद्र नाथ भी संगठन महामंत्री रहे. लेकिन पहले सरकार या संगठन के फैसलों में उनके इतने दखल की नजीर कम मिलती है. यूपी में भाजपा के विस्तार में सुनील बंसल को भी साझीदार माना जाता है, इस वजह से उनका कद भी बढ़ा। तो भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने अब सुनील बंसल को तीन ऐसे राज्यों में भाजपा का झंडा बुलंद करने का दायित्व सौंपा है, जहां भाजपा सत्ता में आने के लिए संघर्ष कर रही है।

Deepak Kumar

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